सोशल मीडिया

मी टू मुहिम के बाद कोई संस्कारी टैग के पीछे भी नहीं बच पाएगा

Posted Date : 10-Oct-2018



सोशल मीडिया पर ‘मी टू’ अभियान लगातार चर्चा में है. इस कड़ी में सोमवार को लेखिका और निर्देशक विंता नंदा ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए अभिनेता आलोक नाथ पर दो दशक पहले उनके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया है. फेसबुक और ट्विटर पर आज यह खबर कई लोगों ने शेयर की है और इसके चलते यहां आलोक नाथ ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुए हैं. ज्यादातर लोगों ने यहां आलोक नाथ के ऊपर गुस्सा जताया है और कहा है कि उन्हें इस अपराध की सजा मिलनी ही चाहिए. ट्विटर हैंडल कैटवूमनिया पर प्रतिक्रिया है, ‘तमाम ट्रोलिंग के बीच आलोक नाथ को कानून के कटघरे में लाने से जुड़ी बात न भूली जाए. जो उन्होंने किया है, उसके लिए उन्हें जेल होनी चाहिए.’
फिल्मों और टीवी सीरियलों में निभाए अपने आदर्शवादी किरदारों की वजह से अब तक आलोक नाथ के साथ ‘संस्कारी’ का टैग जुड़ा रहा है. सोशल मीडिया में कई लोगों ने इस हवाले से उन पर तंजभरी टिप्पणियां की हैं. अनुराग मुस्कान की फेसबुक पोस्ट है, ‘‪आदमी को ‘सदाचारी’ होना चाहिए, ‘संस्कारी’ तो आलोक नाथ भी हैं.’
इसी खबर पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :
स्वाति- यानी आलोक नाथ ने ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ में एक्टिंग नहीं की थी... वही उनका असली किरदार है.
वालक-आलोक नाथ : अपेक्षा बनाम असलियत
गब्बर-अगर आलोक नाथ जैसे चरित्र अभिनेता भी अपने सहकर्मियों का बलात्कार करके बच सकते हैं तो भगवान ही जानता है कि बॉलीवुड के हमारे लीड एक्टर्स ने बीते सौ सालों में क्या किया होगा.
तोतलानी कृष्णन-मैं आलोक नाथ या विंता नंदा पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन ‘मी टू’ बिना कोई सबूत के किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा बर्बाद करने का बड़ा ही खतरनाक तरीका है.
जेट ली (वसूली भाई)-‘मी टू’ अभियान से भारत में सबसे अच्छी चीजें सामने आ रही हैं.
1. आप अब संस्कारी टैग के पीछे छिपे नहीं रह सकते.
2. एआईबी अब उबाऊ वीडियो बनाना बंद कर देगा. (सत्याग्रह)




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