विशेष रिपोर्ट

बैकुंठपुर, निर्देश के बाद भी बीमा कंपनी से भुगतान नहीं
बैकुंठपुर, निर्देश के बाद भी बीमा कंपनी से भुगतान नहीं
Date : 09-Sep-2019

निर्देश के बाद भी बीमा कंपनी से भुगतान नहीं 

बैकुंठपुर, 9 सितंबर (छत्तीसगढ़)। ‘छत्तीसगढ़’ की खबर के असर के बाद कोरिया जिले की खरीफ फसल वर्ष 2014 में मौसम आधारित फसल बीमा योजना में हुए घोटाले में राज्य सरकार ने बीमा कंपनी को दोषी मानते हुए अंतर की राशि 12 प्रतिशत ब्याज के साथ एक माह की समय सीमा पर भुगतान करने के लिए निर्देशित किया था, परन्तु आज तक बीमा कंपनी ने राशि जमा नहीं की। दूसरी ओर राज्य शासन ने बीमा कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, परन्तु उप संचालक कृषि ने पत्र को दबा कर रख किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की। सूचना के अधिकार से मामले की जानकारी सामने आई।

इस संबंध में आरटीआई एक्टीविस्ट रमाशंकर गुप्ता का कहना है कि जिला कृषि विभाग के अधिकारी जानबूझ कर बीमा कंपनी को बचाने में जुटे हैं। यही कारण है कि 22 मई 2019 को जारी इस पत्र को उप संचालक कृषि ने ना सिर्फ दबा कर रखा, वरन किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की। सरकार ने राजनांदगांव और कोरिया के किसानों को बीमा कंपनी को किसानों की राशि 12 प्रतिशत के ब्याज के साथ देने का आदेश दिया है, उस आदेश को भी कंपनी ने नहीं माना। 

जानकारी के अनुसार राज्य के कृषि विकास एवं कल्याण विभाग ने 23 मई 2019 को जारी अपने आदेश में कोरिया और राजनांदगांव में मौसम आधारित फसल बीमा योजना खरीफ वर्ष 2014 में बीमा कंपनी द्वारा किसानों के साथ आंकड़ों में जालसाजी एवं धोखाधड़ी को सही माना था। राज्य सरकार ने बीमा कंपनी ने उल्लेखित प्रावधानों का उलंघ्घन करते हुए प्रमाणित जानकारी निर्धारित समयातंराल में संचालनालय कृषि को नहंीं दी थी। ऐसे मेें मौसमी राज्य सरकार ने आंकड़ों के आधार पर अंतर दावा राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के साथ कृषकों को एक माह की समय सीमा में भुगतान करने को कहा था परन्तु बीमा कंपनी ने समयावधि निकल जाने के बाद भी किसानों की राशि नहीं लौटाई। जिसके बाद राज्य सरकार ने उपसंचालक कृषि कोरिया को बीमा कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा कृषि विकास कल्याण विभाग को अवगत कराने निर्देशित किया था। दो माह बीत जाने के बाद भी उप संचालक कृषि ने किसी भी तरह की कार्रवाई में दिलचस्पी नहीं दिखाई। आरटीआई एक्टिविस्ट रमाशंकर गुप्ता ने आरटीआई के तहत जानकारी निकाली तो इस बात का खुलासा हुआ है। 

क्या था मामला
कोरिया जिले के भरतपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति माड़ीसरई के 25 गांव के 546  कृषकों को कुल रकबा 76 2.15 हेक्टे. के लिए बीमा कंपनी पर धोखाधड़ी कर कम मुआवजा बांटने की शिकायत सामने आई थी। तत्कालीन कलेक्टर नरेन्द्र दुग्गा ने जांच के निर्देश दिए और जांच के बाद कंपनी दोषी पाई गई। मामले में कृषि उपसंचालक को कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा गया। जिसके बाद पुलिस ने दस्तावेज मांगे। कृषि विभाग के कार्यालय से दो बार दस्तावेज चोरी हो गए। फिर रायपुर से दस्तावेज पहुंचे और पुलिस को सौंप दिए गए। बावजूद इसके एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसी बीच दिसंबर में बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि तत्कालीन कलेक्टर से मिले और मामला पलटने लगा। 

इधर, आरटीआई एक्टीविस्ट रमाशंकर गुप्ता एफआईआर का दबाव बनाए हुए थे। शिकायतकर्ता व अन्य के द्वारा उच्च न्यायालय में फसल बीमा के एक अन्य मामले में दायर याचिका खारिज हो गई।जिसे कोरिया जिले में हुए घोटाले से जोडक़र कृषि उप संचालक ने बीमा कंपनी पर एफआईआर को औचित्यहीन बताते हुए कलेक्टर जनदर्शन में दिए गए शिकायतकर्ता के समस्त शिकायत आवेदनों को निरस्त करने को कहा और तत्कालीन कलेक्टर ने तत्काल मामले को विलोपित भी कर दिया। 

इसकी जानकारी आरटीआई एक्टीविस्ट रमाशंकर गुप्ता को लगी। उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी। दबाव बनाता देख कृषि उप संचालक ने 28  फरवरी 2019 को दोषी बीमा कंपनी बजाज एलायंस इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को पत्र लिख कर कहा कि किसानों को कम क्षतिपूर्ति देने की शिकायत रमाशंकर गुप्ता द्वारा करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का दबाव डाला जा रहा है तथा प्राथमिकी शिकायतकर्ता द्वारा राजनांदगांव में दर्ज की गई। जिस संबंध में पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव के निर्णय, वक्तव्य को संलग्न कर इस कार्यालय को प्रेषित करें। जिससे कि कोरिया में एफआईआर को रद्द किया जा सके। वहीं प्रशासन अब भी हर संभव बीमा कंपनी को बचाने में जुटा हुआ है।

साक्ष्य के साथ की गई छेड़छाड़
बीमा कंपनी बजाज एलाएंस द्वारा वेदर सर्विस सेंटर स्काईमेट मुंबई द्वारा वर्षा के आंकड़े प्रस्तुत किये गए थे। जो पूर्व में भेज गये आंकड़ों से भिन्न थे। इस तरह बीमा कंपनी द्वारा आंकड़ों में परिवर्तन कर शासन को गुमराह करने की कोशिश की गई। इसके बाद भी बीमा वेदर सर्विस सेंटर स्काईमेड मुबई द्वारा वर्षा के आंकड़े प्रस्तुत किए गए जो पूर्व में भेजे गए से भिन्न थे। इस तरह बीमा कंपनी द्वारा आंकड़ों में परिवर्तन कर शासन को गुमराह किया गया।

कोरिया जिले में किसानों को मौसम आधारित फसल बीमा योजनांतर्गत अधिकृत बीमा कंपनी बजाज एलायंस द्वारा कोरिया जिले के भरतपुर जनपद क्षेत्र के ग्राम माडीसरई के कृषकों के साथ धोखाधड़ी कर कम क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने के मामले में बीमा कंपनी पर प्राथमिकी दर्ज करने के मामले को लेकर उप संचालक कृषि द्वारा अनुमति मांगी गई थी।

 जिस पर शासन ने नियमानुसार बीमा कंपनी पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किये थे। लेकिन संचालनालय द्वारा आदेश को कई माह से दबाकर रखा गया। जिस कारण किसानों के साथ धोखाधड़ी कर कम क्षतिपूर्ति राशि देने के आरोप से घिरे बीमा कंपनी पर अब तक आपराधिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मामले में कृषि विभाग के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी की संलिप्तता होने के कारण इस मामले को दबाने का प्रयास करने का भी आरोप है।

 

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