राजनीति

रफाल, राहुल अब एचएएल के कर्मचारियों से बात करेंगे

Posted Date : 11-Oct-2018



नई दिल्ली, 11 अक्टूबर । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी रफाल सौदा विवाद को यूं ही छोड़ देने के मूड में नहीं दिखते। इस बारे में भारत और फ्रांस की सरकारों की ओर से आ रहे तमाम स्पष्टीकरणों के बावजूद अब राहुल गांधी संभवत: यह पता लगाने की कोशिश में हैं कि फ्रांसीसी कंपनी- दसॉ एविएशन ने रफाल लड़ाकू विमानों के निर्माण के लिए भारत में अपने साझीदार के तौर पर एचएएल (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) को क्यों नहीं चुना। खबरों की मानें तो राहुल इस सिलसिले में सीधे एचएएल के कर्मचारियों से बात करने वाले हैं।
कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव के मुताबिक एचएएल के कर्मचारियों से बातचीत के लिए राहुल गांधी शनिवार, 13 अक्टूबर को बेंगलुरू पहुंच सकते हैं। उन्होंने अपने ट्वीट के जरिए बताया कि राहुल गांधी एचएएल के कर्मचारियों से बातचीत के अलावा बेंगलुरू में ही पार्टी कार्यकर्ताओं की एक रैली को भी संबोधित करेंगे। फ्रांस से रफाल विमानों की खरीद का मूल समझौता कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र की यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार के कार्यकाल में किया गया था।
यूपीए सरकार के समय एचएएल को ही दसॉ के साथ मिलकर भारत में रफाल विमान बनाने की जिम्मेदारी दिए जाने की बात सामने आई थी। लेकिन 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद पुराना समझौता रद्द कर दिया गया। इसके बाद जो नया समझौता हुआ उसमें अब उद्योगपति अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस भारत में दसॉ की साझीदार है। इन दोनों कंपनियों के संयुक्त उपक्रम में रफाल विमानों के निर्माण का शुरूआती काम भी चालू हो गया है। इसी को लेकर मोदी सरकार पर हमले हो रहे हैं। (सत्याग्रह)

 




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