राजनीति

हरियाणा में टूटेगी कांग्रेस? रैली में बोले पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा- रास्ते से भटक गई है कांग्रेस
हरियाणा में टूटेगी कांग्रेस? रैली में बोले पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा- रास्ते से भटक गई है कांग्रेस
Date : 18-Aug-2019

रोहतक, 18 अगस्त। लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बाद कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। संजय सिंह, भुवनेश्वर कलीता जैसे राज्यसभा सांसदों ने जहां पार्टी से इस्तीफा दे दिया, वहीं कर्नाटक और गोवा जैसे राज्यों में पार्टी को बगावत का सामना करना पड़ा। आर्टिकल 370 के मुद्दे पर भी पार्टी में मतभेद उजागर हुए। अब इसी साल विधानसभा चुनाव में जाने वाले हरियाणा में भी पार्टी को झटका लगता दिख रहा है। हरियाणा के कद्दावर कांग्रेसी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रविवार को रोहतक में रैली कर न सिर्फ शक्तिप्रदर्शन किया बल्कि बागी तेवर दिखाते हुए अपनी ही पार्टी पर तीखे हमले किए और कहा कि कांग्रेस रास्ते से भटक गई है। 
हरियाणा के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आर्टिकल 370 के मुद्दे पर अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा। रविवार को रोहतक में आयोजित 'परिवर्तन महारैली' में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके गुट के ही ज्यादातर नेता मौजूद रहे। इस मौके पर भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि अब कांग्रेस वह कांग्रेस नहीं रही। उन्होंने यह भी कहा कि वह अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के पक्ष में थे जबकि कांग्रेस के कई नेता इसके खिलाफ थे। 
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा, जब सरकार कुछ सही करती है तो मैं उनका समर्थन करता हूं। मेरे कई साथियों ने अनुच्छेद 370 को हटाने का विरोध किया, मेरी पार्टी रास्ते से भटक गई है। यह वह कांग्रेस नहीं है, जो हुआ करती थी। जब बात स्वाभिमान और देशभक्ति की आती है तो मैं किसी पर भी समझौता नहीं कर सकता।
उन्होंने आगे कहा, मैं आर्टिकल 370 को हटाने का समर्थन करता हूं लेकिन मैं हरियाणा सरकार को बताना चाहता हूं कि आपको जवाब देना होगा कि आपने पिछले पांच साल में क्या किया, इस फैसले के पीछे छिपिए मत। हमारे हरियाणा के भाई कश्मीर में सिपाही के रूप में ड्यूटी पर हैं इसलिए मैंने इसका समर्थन किया।
हुड्डा ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ऐलान किया, अगर हम सरकार बनाते हैं तो आंध्र प्रदेश की तरह एक कानून बनाएंगे, जिसके तहत 75 पर्सेंट नौकरियां हरियाणा के लोगों के लिए ही होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह मुख्यमंत्री बने तो 4 डेप्युटी सीएम बनाएंगे। 
इसी रैली में भूपेंद्र हुड्डा के बेटे और पूर्व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, हम प्यार, विकास और बढ़ोतरी के रास्ते पर चलते हैं और पिछले पांच सालों में बीजेपी ने बेरोजगारी, दंगों और असहिष्णुता का रास्ता दिखाया है। आज हमारे पास एक मौका है कि हम हरियाणा की राजनीति को उस दिशा में ले जाएं, जो हरियाणा का विकास कर सके। 
रोहतक रैली में हुड्डा ने जिस तरह अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़ा किया, उससे उन अटकलों को बल मिल रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले हुड्डा नई पार्टी बना सकते हैं। अटकलें तो यह भी लग रही थीं कि रोहतक रैली में हुड्डा इसका ऐलान भी कर सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके पीछे हुड्डा की संभवत: दबाव की रणनीति है। फिलहाल उन्होंने पार्टी आलाकमान को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अगर उन्हें सूबे में पार्टी की कमान नहीं दी जाती और फ्री हैंड नहीं दिया जाता तो वह अलग राह चुन सकते हैं। 
हरियाणा कांग्रेस में गुटबंदी तो काफी समय से थी। प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर और भूपेंद्र सिंह हुड्डा एक दूसरे के कट्टर विरोधी माने जाते हैं। लेकिन इस बार हुड्डा ने रोहतक की परिवर्तन रैली के लिए अपने कैंप के अलावा कांग्रेस के किसी नेता को न्योता तक नहीं दिया। उन्होंने 'परिवर्तन महारैलीÓ में राज्य की पार्टी यूनिट या ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के किसी नेता को नहीं बुलाया। हुड्डा नहीं चाहते कि तंवर के पास सूबे में पार्टी का कमान हो, लेकिन उनके विरोध के बावजूद पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तंवर को प्रदेश अध्यक्ष पद से नहीं हटाया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सोनिया गांधी ने ही 2005 की शुरुआत से 2014 के अंत तक राज्य में कांग्रेस सरकार चलाने के लिए भजनलाल पर तरजीह दी थी। लेकिन अब दोनों के रिश्ते तनावपूर्ण हैं। हुड्डा और सोनिया के संबंध तब तनावपूर्ण हो गए थे, जब हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ने 2016 में कांग्रेस के राज्यसभा कैंडिडेट आर के आनंद का सपॉर्ट करने से मना कर दिया था। 
(नवभारतटाईम्स)

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