खेल

रोहित के शतक पर फिरा पानी, ऑस्ट्रेलिया 1-0 से आगे

Posted Date : 12-Jan-2019



सिडनी, 12 जनवरी। ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाजों और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला अपने नाम कर लिया। ऑस्ट्रेलिया ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर खेले गए मैच में भारत को 34 रन से मात दी। इसी के साथ मेजबान टीम ने सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। 289 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (133) की शतकीय पारी के बावजूद 9 विकेट गंवाकर 254 रन ही बना सकी। रोहित के अलावा महेंद्र सिंह धोनी ने (51) अर्धसतकीय पारी खेली। इन दोनों को छोड़कर मेहमान टीम की ओर से कोई भी बल्लेबाज ज्यादार क्रीज पर नहीं टिक सका। टीम इंडिया की खस्ता हालत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उसके छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार करने में भी नाकाम रहे। 
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने खराब शुरुआत के बाद उस्मान ख्वाजा, शॉन मार्श और पीटर हैंड्सकॉम्ब की अर्धशतकीय पारियों के दम पर 5 विकेट के नुकसान पर 288 रन बनाकर सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। इनके अलावा छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए मार्कस स्टोइनिस ने भी अहम योगदान दिया। स्टोइनिस और ग्लेन मैक्सवेल नाबाद लौटे। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को पहला झटका एरोन फिंच (6) के रूप में आठ के कुल स्कोर पर लगा। इसके बाद दूसरे सलामी बल्लेबाज एलेक्स केरी (24) ने उस्मान (59) के साथ मिलकर टीम पारी को आगे आगे बढ़ाया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 33 रन की साझेदारी लेकिन केरी 41 के कुल स्कोर पर कैच आउट हो गए। उस्मान को यहां से मार्श  (54) का साथ मिला। दोनों बेहद संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम के स्कोर को 100 रन के पार ले गए। मगर उस्मान के 133 के कुल स्कोर पर पवेलियन लौटने के बाद टीम एक बार फिर लडख़ड़ा गई। 
हालांकि, मार्श ने अपना खेल जारी रखा और हैंड्सकॉम्ब (73) के साथ मिलकर टीम का स्कोर 200 रन के नजदीक तक पहुंचाया। लेकिन मार्श 186 के कुल स्कोर पर बड़ा शॉट मारने की फिराक में कैच आउट हो गए। एक समय लगा रहा था कि 250 रन नहीं पाएगी। लेकिन स्टोइनिस ने हैंड्सकॉम्ब का आखिरी में अच्छा साथ निभाया और दोनों ने तीजे से रन बटोरे। आखिरी में तेजी से रन बनाने की वजह से हालांकि हैंड्सकॉम्ब अपना विकेट गंवा बैठे। वह 48वें ओवर में 254 के कुल स्कोर पर आउट हुए। हैंड्सकॉम्ब के आउट होने के बाद भी स्टोइनिस तेजी से रन बनाते रहे।  स्टोइनिस 43 गेंदों  में दो चौकों और दो छक्के की मदद से 47 रन वहीं, मैक्सवेल एक चौके की मदद से 11 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत के लिए भुवनेश्वर कुमार और कुलदीप यादव ने दो-दो विकेट चटकाए। वहीं, रवींद्र जडेजा के खाते में एक विकेट आया। 
खराब फॉर्म से जूझ रहे महेंद्र सिंह धोनी ने मुश्किल वक्त में भारत के लिए अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने 96 गेंदों में 3 चौकों और 1 छक्के की मदद से 51 रन बनाए। पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए धोनी ने टिककर रन जुटाए। उन्होंने 93 गेंदों में अपने वनडे क्रिकेट करियार का 68वां अर्धशतक पूरा किया। अर्धशतक जडऩे के बाद धोनी हालांकि देर टिक नहीं सके।
