विशेष रिपोर्ट

गोडेलगुड़ा मुठभेड़ पर सवालिया निशान, सिर्फ 3 गोली चली

Posted Date : 04-Feb-2019



लकड़ी लेने गई महिला को गोली मारकर वर्दी पहनाने की कोशिश का आरोप गोडेलगुड़ा से लौटकर

अमन सिंह भदौरिया

दोरनापाल, 4 फरवरी (छत्तीसगढ़)। बीते शनिवार  सुकमा जिले के पोलमपल्ली थानांतर्गत गोडेलगुड़ा में हुई मुठभेड़ के बाद आम आदमी पार्टी द्वारा मुठभेड़ पर सवालिया निशान लगाया गया है गोडेलगुड़ा मुठभेड़ के बाद फिर से  सीआरपीएफ व डीईएफ के जवान सवालों के घेरे में, मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी, गोडेलगुड़ा गांव के लोगों ने मुठभेड़ को बताया फर्जी, और कहा है की तीन गोलियां चली, मृतक महिला पोडिय़ाम सुक्की को वर्दी पहनाने की कोशिश की जवानों ने तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया मामला तब सामने आया जब गुरुवार को आप नेत्री सोनी सोरी अपने 15 सदस्यीय टीम के साथ मामले की जांच में गोडेलगुड़ा गांव पहुंची ग्रामीण के साथ परिजनों से मिलकर पूरे मामले को जानने ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंची जहां 2 चश्मदीदों ने गोंडी भाषा मे घटना का विवरण दिया। मौके पर 3 कुल्हाड़ी और सर पर लकड़ी रखने का उम्मर मिला शव के अंतिम संस्कार के पहले एसडीओपी विवेक शुक्ला के नेतृत्व में जिला बल की टीम भी गांव के बीच पहुंची साथ ही जरूरत की समझ रशद भी गांव तक पहुंचकर मुहैया कराया

 मामला गोडेलगुड़ा का है जहां बुधवार सुबह 8:30 बजे मुठभेड़ होना बताया गया है । इस मुठभेड़ में पुलिस ने क्रॉस फायरिंग के बीच 2 ग्रामीणों के की पुष्टि की गई है जिसमें से एक की उपचार के दौरान मौत हो गयी वहीं के अन्य का उपचार जिला अस्पताल में जारी है ।

छत्तीसगढ़ की टीम को मिली पूरी घटना की चश्मदीद महिला हूँगी ने कहा कि घटना के दौरान मैं भी गई थी महिलाओं के साथ लकड़ी लेने कोई मुठभेड़ नहीं हुई सीधे गोली मारी गई।

गांव में छत्तीसगढ़ की टीम को पूरे घटना की चश्मदीद गवाह भी मिली इस महिला ने अपना नाम पोडिय़ाम हूंगी बताया। पोडिय़ामी हूंगी ने पूरे वारदात की कहानी विस्तार से बताई। उसने दावा किया कि पहले तो जवानों ने हम पर गोलियां चलाई और इसके बाद एक महिला को वर्दी पहनाने की कोशिश भी की ।

 गोदेलगुड़ा गांव के पूरे गांव में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। इसके पीछे की वजह यह है कि गांव की एक महिला गोलीबारी में मारी गई तो दूसरी घायल है। पूरा गांव दहशत के साथ आक्रोश में है। गांव के लोगों की जुबान पर बस एक ही बात है कि जवानों ने उनकी गांव की महिलाओं को गोली मार दी। गांव में हर छोटा बड़ा बस एक ही बात कह रहा है कि उनके गांव में कोई मुठभेड़ नहीं हुई थी और जवानों ने निर्दोष महिलाओं पर पीछे से गोली चला दी। 

