विशेष रिपोर्ट

कई काम अधूरे, किसान चिंतित, सूखने लगे हैं पौधे

Posted Date : 11-Mar-2019



डीएमएफ-मनरेगा के तहत सामूहिक पौधारोपण-सब्जी उत्पादन

चंद्रकांत पारगीर

बैकुंठपुर, 11 मार्च। कोरिया जिले में डीएमएफ और मनरेगा के तहत आदिवासी कृषकों द्वारा सामूहिक पौधारोपण और सब्जी उत्पादन के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र को एजेन्सी बना करोड़ों रू के कार्य स्वीकृत किए गए, जो आज भी अधूरे पड़े हंै जबकि एजेन्सी का कहना है कि राशि खत्म हो गयी, अब ऐसे में किसान अधूरे कार्य को लेकर चिंतित हैं, ग्रामीणों की मानें तो निरीक्षण करने वाले अधिकारी सिर्फ एक पूरे कार्य को दिखा फोटो खिंचा कर लौट जाते हंै, उनकी तरफ देखने तक की जरूरत नहीं समझते। 

इस संबंध में कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी रंजीत सिंह राजपूत का कहना है कि काम पूरा होना था तब आचार संहिता लग गयी, अब मैं जाकर उस हितग्राही से मिल लेता हूं, जहां तक पौधे सूखने का सवाल है जाकर देखता हूं कि आखिर क्यों ऐसा हुआ है। 
जानकारी के अनुसार डीएमएफ के तहत कृषि विज्ञान केन्द्र बैकुंठपुर को एजेन्सी नियुक्त कर 5 जून 2017 को ग्राम पंचायत रटगा के ग्राम दुधनियां में आदिवासी कृषकों द्वारा सामूहिक पौधारोपण और सब्जी उत्पादन के लिए एक समूह को 17 लाख रू स्वीकृत किए गए। लगभग दो वर्ष होने को है लेकिन कार्य पूरा नहीं हुआ है, जबकि बताया जाता है कि कार्य पूरा किये ही पूरी राशि समाप्त हो गयी। ग्राम पंचायत रटगा के ग्राम दुधनियां में आदिवासी कृषकों द्वारा सामूहिक पौध रोपण एवं सब्जी उत्पादन कार्य के लिए ट्यूबवेल का खनन किया गया लेकिन पौधों व सब्जियों के सिंचाई के लिए पूरे क्षेत्र में स्प्रिंकलर नहीं लगायी गयी है जिसके चलते लगाये गये पौधों एवं सब्जियों को पूरी तरह से सिंचाई नहीं हो पा रही है, ऐसी स्थिति में हितग्राहियों के द्वारा स्वयं के मेहनत से पानी सिंचाई की व्यवस्था कर रहे है। 
एक हितग्राही के खेत में एक ट्यूब वेल तो सफल है लेकिन स्प्रिंकलर का विस्तार नहीं है वही दूसरा ट्यूब वेल को 220 फीट खुदाई करने के बाद बताया गया कि सूखा है इसके बाद अधुरा ही छोड़ दिया गया। जांच कर खुदाई नही करने के कारण खुदाई में पैसा बहाया गया। हितग्राही शिवप्रताप के द्वारा जब कार्य पूरा कराने की बात कही जाती है तो जानकारी दी जाती है कि राशि खत्म हो गया खुद कराओ   हितग्राही  ने खुद खर्च कर काम कराया । वहीं कई हितग्राहियों के घर में विभाग ने पौधे तो पहुंचा दिए, परन्तु लापरवाही ऐसी कि पौधे देने के बाद अधिकारी कभी ग्रामीणों को बताने नहीं पहुंचे जिसके कारण सैकड़ों पौधे सूख गए। वहीं दूसरे समूह के खेत में जेसीबी से गढ्ढे खोद दिए गए है, जबकि यहां अभी तक कुछ भी कार्य नहीं हो पाया है। 

ग्राम दुधनियॉ में समूह के लिए आबंटिम कामों में समूह के सदस्य हितग्राहियों के कार्य अधूरे पड़े हुए है बार बार बोलने के बाद भी पूरा नही कराया जा रहा है। स्वयं से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया जा रहा है क्योंकि राशि खत्म हो गयी की जानकारी दी जाती है। वहीं दूसरी ओर समूह के अध्यक्ष की भूमि में यही कार्य पूरा कर लिया गया है। जब भी कोई अधिकारी कार्य का निरीक्षण करने पहुंॅचते हंै तो अधूरे कार्य को न दिखाकर पूर्ण हुए कार्य को दिखाया जाता है और उसी स्थल पर अधिकारियों के द्वारा फोटो खिंचाया जाता है। इस तरह इस ग्राम में स्वीकृत कार्य को पूरा बताया जा रहा है जबकि कई कार्य अधूरे पड़े  हैं। कुछ हितग्राहियों की भूमि पर तो पौधा रोपण के लिए गढ्ढे खोद कर छोड दिये गये है और एक वर्ष बीत जाने के बाद भी उसमें पौधा नही लग पाया है। पूरा क्षेत्र उजाड ही दिखाई देता है।
कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा डीएमएफ के तहत समूहो के माध्यम से करोड़ों रू के काम किया गया हैं, ग्रामीण बताते है कि किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से समूह बनाकर योजनाओं का लाभ लिया गया है। सूत्रों  के अनुसार एक ही घर के सदस्यों के द्वारा तीन तीन समूह फर्जी तरीके से बनाये गये, पिता के नाम पर भाई के नाम पर तो किसी अन्य घर के सदस्य के नाम पर फर्जी तरीके से समूह का गठन कर लिया गया जिसकी किसी प्रकार का सत्यापन नही किया गया। नियम विरूद्ध तरीके से बनाये गये समूह के आधार पर एक ही घर के परिवार के लिए उनकी निजी भूमि में तीन तीन ट्यूबवेल योजना के तहत खुदाई करा दिये गये। इस तरह से फर्जी समूह के नाम पर ग्राम ग्राम में भारी फर्जीवाडा किया गया है। जिसकी जांच किये जाने पर सच्चाई सामने आ जायेगी।     




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