विशेष रिपोर्ट

भिलाई नगर, विजय को कार्यकर्ताओं का साथ प्रतिमा सत्ता व मंत्रियों के भरोसे

Posted Date : 16-Apr-2019



कांग्रेस चुनाव प्रबंधकों से नाराज हैं कार्यकर्ता
सात लाख से ज्यादा मत पाने वाले को ही विजयश्री
भिलाई नगर, 16 अप्रैल।
दुर्ग लोकसभा हाई प्रोफाइल सीट पर कांग्रेसी एवं भाजपा के उम्मीदवारों के मध्य ही सीधा मुकाबला है। कांग्रेस उम्मीदवार श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर को सत्ता का साथ मिल रहा है वहीं भाजपा उम्मीदवार विजय बघेल को सरल एवं स्वच्छ छवि के कारण सीधे कार्यकर्ता सहयोग कर रहे हैं। दो दौर की समाप्ति के बाद भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल प्रचार-प्रसार में भी बढ़त बनाए हुए हैं और उनके पक्ष में राष्ट्रीय नेता द्वारा भी सभा ली गई। 

दुर्ग लोकसभा सीट प्रारंभ में कांग्रेस का गढ़ रहा करती थी, इस गढ़ को भाजपा के नेता स्व. ताराचंद साहू द्वारा ध्वस्त किया गया था। वर्ष 2009 में इसे विजय अभियान को सुश्री सरोज पांडे ने कायम रखा था परंतु 2014 में कांग्रेस नेता ताम्रध्वज साहू ने सुश्री सरोज पांडे को परास्त कर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी को एकमात्र सीट पर विजय दिलाई थी। विधानसभा चुनाव में दुर्ग ग्रामीण विधानसभा से विजयी होने के कारण ताम्रध्वज साहू ने यह सीट खाली कर दी। हालांकि प्रतिमा चंद्राकर को राजनीति के गुण अपने पिता एवं कांग्रेस के चाणक्य कहे जाने वाले वासुदेव चंद्राकर से मिले लेकिन भाजपा प्रत्याशी से उनकी तुलना करें तो विजय बघेल ने अपना अस्तित्व लगातार संघर्ष करने के बाद जनता के मध्य स्वच्छ एवं सरल छवि बना कर स्थापित किया है। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ते हुए श्री बघेल ने भिलाई चरोदा पालिका के अध्यक्ष पद पर विजय हासिल की थी और इसी सफलता ने उन्हें वर्ष 2009 में भाजपा की सीट से विधानसभा चुनाव में विजयश्री दिलाई। उनके द्वारा वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में परास्त किया गया था। 

दुर्ग लोकसभा सीट में कुल नौ विधानसभा का क्षेत्र शामिल है जिसमें से दुर्ग जिले की छ: विधानसभा सीट पाटन, दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर, भिलाई नगर, वैशाली नगर, अहिवारा तथा बेमेतरा जिले की बेमेतरा, साजा एवं नवागढ़ शामिल है। कुल नौ सीटों में वर्तमान में कांग्रेस के आठ विधायक और भाजपा का केवल एक विधायक है। अगर इन नौ सीटों को मिला दिया जाता तो सभी में कांग्रेस को कुल डेढ़ लाख से ज्यादा मतों से विजय मिली थी इसलिए भाजपा को दुर्ग लोकसभा सीट जीतने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। वर्ष 2014 में पूरे प्रदेश में लोकसभा चुनाव का औसतन मत प्रतिशत 59 रहा है। प्रदेश निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान के प्रतिशत को लगातार बढ़ाने के लिए हुए प्रयास को देखते हुए प्रथम चरण 2019 में मतदान का प्रतिशत 66 रहा है। दुर्ग सीट पर मतदान का प्रतिशत लगभग 70 होने की संभावना राजनीतिक विशेषज्ञों द्वारा जताई जा रही है। ऐसे में लोकसभा सीट पर विजयी होने के लिए प्रत्याशी को करीब साढ़े सात लाख से अधिक मत हासिल करना होगा। विजय प्रतिशत को हासिल करने प्रतिमा चंद्राकर को पार्टी की ओर से जिले से तीन मंत्री रविन्द्र चौबे, ताम्रध्वज साहू और रूद्र गुरू का साथ मिल रहा है जबकि विजय बघेल की स्पष्ट व सहजता की वजह से स्वमेव कार्यकर्ता उनके प्रचार में जुटे हुए हैं। कार्यकर्ताओं से मिल रहे सहयोग की वजह से दो दौर के चुनाव प्रचार समाप्ति के बाद विजय बघेल ने बढ़त बना ली है। 
शहरी क्षेत्र मेें भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल कांग्रेस प्रत्याशी की तुलना में आगे हैं वहीं ग्रामीण अंचलों में मतदाता मुखर नहीं हो पाया है इसलिए स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। 

कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव का संचालन प्रदीप चौबे और लक्ष्मण चंद्राकर जो कि वर्षों से मुख्य धारा से बाहर हैं, सम्हाल रहे हैं। जिससे पार्टी का बड़ा वर्ग और जमीनी कार्यकर्ता नाराज है। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का स्पष्ट मत है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को ही चुनाव प्रबंधन की जवाबदारी देनी थी। दूसरी ओर विजय बघेल के चुनाव संचालन की जवाबदारी महासमुंद के सांसद चंदूलाल साहू को दी गयी है जिनका सीधा संवाद भाजपा संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ताओं से है। अच्छे प्रबंधन के आलावा साहू समाज को साधने में भी चंदूलाल की भूमिका महत्वपूर्ण है।   




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