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फ्लिपकार्ट की बैलेंस शीट से कैट ने लगाए फ्लिपकार्ट पर गंभीर आरोप
फ्लिपकार्ट की बैलेंस शीट से कैट ने लगाए फ्लिपकार्ट पर गंभीर आरोप
Date : 07-Nov-2019

फ्लिपकार्ट की बैलेंस शीट से कैट ने लगाए फ्लिपकार्ट पर गंभीर आरोप

रायपुर, 7 नवंबर। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिय़ा ट्रेड़र्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेंद्र दोशी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, एवं प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार राठी ने विज्ञप्ति में बताया कि केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को गुरुवार भेजे गए एक पत्र  में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) ने फ्लिपकार्ट प्राइवेट लिमिटेड की बैलेंस शीट का हवाला देते हुए उस पर  कानून को दरकिनार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं जिसके कारण  सरकार को जीएसटी और आयकर में भारी राजस्व की हानि हुई है। फ्लिपकार्ट द्वारा इन्वेंट्री को नियंत्रित करने के लिए सकल जोड़तोड़, सरकार की एफडीआई नीति को दरकिनार करना और खुले और पारदर्शी तरीके से कारोबार करने के बजाय कंपनी के मूल्यांकन को बढ़ाने जैसे आरोप कैट ने लगाए हैं। कैट ने कहा है कि यह ई कॉमर्स बाजार को विषाक्त करने का खुला मामला है और श्री गोयल को पहले कदम के रूप में फ्लिपकार्ट ई कॉमर्स व्यवसाय को बंद करने के लिए आदेश देना चाहिए और कर विशेषज्ञों, चार्टर्ड एकाउंटेंट और वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करना चाहिए जो एक समयबध्द सीमा में फ्लिपकार्ट, उसकी मूल कंपनी और अन्य सहयोगी या संबंधित कंपनियों की बैलेंस शीट, आय और व्यय खाते का गहराई से अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपे ।

 मीडिया के एक हिस्से में फ्लिपकार्ट के बारे में सही तथ्यों का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसने फ्लिपकार्ट की बैलेंस शीट का विश्लेषण किया है और उसका निष्कर्ष हमारे आरोपों की पुष्टि करता है कि फ्लिपकार्ट कोई मार्केटप्लेस नहीं है बल्कि  वास्तविक रूप में यह देश की सबसे बड़ी खुदरा कंपनी है जो एफडीआई नीति का घोर उल्लंघन है ।

एक मीडिया रिपोर्ट का हवाले  कैट ने कहा कि देश के पांच शीर्ष कॉर्पोरेट खुदरा विक्रेताओं दम वित्तीय वर्ष 2018-19 में 43,374 करोड़ रुपये का माल खऱीदा जबकि फ्लिपकार्ट की सिंगापुर मूल कंपनी फ्लिपकार्ट प्राइवेट लिमिटेड के वित्तीय स्टेटमेंट से पता चलता है कि अकेले फ्लिपकार्ट ने इस वर्ष 39,514 करोड़ रुपये का सामान खरीदा, जो कॉर्पोरेट खुदरा विक्रेताओं द्वारा खरीदे गए कुल माल का 90 प्रतिशत  है। प्रासंगिक सवाल यह है कि एक मार्केट प्लेस को इतने बड़े पैमाने पर सामान खरीदने और बेचने की आवश्यकता क्यों है ?

कैट ने कहा की उसी वित्तीय वर्ष में फ्लिपकार्ट ने उन सामानों की बिक्री के कारण रु. 4431 करोड़ का नुकसान उठाया जिसमें बिक्री के लिए खर्च किए गए आकस्मिक खर्चे शामिल नहीं हैं । 2019 में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में भारी डिस्काउंट देने की वजह से घाटा 170 प्रतिशत  तक बढ़ा है। एक अनुमान के अनुसार फ्लिपकार्ट हर दिन 110 करोड़ रुपये का सामान खरीद रहा है और प्रति दिन 39 करोड़ रुपये के नुकसान पर बेच रहा है।

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