विचार / लेख

 योगी का रामराज्य
योगी का रामराज्य
Date : 10-Sep-2019

गिरीश मालवीय

योगीजी कुछ कीजिए! मोदीजी कुछ कीजिए! प्लीज मुझे इंसाफ दिलाइए। यही कहा था शाहजहांपुरा की छात्रा ने अपने वायरल वीडियो में! जब उसने संत समाज के एक बहुत बड़े नेता के बारे में बताया था, जो कि बहुत लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर चुका है। शायद उसे भी ‘बेटियों के सम्मान में, भाजपा मैदान में’ के नारे पर यकीन था। कल उसने जब प्रेस कांफ्रेंस की तो उसका यह यकीन टूट चुका था। 
संत समाज के यह बहुत बड़े नेता हैं स्वामी चिन्मयानंदजी। भगवावेशधारी यह महापुरुष बहुत ज्ञानवान और प्रज्ञावान हैं।  वैदिक धर्म के प्रकाण्ड पंडित हैं।  कहा जाता है कि उन्होंने उपनिषद् ्सार, गीता बोध, भक्ति वैभव समेत करीब आठ धार्मिक किताबें लिखी हैं। दो धार्मिक पत्रिकाओं ‘धर्मार्थ’ और ‘विवेक रश्मी’  का संपादन करते हैं। संत के रूप में शाहजहांपुर में आश्रम भी चलाते हैं। वे मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता हैं। ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन और राम मंदिर आंदोलन से भी सक्रिय रूप में आज भी जुड़े हुए हैं। 
स्वामी चिन्मयानंद वैसे तीन बार सांसद रह चुके हैं और अटलजी की सरकार में गृह राज्यमंत्री पद को सुशोभित कर चुके हैं। 
2001 की बात है। स्वामी जौनपुर के सांसद थे। तब दक्षिणी दिल्ली की रहने वाली एक लडक़ी अपने माता-पिता के साथ स्वामी चिन्मयानंद के संपर्क में आई। स्वामीजी ने उसे आधात्यामिक ज्ञान लेने के लिए प्रेरित किया। 2002 में उसकी दीक्षा हुई और उसका नया नामकरण हुआ। उसे साध्वी बनाया गया। उसी साध्वी ने जब वह स्वामीजी के ही शाहजहांपुर के एक विद्यालय में प्राचार्य पद पर कार्यरत थीं। 30 नवंबर 2011 को चिन्मयानन्द के खिलाफ शहर कोतवाली में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। 
साध्वी ने आरोप लगाया कि 2004 में स्वामी के लोगों ने बंदूक के बल पर उसे उठा लिया। दिल्ली से शाहजहांपुर लाया गया। उस पर पहरा लगा दिया गया। आरोप के मुताबिक एक दिन स्वामी ने नशे में धुत होकर उसके साथ रेप किया। रेप का वीडियो भी बनाया गया था। साध्वी ने स्वामी पर सात साल तक रेप करने और जबरन गर्भपात का आरोप लगाया। 
2011 में मायावती सत्ता में थी, इसलिए कम से कम पीडि़त साध्वी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया था। लेकिन तब भी आज ही की तरह स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती की गिरफ्तारी नहीं की गई थी। बाद में स्वामी चिन्मयानन्द ने गिरफ्तारी को लेकर कोर्ट से स्टे लिया। मायावती गई। अखिलेश आए। लेकिन स्वामीजी ने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर मामला लटकाए रखा। जब उनके अभिन्न मित्र योगीजी प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और प्रदेश में रामराज्य की स्थापना हुई तब पिछले साल 2018 में योगी सरकार ने चिन्मयानंद पर धारा 376 (बलात्कार) और 506 (धमकाने) के तहत दर्ज मुकदमा वापस लिए जाने का आदेश दे दिया। 
जैसे आज यह छात्रा अपने वायरल वीडियो में योगीजी और मोदीजी से गुहार लगा रही हैं। ठीक उसी प्रकार उस महिला ने भी राष्ट्रपति, प्रधान न्यायाधीश और जिला जज को पत्र भेजकर राज्य सरकार के इस क़दम पर आपत्ति दर्ज कराई थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 
उस बलात्कार से पीडि़त महिला ने दुहाई दी कि  यही भाजपा ‘बेटियों के सम्मान में, भाजपा मैदान में’ का नारा दे रही थी और अब वहीं पार्टी मेरा मुकदमा खत्म करा रही है, यह बहुत ही दुखद है। सरकार को न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए थी। मैंने अदालत में इस आशय का प्रार्थनापत्र दे दिया है कि आरोपी के खिलाफ वारंट जारी करके उसे जल्द से जल्द जेल भेजा जाए। ’
एबीपी न्यूज ने उस महिला का इंटरव्यू लिया था। एबीपी न्यूज से बात करते हुए पीडि़ता ने कहा-‘कि मैं भी किसी बेटी हूं, मुझे इंसाफ दो, केस वापस लेना लोकतंत्र की हत्या जैसा है’। सरकार को अगर कोर्ट के निर्णय पर भरोसा नहीं है तो आम लोगों का क्या होगा? कम से कम लोकतंत्र में किसी को ट्रायल तो फेस करना चाहिए।  आप किसी का इस हद तक पक्ष ले रहे हैं कि उसे ट्रायल तक फेस नहीं करने देना चाहते।  ये न्याय और लोकतंत्र की हत्या है। 
लेकिन कौन सुनता है। ये श्रीराम का रामराज्य नहीं है। जहां धोबी के संदेह मात्र से सिंहासन हिल जाते हैं। ये योगीजी का रामराज्य है। जहां सत्ताधारी दल कर नेता और दबंग दिन-रात आतंक मचा रहे हैं और स्वामीजी के पास तो एक गुण विशेष भी है वे ठहरे भगवाधारी। 
कुछ नहीं होगा। कुछ सालों में ये मुकदमा भी सरकार वापस ले लेगी। कल लडक़ी ने प्रेस कांफ्रेंस में साफ-साफ कहा कि जिलाधिकारी उसकी फरियाद सुनने के बजाए उसके पिता को धमका रहे थे कि जानते हो वो कितने बड़े आदमी हैं। जब पिछले साल योगी सरकार ने उपरोक्त पुराना केस वापस लिया तब भी बताया जाता है कि उसके कुछ दिन पहले शाहजहांपुर के सीडीओ और एडीएम (प्रशासन) ने भी स्वामी की आरती उतारी थी।
वैसे बहुत संभव है कि आप कुछ दिनों बाद शाहजहांपुर की उस लडक़ी की दुर्घटना में मृत्यु का समाचार पढं़े। आखिरकार ये योगीजी का रामराज्य है। न पहली वाली को इंसाफ मिला न दूसरी वाली को मिलेगा और लडक़ी तो कह भी रही है कि मेरे जैसी ओर भी बहुत-सी लड़कियां हैं...।

 

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