विशेष रिपोर्ट

ई-टेंडरिंग घोटाल, ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल का सारा डाटा रिकवर, चिप्स अफसरों को पूछताछ के लिए बुलाया

Posted Date : 29-Apr-2019



ईओडब्ल्यू की जांच में तेजी

रायपुर, 29 अप्रैल (छत्तीसगढ़)। ईओडब्ल्यू ने ई-टेंडरिंग घोटाले की पड़ताल तेज कर दी है। साइबर एक्सपर्ट की मदद से ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के सभी डाटा निकाल लिए गए हैं।  इसके बाद अब संबंधित विभाग के अफसरों से पूछताछ शुरू हो रही है। ईओडब्ल्यू ने इस सिलसिले में चिप्स के अफसरों को पूछताछ के लिए बुलाया है। 

ईओडब्ल्यू के एसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि साइबर एक्सपर्ट की मदद से सारे डाटा निकाल लिए गए हैं। इसका मिलान हो रहा है और संबंधित विभाग के अफसरों से पूछताछ भी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि चिप्स के अफसरों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। साथ ही साथ बिलासपुर निगम और एक अन्य विभाग के अफसरों से भी पूछताछ की जाएगी। 

कहा जा रहा है कि ई-टेंडरिंग घोटाले करने के लिए बनाए गए फर्जी इमेल आइडी और आइपी नंबरों को साइबर एक्सपर्ट ने रिकवर कर लिया है। जांच के दौरान उन कम्प्यूटरों को भी चिन्हाकित कर लिया गया है, जिसके जरिए निविदा जारी की गई थी लेकिन, साफ्टवेयर के माध्यम से इसे निकाल लिया गया है।

बताया गया कि साईबर एक्सपर्ट की मदद से ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के डाटा निकाल लिए गए हैं। गौरतलब है कि 17 विभागों के अधिकारियों द्वारा 4601 करोड़ के टेंडर में 74 ऐसे कम्प्यूटर का इस्तेमाल निविदा अपलोड करने के लिए किया गया था। उसी कंम्प्यूटर से निविदा की सारी औपचारिकता भी पूरी की गई थी। कैग की रिपोर्ट के अनुसार 10 से 20 लाख के 108 करोड़ रुपए के टेंडर मैन्युअली जारी किए गए थे। जिन 74 कंप्यूटरों से टेंडर निकाले गए उसी से टेंडर वापस भरे भी गए। ऐसा 1921 निविदाओं में किया गया था।
यह भी कहा गया कि नवंबर 2015 से मार्च 2017 के बीच 74 कम्प्यूटर के जरीए 1459 निविदा जारी की गई थी। चर्चा है कि चिप्स के दफ्तर से फर्जी ई-मेल एड्रेस बनाए गए थे। इसे उपयोग करने के बाद कम्प्यूटर से मिटा दिया गया था। इसकी भी पड़ताल हो रही है। संबंधित विभागों से पूछताछ और जानकारी लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 




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