विशेष रिपोर्ट

दिव्यांग सरपंच का हुक्का-पानी बंद, फिर भी जीता, अब सबने मिल-जुलकर विकास की बात कही
दिव्यांग सरपंच का हुक्का-पानी बंद, फिर भी जीता, अब सबने मिल-जुलकर विकास की बात कही
Date : 07-Feb-2020

दिव्यांग सरपंच का हुक्का-पानी बंद, फिर भी जीता, अब सबने मिल-जुलकर विकास की बात कही

राज शार्दूल

विश्रामपुरी (कोंडागांव), 7 फरवरी (छत्तीसगढ़)। बड़ेराजपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत चिचाड़ी में ग्राम प्रमुखों व ग्रामीणों द्वारा हुक्का पानी बंद करने के बाद दिव्यांग सरपंच दोबारा चुनाव जीत गया। नवनिर्वाचित सरपंच ने बताया कि उसके घर में किसी भी ग्रामीण का आना जाना बंद था, किंतु उसने हार नहीं मानी और दो प्रस्तावक एवं समर्थक का जुगाड़ किया तथा पुन: सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा और विजय हासिल किया।

ज्ञात हो कि गांव में कुल 56 4 मतदाता हैं। चुनावी मैदान में 5 प्रत्याशी थे। देवीराम कोराम को 200 मत पड़ा था और वह 117 मतों से जीत हासिल किया है। अब मुखिया व ग्रामीणों ने सरपंच के साथ मिलजुल कर काम करने की बात कही है। चुनाव जीतने के बाद नवनिर्वाचित सरपंच द्वारा रविवार को सामूहिक भोज का आयोजन किया गया है।

मामला बड़ेराजपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत चिचाड़ी का है। जहां पंचायत चुनाव के पहले कुछ ग्राम प्रमुखों ने बैठक बुलाया तथा गांव के सरपंच देवी राम कोराम को समाज एवं गांव से बहिष्कृत कर दिया। गत चुनाव में ग्राम पंचायत चिचाड़ी में देवी राम कोराम जो कि पैर से दिव्यांग है को सरपंच चुना गया था। वह अपने कार्यकाल में किसी प्रकार के विवादों में नहीं रहा।

गांव में शौचालय के भुगतान को लेकर ग्रामीणों ने बैठक की। जहां गांव के सभी लोग शामिल हुए थे। ग्राम प्रमुखों ने स्वयं को मुखिया बताकर सरपंच को बैठक में बुलाया। सरपंच देवीराम वहां किसी कारणवश नहीं पहुंच पाये जिससे आक्रोशित होकर सरपंच को ही गांव से बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया गया तथा गांव में मुनादी कराते हुए उनका हुक्का-पानी भी बंद कर दिया। गांव के किसी भी दुकान से उनको सामान नहीं देने की हिदायत दे दी गई तथा किसी भी हैंडपंप या कुएं से वह पानी का उपयोग भी ना करें ऐसा उसे चेतावनी दिया गया। उसके पीछे निगरानी करते रहे किंतु दिव्यांग सरपंच ने हार नहीं मानी।

सरपंच चुने जाने के बाद देवी राम कोराम ने बताया कि उसे आज बेहद खुशी हुई है कि दिव्यांग होने तथा गांव वालों के द्वारा बहिष्कार करके हुक्का पानी बंद कर दिए जाने के बाद भी उसे मतदाताओं का आशीर्वाद मिला। वह अब पूरे 5 वर्ष तक गांव वालों की सेवा करेगा। उसने बताया कि पूर्व में भी भ्रष्टाचार से दूर रहकर ग्रामीणों की सेवा किया था किंतु कुछ लोगों ने दुर्भावना वश उसे सरपंच पद पर दोबारा ना लड़ पाए इस नीयत से उसके खिलाफ बहिष्कार की साजिश रची गई। बहिष्कार का उल्लंघन करने वाले को 7051 रूपये का जुर्माना

गांव के बुजुर्ग मुखिया लच्छू राम कश्यप ने बताया कि सरपंच देवीराम कोर्राम के द्वारा शौचालय निर्माण की राशि देने में देर किया जिससे यह शर्त रखा गया था कि तीन दिन के अंदर ग्रामीणों को शौचालय की राशि  का भुगतान नहीं करने पर उनको गांव से बहिष्कार किया जाएगा। देवीराम तीन दिन तक पैसा नहीं दे पाया जिससे बहिष्कार कर दिया गया। बहिष्कार के तहत जो भी गांव का व्यक्ति सरपंच देवी राम कोराम से किसी भी प्रकार का लेनदेन करेगा या कोई मजदूर उसके घर में काम करने जाएगा या कोई दुकानदार उसे सामान देगा या कोई हैंडपंप से पानी निकालते हुए देवी राम को नहीं रोकेगा तो उसे 7 हजार 51 रूपये का जुर्माना रखा गया था। इसके कड़ाई से पालन के लिए दो बार मुनादी किया गया था।

चुनाव जीतने के बाद लच्छू राम ने कहा कि सरपंच के साथ मिलजुल कर काम करेंगे। अब कोई शिकायत नहीं है।

गांव के दुकानदार शिवलाल ने बताया कि गांव के ग्रामीणों के द्वारा प्रतिबंध लगाने के बाद वह देवी राम को सामान नहीं दे रहे थे। वह भी सामान के लिए दुकान में नहीं आता था। वह अन्य गांव के दुकानों से सामान लाता था। देवी राम को गांव वालों ने इस तरह प्रताडि़त किया था कि उसे पानी के लिए भी गांव से 3 किलोमीटर दूर लिहागांव पंचायत से पानी लाना पड़ता था।

Related Post

Comments