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'युवराज सिंह के संन्यास के साथ ही कई लोगों का बचपन और जवानी अब ऑफीशियली बीत गई है!'
'युवराज सिंह के संन्यास के साथ ही कई लोगों का बचपन और जवानी अब ऑफीशियली बीत गई है!'
Date : 11-Jun-2019

जाने-माने क्रिकेटर युवराज सिंह के क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की खबर के चलते आज सोशल मीडिया पर लोगों ने उनको लेकर काफी भावुक प्रतिक्रियाएं दी हैं। इसके साथ ही यहां एक बड़े तबके ने 2011 के क्रिकेट विश्व कप की वे तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किए हैं जब मैच की आखिरी बॉल के बाद वे महेंद्र सिंह धोनी से गले मिल रहे थे। और वह वीडियो भी जब अपनी पारी के बीच में ही उन्हें उल्टी हुई थी लेकिन इसके बावजूद वे पिच पर डटे रहे। इसके अलावा एक ओवर में छह छक्के मारने (2007 का टी20 विश्व कप) से जुड़ा वीडियो शेयर करके भी लोगों ने उनकी तारीफ में टिप्पणियां की हैं और उन्हें उनकी अगली पारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
जहां तक क्रिकेट के दिग्गजों की बात है तो सचिन तेंदुलकर ने अपने इस साथी खिलाड़ी की इस घोषणा पर ट्वीट किया है, 'युवराज आपका करियर बहुत ही शानदार रहा। जब भी टीम को जरूरत हुई आप चैम्पियन की तरह खेले। मैदान के अंदर और बाहर आपने जो जीवटता दिखाई वह कमाल की थी। आपको दूसरी पारी के लिए शुभकामनाएं और आप ने क्रिकेट के लिए जो भी किया उसके लिए शुक्रिया।'
टीम इंडिया के वर्तमान कप्तान विराट कोहली का ट्वीट है, '... आपने हमें कई यादगार पल और जीत दी हैं। मैं आपको भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।' वहीं टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाजों में शुमार रहे वीरेंद्र सहवाग का ट्वीट किया है, 'खिलाड़ी आएंगे और जाएंगे, लेकिन युवराज सिंह जैसा खिलाड़ी मिलना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने काफी मुश्किल वक्त का सामना किया, बीमारियों को हराया, गेंदबाजों को हराया और दिल जीते। अपनी लड़ाई और इच्छा-शक्ति से कई लोगों को प्रेरित किया...'
युवराज सिंह के संन्यास पर सोशल मीडिया में आई कुछ और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं -
गब्बर- मेरे ख्याल से युवराज सिंह भारतीय क्रिकेट टीम के मध्यक्रम और हमारी उम्मीदों के बीच के पुल थे। उनके पहले हमारी टीम का मध्यक्रम हार की स्थिति में 'सम्मानजनक स्कोर' तक ही पहुंचने की कोशिश करता था। वे एक या दो रन लेते रहते थे और दर्शक कब का टीवी बंद कर चुके होते थे। लेकिन युवराज सिंह ने हमें मजबूर किया कि हम टीवी चालू रखें।
बाबू भैया- हम सब इन तस्वीरों को सुन सकते हैं। युवराज सिंह को हम कभी नहीं भूलेंगे।
सौरभ- अगर दादा (सौरव गांगुली) ने हमें विदेशी पिचों पर जीतना सिखाया, तेंदुलकर ने बैटिंग करना सिखाया, सहवाग ने विस्फोटक बल्लेबाजी सिखाई तो युवराज सिंह ने भारतीय टीम को फील्डिंग करना सिखाया।
रोफल गांधी- तुस्सी जा रहे हो युवराज सिंह पाजी। हमारा बचपन और हमारी जवानी अब ऑफीशियली गुजर गई है। (सत्याग्रह)

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