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विकी डोनर के लिए नैशनल अवॉर्ड मिलने की उम्मीद थी-आयुष्मान
विकी डोनर के लिए नैशनल अवॉर्ड मिलने की उम्मीद थी-आयुष्मान
Date : 13-Aug-2019

कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिनका ट्रेलर देखने के बाद दर्शक तय कर लेते हैं कि उन्हें वह फिल्म देखनी है। ऐसा ही ट्रेलर है, अभी-अभी नैशनल अवॉर्ड का तमगा अपने नाम करा चुके अभिनेता आयुष्मान खुराना की अगली फिल्म ड्रीम गर्ल का है। ड्रीम गर्ल के ट्रेलर लॉन्च पर आयुष्मान खुराना के साथ-साथ नुसरत बरूचा, मनजोत सिंह, अभिषेक बनर्जी, निर्माता एकता कपूर और निर्देशक राज शांडिल्य उपस्थित थे। 
इस मौके पर फिल्म के अलावा आयुष्मान को मिलने वाले राष्ट्रीय सम्मान पर भी कई सवाल किए गए। आयुष्मान ने कहा कि नैशनल अवॉर्ड मिलने की उम्मीद तो उन्हें उनकी पहली फिल्म विकी डोनर के लिए थी, लेकिन उस समय वह अवॉर्ड अन्नू कपूर को मिल गया था। फिल्म ड्रीम गर्ल को लेकर आयुष्मान ने कहा कि यह कहानी सुनने के बाद उन्होंने तुरंत हामी भर दी थी, उन्हें डर था कि अगर उन्होंने देर कर दी तो कहानी किसी और ऐक्टर को न सुना दी जाए। 
नैशनल अवॉर्ड को लेकर आयुष्मान ने कहा, मेरा यह सफर बहुत लंबा रहा है, यह सफर रेडियो से शुरू हुआ, जो टीवी और बाद में फिल्म तक पहुंचा। नैशनल अवॉर्ड एक ऐसा सम्मान है, जो हर अभिनेता के विश लिस्ट में होता है। हर ऐक्टर काम करने के बाद यही सोचता है कि उसके काम को कब राष्ट्रीय अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा, लेकिन जब आप कुछ नहीं सोच रहे होते हैं, तभी आपको नैशनल अवॉर्ड मिल जाता है। 
आयुष्मान आगे कहते हैं, मुझे अपनी पहली फिल्म विकी डोनर में नैशनल अवॉर्ड मिलने की उम्मीद थी, लेकिन उस फिल्म के लिए अन्नू कपूर जी को मिल गया। वैसे एक समय के बाद आप इस नैशनल अवॉर्ड मिलने की सोच रखते हुए फिल्म नहीं करते हैं। हम इमानदारी से काम करते हैं और अवॉर्ड मिल जाता है। इमानदारी से कहूं तो मैं बेहतरीन निर्देशकों के साथ काम कर पाने के लिए ब्लेस्ड हूं।
ड्रीम गर्ल के बारे में आयुष्मान ने कहा, कभी कोई कहानी ( स्क्रिप्ट ) मेरे पास आ जाती है और कभी मैं किसी स्क्रिप्ट के पास चला जाता हूं, इस वजह से मुझे अच्छी-अच्छी कहानी से जुडऩे का मौका मिल रहा है। जब फिल्म ड्रीम गर्ल की कहानी मैंने पढ़ी और सुनी तो मुझसे रहा नहीं जा रहा था कि मैं टीम को यह कहानी किसी और को सुनाने के लिए मना कर दूं। मैंने तो तुरंत बालाजी पिक्चर्स की रुचिका को फोन किया और कहा कि यह तो ब्लॉकबस्टर फिल्म है, मुझे यह फिल्म करनी है। मैंने कहा कि मेरे लिए यह बहुत ही कमर्शल फिल्म है।
फिल्म के लिए फीमेल गेटअप के लिए की गई मेहनत पर बात करते हुए आयुष्मान ने कहा, फिल्म की शूटिंग के दौरान मुझे तैयार करने में 3 लड़किया लगती थीं, साड़ी पहनना आसान काम नहीं है। इस फिल्म को करने के बाद मुझे यह एहसास हो गया कि लड़कियां लडक़ों से बहुत बेहतर होती हैं। घाघरा पहनने के बाद लचक के चलने की ट्रेनिंग मुझे नुसरत ने दी, जो बहुत मुश्किल था।

 

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