विशेष रिपोर्ट

बैकुंठपुर, विकास से वंचित गांवों में नाराजगी

Posted Date : 12-Apr-2019



मप्र की सीमा से लगे कोरिया के कई गांव बुनियादी सुविधाओं को मोहताज
चन्द्रकांत पारगीर
बैकुंठपुर
, 12 अप्रैल। जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में भी लोकसभा चुनाव को लेकर सुगबुगाहट तेज होती जा रही है।  यहां के निवासी विकास के नाम पर उनके साथ हुए धोखे को लेकर काफी गुस्से मे है। मप्र सीमा से लगे कोरिया के ये सरहदी गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।

जानकारी के अनुसार कोरिया जिले के छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे ग्राम गोईनी, आन्नदपुर और मप्र के सिंगरौली जिले की बिन्दूल ग्राम पंचायत के बीच दोनों के अपने चेकिंग नाके लगे हुए है, चुनाव को लेकर सीमा पर आवाजाही की सघन जांच की जा रही है, परन्तु यहां सीमा पर दोनों राज्य के ग्राम प्रशासनिक उदासीनता के शिकार है और दुर्गम है। छत्तीसगढ के गोइनी के लोग मप्र के व्यापारियों पर आश्रित है। क्योंकि सोनहत से आन्नदपुर और फिर गोईनी पहुंचना बेहद मुश्किल भरा सफर है, बड़े बड़े चट्टानों पर बने उबड़ खाबड़ रास्तों से होकर यहां पहुंचना बहुत परेशानी भरा है। यहां के निवासी जग्गनाथ सिंह बताते हैं कि विधानसभा चुनाव में लोगों ने विकास के मुद्दे पर ही वोट किया, इस बार भी लोग विकास को ही ध्यान में रखकर वोट करेंगे। दरअसल, इन गांवों में ना तो आवागमन के लिए सड़क है, ना बिजली और ना पीने के पानी की सुविधाएं, जिसके कारण यहां के लोग बहुत परेशानी में जीवन यापन कर रहे है। 

आवागमन है सबसे बड़ी परेशानी
गोईनी और आन्नदपुर के लोगों को कोरिया जिलामुख्यालय आने के लिए दो दिन लगते है। गोइनी से रामगढ आना के बेहद मुश्किल भरा सफर होता है, उसके बाद रामगढ से सोनहत और फिर सोनहत से बैकुंठपुर आ पाते है। वहीं इस पूरे क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क बहुत बड़ी समस्या है, जिसके कारण लोग एक दूसरे से संपर्क करने में दिक्कत महसूस करते है, यही कारण है कि कई मरीज बिना इलाज के मौत के गाल में समा जाते हैं।

'छत्तीसगढ़'  संवाददाता गुरूवार को आन्नदपुर पहुंचा, तो यहां के निवासी हीरालाल (70) की टीबी से मौत हो गयी, उसके डेढ़ माह पहले जिला अस्पताल से इलाज करवा कर वापस लएाए थे। पूरा गंाव शोक में था, ग्रामीण बताते है कि चुनाव में राजनैतिक दल तो आ रहे है, परन्तु हमारे क्षेत्र की ओर ध्यान देने की जिम्मेदारी अब नई सरकार पर है, हम लोगों को बीमारी होने पर सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। 




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