विशेष रिपोर्ट

शिक्षा का अलख जगाने रोज गांवों में फेरा लगा रहा, नक्सलगढ़ मदनवाड़ा में भृत्य तेजराम बने मिसाल
शिक्षा का अलख जगाने रोज गांवों में फेरा लगा रहा, नक्सलगढ़ मदनवाड़ा में भृत्य तेजराम बने मिसाल
Date : 05-Sep-2019

शिक्षा का अलख जगाने रोज गांवों में फेरा लगा रहा, नक्सलगढ़ मदनवाड़ा में भृत्य तेजराम बने मिसाल

प्रदीप मेश्राम
राजनांदगांव, 5 सितंबर(छत्तीसगढ़)।
शिक्षा के प्रति गहरे लगाव ने एक चपरासी के रोज ड्यूटी के बाद लोगों के चौखट पर पहुंचकर नौनिहालों को स्कूल भेजने की मुहिम ने नक्सलगढ़ मदनवाड़ा में शिक्षा का अलख जगा दिया है। मदनवाड़ा हाईस्कूल में पदस्थ भृत्य तेजराम निषाद स्कूल में शिक्षकों और विद्यार्थियों को पानी पिलाने समेत अन्य कार्य करने के बाद रोजाना साइकिल से धूर नक्सलग्रस्त गांवों का फेरा लगाकर अशिक्षा के जाल में फंसे ग्रामीणों को बच्चों को स्कूल भेजने पर जोर दे रहे हंै। अब बच्चों को पढ़ाने स्वमेव ग्रामीण सामने आने लगे हैं। 

तेजराम निषाद ने स्कूल में दर्ज संख्या को बढ़ाने के लिए यह सकारात्मक कदम उठाया है। कुछ दिनों में मदनवाड़ा, कारेकट्टा, मुंजाल, रेतेगांव, कलवर, हुरवे व हरेली गांव से विद्यार्थियों ने स्कूल में दाखिला लेना शुरू किया। तेजराम की कोशिशों से अब स्कूल की दर्ज संख्या में खासी वृद्धि हो गई है। 

बताया जाता है कि मदनवाड़ा हाईस्कूल खुलने के करीब दो वर्ष तक एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया था। जिससे शिक्षकों और अन्य कर्मियों को विद्यार्थियों की गैरमौजूदगी खलती रही। ऐसे में शिक्षकों के सामने आने से पहले चपरासी निषाद ने गांवों में फेरा लगाकर ग्रामीणों को स्कूली शिक्षा महत्व से अवगत कराया। तालीम हासिल नहीं करने के स्थिति में बच्चों को भविष्य में होने वाली दिक्कतों से रूबरू कराया। बताया जाता है कि शुरूआत में ग्रामीण तेजराम को देखकर बिदकने लगे थे, लेकिन चपरासी की जिद ने आखिरकार रंग लाया और मदनवाड़ा स्कूल विद्यार्थियों से गुलजार होने लगा। 

करीब पांच साल पहले 2014-15 स्वीकृत स्कूल भवन 16-17 में पूर्ण हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों को स्कूल में लाने के लिए तेजराम ने एक सकारात्मक कदम उठाया। बताया जाता है कि मानपुर में पदस्थ रहे निषाद ने खुद प्रशासन से मदनवाड़ा में अपनी पदस्थापना करने का आग्रह किया। मदनवाड़ा में नक्सलियों की तेज आमदरफ्त की परवाह किए बगैर निषाद ने गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को अपने साथ जोड़ा। नतीजतन आज मदनवाड़ा हाईस्कूल में शिक्षक आधुनिक और तकनीकी शिक्षा से बच्चों को दुनिया के साथ कदमताल करने के लिए तैयार कर रहे हंै।

 ज्ञात हो कि तेजराम ने शिक्षा का उन्मुक्त वातावरण बनाने के लिए अपनी बेटी को मानपुर से मदनवाड़ा में दाखिल कराया। नतीजतन उनकी बेटी ने कक्षा 10वीं में 73 फीसदी अंक हासिल की। वर्तमान में वह अंबिकापुर स्थित प्रयास विद्यालय में तालीम ले रही हंै।

कलेक्टर ने कहा सम्मानित करेंगे
चपरासी तेजराम निषाद की सराहना करते कलेक्टर जेपी मौर्य ने कहा कि निश्चित ही यह अनुकरणीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे निष्ठावान कर्मियों से अन्य शिक्षकों को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी गणतंत्र दिवस में उनको प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा के प्रति लगाव से ही ऐसे बेहतरीन कार्य किए जा सकते हंै।

 

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