धोनी को 33वें ओवर की दूसरी गेंद पर जेसन बेहरेनडॉफ ने पवेलियन की राह दिखाई। वह बेहरेनडॉफ की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। चार रन के कुल स्कोर पर तीन विकेट गिरने के बाद धोनी ने रोहित शर्मा का बखूबी साथ दिया। उन्होंने रोहित के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 137 रनों की बेहद अहम साझेदारी की। इस साझेदारी की वजह से मेहमान टीम लडख़ड़ाने से काफी हद तक बच गई। 
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। मेहमान टीम ने सिर्फ 4 रन बनाकर अपने तीन विकेट गंवा दिए। भारत का पहला विकेट सलामी बल्लेबाज शिखर धवन  के रूप में गिरा। रोहित शर्मा के साथ पारी का आगाज करने आए धवन शून्य पर ही पहले ओवर की आखिरी गेंद पर पवेलियन लौट गए। उन्हें जेसन बेहरेनडॉफ ने अपना शिकार बनाया। वह बेहरेनडॉफ की गेंद पर पूरी तरह चूक गए और एलबीडब्ल्यू हो गए। भारत को दूसरा झटका कप्तान विराट कोहली के रूप में लगा। उन्हें जे रिचर्ड्सन ने चौथे ओवर की तीसरी गेंद पर कैच आउट करवाया। वह रिचर्ड्सन की गेंद पर गलत शॉट खेल बैठे और स्क्वायर लेग पर खड़े मार्कस स्टोइनिस को कैच थमा दिया। कोहली ने 8 गेंदों में 3 रन बनाए। 
भारत का तीसरा विकेट अंबाती रायुडू के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले ही एलबीडब्ल्यू होकर पवेलियन लौट गए। रायुडू को भी रिचर्ड्सन ने चौथे ओवर में ही अपना शिकार बनाया। दो विकेट जल्द खोने के बाद भारत को रायुडू से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी। लेकिन वह टिककर बल्लेबाजी करने में नाकाम रहे। उन्हें ओवर की पांचवीं गेंद को पर चूकने का खामियाजा अपने विकेट गंवाकर भुगतना पड़ा। 
ऑस्ट्रेलिया को पांचवां झटका पीटर हैंड्सकॉम्ब के रूप में 254 के स्कोर पर लगा। वह ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी खेलकर भुवनेश्वर कुमार का शिकार बन गए। हैंड्सकॉम्ब ने 61 गेंदों में 73 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 6 चौके और 2 छक्के मारे। उन्होंने 50 गेंदों में अपने वनडे क्रिकेट करियर का दूसरे अर्धशतक जमाया।  टिक कर खेल रहे हैंड्सकॉम्ब को 48वें ओवर की दूसरे गेंद पर भुवनेश्वर ने आउट किया।
वह भुवनेश्वर की गेंद को बाउंड्र के बाहर मारना चाहते थे मगर शिखर धवन के हाथों लपके गए। हैंड्सकॉम्ब ने 186 रन पर चार विकेट गंवाने के बाद जूझ रही अपनी टीम को लडख़ड़ाने से बचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पांचवें विकेट के लिए मार्कस स्टोइनिस के साथ मिलकर 68 रन की साझेदारी की और अपनी टीम को 250 रन के पार पहुंचाया। उनके विकेट 254 के कुल स्कोर पर गिरा।  
ऑस्ट्रेलिया का चौथा विकेट शॉन मार्श के रूप में गिरा। एलेक्स केरी के आउट होने के बाद क्रीज पर आए मार्श ने अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने 70 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 54 रन बनाए। यह उनके वनडे क्रिकेट करियर का 13वां अर्धशतक है। उन्हें 38वें ओवर की तीसरी गेंद पर कुलदीप यादव ने पवेलियन की का रास्ता दिखाया। वह कुलदीप की गेंद पर बड़ा शॉट मारने की फिराक में मोहम्मद शमी के हाथों लपके गए। उनका विकेट 186 के स्कोर पर गिरा। उन्होंने बेहद संभलकर की और अपनी टीम के लिए दो अहम साझेदारियां की। मार्श नेउस्मान ख्वाजा के साथ  तीसरे विकेट के लिए 92 और पीटर हैंड्सकॉम्ब के साथ चौथे विकेट के लिए 53 रन जोड़े। 
तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उस्मान ख्वाजा ने अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने 81 गेंदों में 59 रन बनाए। अपनी पारी में उन्होंने 6 शानदार चौके भी लगाए। उनका विकेट 133 के कुल स्कोर पर गिरा। टिककर बल्लेबाजी कर रहे उस्मान को रवींद्र जडेजा ने 29वें ओवर की दूसरी गेंद पर आउट किया। वह जडेजा की गेंद को पिच पर पडऩे के बाद समझ नहीं पाए और एलबीडब्ल्यू हो गए।
जडेजा के आउट की अपील करने के बाद ने अंपायर माइकल गॉव ने उंगली खड़ी कर दी। लेकिन उस्मान अंपायर के फैसले से असहमत दिखे और उन्होंने रिव्यू लेना का निर्णय लिया। हालांकि,  रिव्यू से उस्मान को कोई फायदा नहीं हुआ और उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा। आउट होने से पहले उन्होंने 70 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। यह उनका वनडे करियर का पांचवां अर्धशतक है।
खराब शुरुआत से उबरते हुए ऑस्ट्रेलिया ने संभलकर बल्लेबाजी की और 23वें ओवर में जाकर अपना सैकड़ा बनाया। मेजबान टीम ने 139 गेंदों में अपना 100 रन पूरे किए। इस दौरान टीम को 6 अतिरिक्त रन भी मिले। ऑस्ट्रेलिया ने 50 रन हालांकि तेजी से बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने पचासा पूरे करने के लिए सिर्फ 61 गेंदं खेलीं वहीं जबकि अगले 50 रन रोडऩे के लिए टीम को 78 गेंदें खेलनी पड़ीं। 
ऑस्ट्र्रेलिया को दूसरा झटका सलामी बल्लेबाज एलेक्स केरी के तौर पर लगा। फिंच के आउट होने के बाद संभलकर बल्लेबाजी रहे केरी बड़ी पारी नहीं खेल सके और अपना विकेट गंवा बैठे। उन्होंने 31 गेंदों में 5 चौकों की मदद से 24 रन बनाए। उन्हें 10वें ओवर की पांचवीं गेंद पर कुलदीप यादव ने अपना शिकार बनााया। उन्होंने कुलदीप की गेंद को करीब से खेलने की कोशिश की जिसका खामियाजा उन्हें आउट होकर भुगतना पड़ा। उन्होंने दूसरे विकेट के लिए उस्मान ख्वाजा के साथ 33 रन की साझेदारी की। उनका विकेट 41 के कुल स्कोर पर गिरा।
केरी बाहर की तरफ जाती गेंद को कट करने चाहते थे लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर पहली स्लिप में खड़े रोहित शर्मा के हाथों में चली गई। चार ओवर भुवनेश्वर कुमार, चार ओवर खलील अहमद और एक ओवर मोहम्मद शमी के गेंदबाजी करने के बाद 10वें ओवर में कप्तान विराट कोहली ने कुलदीप को दूसरे विकेट की तलाश में गेंद थमाई। कुलदीप ने कप्तान को बिलकुल निराश नहीं किया और पहली ही ओवर में विकेट हासिल कर लिया। 
पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने निराशानजक आगाज किया। मेजबान टीम का पहला विकेट महज 8 के स्कोर पर गिरा गया। भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में प्रभावी प्रदर्शन करने में नाकाम रहे सलामी बल्लेबाज एरोन फिंच वनडे सीरीज के पहले मैच भी जल्द पवेलियन लौट गए। वह 11 गेंदों में 6 रन बनाकर बोल्ड हो गए। फिंच को तीसरे ओवर की दूसरी गेंद पर भुवनेश्वर कुमार ने पवेलियन की राह दिखाई। वह भुवनेश्वर की अंदर की ओर आती गेंद को भांप नहीं पाए और गलत शॉट खेल बैठे।
फिंच का बल्ले टेस्ट सीरीज में खामोश रहा था। उन्होंने तीन मैचों में एक अर्धशतक की बदौलत 97 रन बनाए थे। वहीं, फिंच का विकेट लेने के साथ ही भुवनेश्वर ने एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली। वो भारत की ओर से एकदिवसीय क्रिकेट में विकेटों का शतक पूरा करने वाले 18वें गेंदबाज बन गए हैं। भुवी ने 100वां वनडे विकेट करियर के 96वें मैच में हासिल किया। (टाईम्स नाऊ)




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