विशेष रिपोर्ट

राज्यपाल के फर्जी दस्तखत से चिट्ठी, कांग्रेस विधायक खरीदने का जिक्र, डीजीपी को जुर्म कायम करने दिया
राज्यपाल के फर्जी दस्तखत से चिट्ठी, कांग्रेस विधायक खरीदने का जिक्र, डीजीपी को जुर्म कायम करने दिया
Date : 22-Aug-2019

राज्यपाल के फर्जी दस्तखत से चिट्ठी, 
कांग्रेस विधायक खरीदने का जिक्र,
डीजीपी को जुर्म कायम करने दिया

विशेष संवाददाता
रायपुर, 22 अगस्त (छत्तीसगढ़)।
 छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उईके के नकली दस्तखत से एक सनसनीखेज चिट्ठी बनाई गई है जिसमें उनकी तरफ से किसी भाजपा कार्यकर्ता को कांग्रेस विधायक खरीदने कहा गया है। यह चिट्ठी उनके पिछले कार्यालय, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के लेटरहैड पर टाईप है, और उसे छत्तीसगढ़ के किसी भाजपा कार्यकर्ता मोहित राम को लिखा बताया गया है। इस 'छत्तीसगढ़' ने जब यह पत्र भेजकर राज्यपाल का पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने इसे फर्जी बताया, और कहा कि वे पुलिस महानिदेशक को इस पर जुर्म कायम करने के लिए कह रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसके पहले भी उनके फर्जी दस्तखत बनाकर एक और चिट्ठी जारी की गई थी। 

राज्यपाल ने 'छत्तीसगढ़' को बताया पूरा किस्सा
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उईके ने 'छत्तीसगढ़' के संपादक को फोन करके इस बारे में खुलासे से बताया कि किस तरह से पिछले कुछ हफ्ते से ऐसी जाली चिट्ठियां बनाकर छत्तीसगढ़ के आदिवासी विधायकों के पते पर भेजी गई थीं। चूंकि विधायकों के पते सही नहीं लिखे हुए थे इसलिए ये चिट्ठियां प्रेषक के पते पर छिंदवाड़ा वापिस लौट गईं। उन्होंने बताया कि इन चिट्ठियों को भेजने वाले ने अपना नाम जितेन्द्र ठाकुर लिखा था। लेकिन छिंदवाड़ा में उनका नाम सब जानते हैं, और उनके पीए का नाम जितेन्द्र सोलंकी है, इसलिए ऐसी कई चिट्ठियां उनके पते पर पहुंचीं, जो कि उन्होंने भेजी ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि वे छिंदवाड़ा पुलिस में इस बारे में पहले ही रिपोर्ट दर्ज करा चुकी हैं, और पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात का अंदाज है कि छिंदवाड़ा का कौन व्यक्ति यह काम कर रहा है, लेकिन जांच में साबित होने तक वे उसका नाम लेना उचित नहीं समझती हैं। उन्होंने कहा कि वे छत्तीसगढ़ पुलिस को अपना संदेह बता देंगी ताकि जांच में आसानी हो सके। उन्होंने फोन पर यह भी बताया कि लोकसभा चुनाव के मतदान के ठीक एक दिन पहले उनके फर्जी दस्तखत बनाकर ऐसी ही एक दूसरी  चिट्ठी फैलाई गई थी जिसमें लिखा गया था कि वे (अनुसुईया उईके) सुमित्रा महाजन और सुषमा स्वराज जैसी महिला नेताओं की उपेक्षा के खिलाफ भाजपा से इस्तीफा दे रही हैं। 

मतदान के ठीक पहले ऐसी चिट्ठी बनाकर लोगों को वॉट्सऐप पर भेजी गई थी। उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा पुलिस को जांच में कुछ समय लग रहा है क्योंकि वॉट्सऐप से जानकारी उसके अमरीका स्थित सर्वर से पुलिस जुटा रही है। उन्होंने कहा कि इस चिट्ठी में जैसे फूहड़ और बचकाने तरीके से बातें लिखी गई हैं, वे किसी विचलित और विक्षिप्त दिमाग की उपज लगती हैं, और उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि छत्तीसगढ़ पुलिस इस अपराधी तक पहुंच जाएगी। 

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