सोशल मीडिया

गोडसे का बचाते लोग अपने नाम के आगे 'मैं भी आतंकवादी' न लिखने लगें!

Posted Date : 15-May-2019



महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को कमल हासन द्वारा आजाद भारत का पहला 'आतंकवादी' कहे जाने के बाद से सोशल मीडिया में इस पूरे मसले पर काफी बहस चल रही है। रविवार रात को तमिलनाडु में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कमल हासन ने कहा था, 'आजाद भारत का पहला आतंकी हिंदू था। उसका नाम नाथूराम गोडसे था। वहीं से देश में इसकी (आतंकवाद) शुरुआत हुई।'
फेसबुक और ट्विटर पर एक तबके ने कमल हासन की यह कहकर आलोचना की है कि वे आतंकवाद को धर्म से जोड़ रहे हैं। इसके साथ ही यहां उन्हें 'हिंदू विरोधी' भी कहा जा रहा है। ऐसे लोगों में ज्यादातर दक्षिणपंथी विचारधारा रखने वाले सोशल मीडिया यूजर हैं और इनका बड़ा हिस्सा भाजपा समर्थक है। इनमें से कई लोगों ने गोडसे के समर्थन में भी टिप्पणियां की हैं और यही वजह है कि यहां भाजपा पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर कमल हासन को खूब समर्थन भी मिला है। स्वराज इंडिया पार्टी के नेता योगेंद्र यादव का ट्वीट है, 'प्रधानमंत्री ने वर्धा में पूछा था : क्या इतिहास में ऐसा कोई वाकया हुआ है जब किसी हिंदू ने आतंकवाद फैलाया हो? कमल हासन का जवाब है : हां, उसका नाम नाथूराम गोडसे था। इसमें गलत क्या है? क्या जिसे हम आतंकवाद कहते हैं, गोडसे ने वह काम नहीं किया था? क्या वो हिंदू नहीं था? ये हो-हल्ला किस बात का है?'
कमल हासन के बयान का विरोध करते हुए भाजपा नेता निर्मला सीतारमण का एक बयान भी यहां लोगों की प्रतिक्रियाओं का हिस्सा बना है। सीतारमण ने कहा है कि कमल हासन हत्यारे और आतंकवादी में फर्क नहीं जानते और गोडसे एक हत्यारा था, न कि आतंकी। इस बयान पर भाजपा नेता पर भी सवाल उठाए गए हैं। वरिष्ठ पत्रकार हरिंदर बावेजा का ट्वीट है, 'निर्मला सीतारमण को अब यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि राजीव गांधी को किसने मारा था? हत्यारों ने या आतंकवादियों ने?'
सोशल मीडिया में इस पूरी बहस पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं -
आरती टिकू सिंह- नाथूराम गोडसे एक हत्यारा था, चरमपंथी था, नफरत फैलाने वाला व्यक्ति था। लेकिन आप उन लोगों को क्या कहेंगे, उन सभी मुसलमानों, हिंदुओं और सिखों को जिन्होंने भारत-विभाजन के वक्त एक दूसरे को मारा-काटा? क्या वे सभी पहले मुस्लिम, सिख और हिंदू आतंकवादी नहीं थे?
प्रीतीश नंदी- मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि यह बहस आखिर किस बात की है। क्या गोडसे हत्यारा था? हां। लेकिन क्या आज की शब्दावली में आप उसको आतंकवादी कहेंगे? हां। वो सोचता था कि महात्मा गांधी हिंदुओं के प्रति अन्याय कर रहे हैं, क्या उसने इसलिए ही उन्हें नहीं मारा था? हां, मारा था। क्या वो हिंदू महासभा का सदस्य था? हां।
मजीद मेमन- जैसे महात्मा गांधी राष्ट्रपिता थे, नाथूराम गोडसे आतंकवाद का पिता था।
सीआर मधुसूदन- मुझे यह नहीं पता था कि नाथूराम गोडसे के आज भी इतने समर्थक हैं।
शकुनि मामा- नाथूराम गोडसे का बचाव करते-करते लोग अब कहीं अपने नाम के आगे 'मैं भी आतंकवादी' न लिखने लगें।




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