दो चश्मदीदों ने बताई आपबीती

पूरे मामले पर जब सोनी सोरी जांच के तौर पर ग्रामीणों घटना जानने पहुंची तो ग्रामीणों ने बताया कि इस घटना के दो चश्मदीद हैं जब उन चश्मदीदों को घटना स्थल पर ले जाकर घटनाक्रम समझाने को कहा गया तो उन्होंने बताया कि 3 महिला हूँगी ,सुक्की, देवे लकड़ी लेने वहां गई हुई थीं। जहाँ सुरक्षाबलों को आते देख वापस गांव की ओर लौटने लगीं। इतने में ही गोलीबारी शुरू हुई और पीठ में गोली लगने से एक महिला पोडिय़ाम सुक्की पति देवा घायल होकर वहीं गिर गई जबकि दूसरी महिला कलमु देवे पति भीमा घायल होने के बाद एक अन्य महिला घायल होने के बाद पोडिय़ाम हूँगी के सहारे भागते हुए गांव पहुंची  और ग्रामीणों को बताया जिसके बाद महिलाएं मौके पर पहुंची और साथ ही बताया कि तब तक जवान महिला को उठाकर 60 से 70 मीटर दूर पत्थर के पास ले जा चुके थे और वर्दी पहनाने की कोशिश कर रहे थे जिसका महिलाओं ने विरोध किया। घायल सुक्की पानी मांगती रही फिर घायल महिला को पानी पिलाने की कोशिश की फिर सुरक्षाबलों द्वारा उसका उपचार के लिए ले जाने की बात कही गयी और पॉलीथिन में लपेट कर बांधा जा रहा था। महिलाओं द्वारा बांधने से मना भी किया जा रहा था । इसके बाद ग्रामीणों से जवानों ने घायल देवे को भी उपचार हेतु पुसवाड़ा कैम्प पहुंचने को कहा गया तो ग्रामीणों ने उसे कैम्प तक पहुंचाया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि महिला की जान बच सकती थी पर जवानों द्वारा झिल्ली में पूरी तरह लपेटे जाने से भी उसकी मौत हो गई ।

एसपी ने प्रेसवार्ता में दी

मुठभेड़  की जानकारी

एसपी ने ली पत्रवार्ता बोले महिलाएं क्रास फायरिंग की चपेट में आ गई थी  मामले की मजिस्ट्रियल जांच करवा रहे हैं । इधर पूरे मामले पर एसपी जितेंद्र शुक्ला ने भी पक्ष रखा है। रविवार की दोपहर पुराने एसपी दफ्तर में एक पत्रवार्ता में उन्होंने जानकारी दी कि महिला की मौत के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में दंडाधिकारी जांच जल्द से जल्द करवाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्रास फायरिंग में महिलाएं गोलियों की जद में आ गईं। पूरी घटना बेहद दुर्भाग्यजनक है और पुलिस की पूरी संवेदना महिलाओं के साथ है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि जंगल में जवानों और नक्सलियों के बीच सिर्फ दस मिनट ही मुठभेड़ चली थी। जवानों की गोलीबारी से घबराए नक्सली मौके से भाग खड़े हुए और मुठभेड़ स्थल से एक भरमार बंदूक, पि_ू, 9058 रुपए नगद, कोर्डेक्स वायर, डेटोनेटर, जिलेटिन स्टीक समेत अन्य सामग्री बरामद की है।

एसपी ने बताया कि शुरुआती पड़ताल में यह बात सामाने आई है कि एनकाउंटर के दौरान दोनों महिलाएं एनकाउंटर स्थल से कुछ ही दूरी पर जंगल में लकडिय़ां इक_ा कर रहीं थीं। फायरिंग की आवाज सुनकर दोनों हड़बड़ाहट में गोलीबारी की दिशा की तरफ ही भागीं और  पोडिय़ाम सुक्की के पेट में गोली लगी और वह गिर गई। एक गोली कलमू देवे की जांघ को चीरते हुए निकल गई। बावजूद वह भागते हुए गोदेलगुड़ा पहुंची । यहां से ग्रामीण उसे लेकर पुसवाड़ा कैंप की ओर आ रहे थे। इसी दौरान सुरक्षाबलों के जवानों की नजऱ घायल महिला देवे पर पड़ी और वे उसे उपचार के लिए दोरनापाल लेकर पहुंचे। इससे पहले सुक्की को जवान मुठभेड़ स्थल से निकालकर दोरनापाल ले आए थे जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। देवे का उपचार फिलहाल जिला अस्पताल में जारी है। उसकी हालत सामान्य बनी हुई है 4-5 दिनों में उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा ।

 

 




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