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प्रेम के वे रंग जिन्हें आप पहचानते जरूर होंगे, लेकिन क्या इनकी आधुनिक शब्दावली भी जानते हैं?
प्रेम के वे रंग जिन्हें आप पहचानते जरूर होंगे, लेकिन क्या इनकी आधुनिक शब्दावली भी जानते हैं?
Date : 14-Feb-2020

अंजलि मिश्रा

यह नई शब्दावली बताती है कि ऑनलाइन डेटिंग के इस दौर में प्रेम अब सिर्फ ‘ढाई आखर’ की चीज नहीं रह गया है।

ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय...इसे अब गुजरे जमाने की बात मान ही लेनी चाहिए क्योंकि ऑनलाइन डेटिंग के इस युग में प्रेम का शब्दकोश कई गुना बढ़ चुका है। सदी के साथ इस साल वयस्क होने जा रही पीढ़ी अब प्यार को कहीं ज्यादा प्रैक्टिकल और खुले नजरिए देखती-समझती है। इसीलिए इंटरनेट पर होने वाली मोहब्बत के हर पड़ाव को, जो सिर्फ शब्दों और तस्वीरों के सहारे परवान चढ़ती है, इसने नए-नए नाम दे दिए हैं। अब प्यार में खुशी, इंतजार, डर, असुरक्षा यहां तक कि वक्त को भी उनके हिस्से के नाम मिल चुके हैं। इसमें कोई दोराय नहीं कि प्यार में ये रंग हमेशा से मौजूद रहे हैं और हम सभी इन्हें पहचानते भी हैं। लेकिन अगर आप इस पहचान को किसी नाम से जानना चाहते हैं तो प्रेम-चलन की यह शब्दावली आपके बड़े काम आ सकती है-

कुशनिंग और बेंचिंग

डेटिंग के दौरान लोग हमेशा सामने वाले को परख रहे होते हैं, यानी उस वक्त उन्हें यह पता नहीं होता कि वे इस व्यक्ति के साथ रिलेशनशिप में जाने वाले हैं या नहीं। ऐसे में एक इंसान को डेट करते हुए जब कोई अपने पास दूसरे विकल्प भी तैयार रखता है तो इसे कुशनिंग कहा जाता है। यहां पहले व्यक्ति से मिलने वाले रिजेक्शन के झटके को बर्दाश्त करने के लिए किसी तीसरे को कुशन की तरह इस्तेमाल किया जाता है और पहले से रिश्ता न बनने की स्थिति में इस तीसरे व्यक्ति के साथ आगे बढ़ा जाता है। यह सब घटने के दौरान तीसरे व्यक्ति की स्थिति बेंचिंग कहलाती है।

कफिंग और अनकफिंग सीजन

कुछ लोग केवल सर्दियां आने पर रिलेशनशिप रखना पसंद करते हैं। भारतीय मूल्यों के हिसाब यह बड़ी वाहियात बात लग सकती है, लेकिन कुछ लोग गर्माहट के लिए गरम पानी की बॉटल या सिगड़ी के बजाए सर्दियों में इंसानों का सहारा लेना पसंद करते हैं। सर्दियों की शुरुआत में इस तरह के रिलेशनशिप बनने शुरू होते हैं इसलिए उसे कफिंग सीजन कहते हैं। वहीं सर्दियां खत्म होने के साथ ही इन रिश्तों की जरूरत और सोहबत भी खत्म होने लगती है, तब इसे अनकफिंग सीजन कहा जाता है। इस तरह के रिलेशनशिप में जाने वालों को सलाह दी जाती है कि वे पहले ही अपने इरादे बता दें कि यह बिल्कुल थोड़े समय के लिए रखा जाने वाला रिश्ता होगा और ठंड का मौसम जाते ही दोनों के रास्ते अलग-अलग होंगे।

गैसलाइटिंग

किसी जोड़े में अगर कोई पार्टनर थोड़ा चतुर है तो वह बहुत आसानी से अपनी गलतियां भी सामने वाले के सिर पर थोप सकता है।  गैसलाइटिंग से मतलब है कि पार्टनर को इस तरह समझाना या ब्रेनवाश करना कि विक्टिम होते हुए भी उसे अपने ऊपर ही शक हो और उसे अपनी समझ और क्षमताओं पर ही संशय हो जाए। गैसलाइटिंग करने वाला व्यक्ति लगातार अपने पार्टनर से झूठ बोलता है और बाद में घुमा-फिराकर उसे ही गलत साबित कर देता है। ऐसा लगातार होने पर पार्टनर अपना आत्मविश्वास खोता चला जाता है। इसके बाद पहला व्यक्ति उसे झूठे दिलासे देकर उसे यह एहसास दिलाने की कोशिश करता है कि वही उसका सबसे बड़ा सहारा है। अक्सर लोग अपने साथी पर नियत्रंण रखने के लिए गैसलाइटिंग का सहारा लेते हैं।

ब्रेड क्रंबिंग

ब्रेड का पैकेट खत्म होने के बाद तली में बचा हुआ ब्रेड क्रंबिंग यानी ब्रेड का चूरा, और रिलेशनशिप के मामले में दिल का चूरा। यह प्रेम संबंधों का वह रूप है जब कोई व्यक्ति अपने पार्टनर को सिर्फ इतना महत्व देता है कि उसे यह लगता रहे कि यह रिलेशनशिप अभी खत्म नहीं हुई है। उदाहरण के लिए वह देर रात मैसेज के जवाब दे देता हो, कभी-कभार फोन पर बात कर लेता हो। ब्रेड कं्रबिंग करते हुए लोग अपने पार्टनर से किसी भी तरह का कमिटमेंट करने में झिझकते हैं, लेकिन पूरी तरह से रिश्ता खत्म भी नहीं करते। ऐसा करने वाले लोग कभी दूसरों को यह नहीं दिखाना चाहते कि वे किसके साथ हैं।

डीप लाइकिंग

डीप लाइकिंग का मतलब दिल की गहराइयों से लाइक करने से बिल्कुल नहीं है। जब कोई किसी के सोशल मीडिया प्रोफाइल पर जाकर उसकी बहुत पुरानी तस्वीरें और पोस्ट्स लाइक करता है तो इसे डीप लाइकिंग कहा जाता है। यह हरकत सामने वाले व्यक्ति तक यह संदेश पहुंचाने के लिए इस्तेमाल की जाती है कि कोई आपको पसंद कर रहा है।

ब्रीजिंग और डीटीआर

ब्रीजिंग ट्रेंड को फॉलो कर रहे लोग बेफिक्र किस्म के प्रेमी होते है। इस दौरान लोग अपने साथी को लेकर किसी तरह की चिंताएं नहीं पालते। ये लोग अपने आप में खुश और आत्मविश्वास से लबरेज होते हैं। इस तरह के लोगों से बात करना सहज होता है। कुल मिलाकर यह पार्टनर के साथ-साथ अपने साथ भी ईमानदार होने वाले लोगों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली टर्म है। ब्रीजिंग करते हुए जहां सारी बातें साफ-साफ रखी जाती हैं वहीं डीटीआर अस्पष्टता या दुविधा वाली स्थिति है। डीटीआर का फुल फॉर्म है - डिफाइन द रिलेशनशिप। जब एक जोड़े को यह समझ न आ रहा हो कि उसके बीच दोस्ती है या प्यार, या फिर आगे जाकर उन्हें शादी करनी चाहिए।

कैच एंज रिलीज

कुछ डेटर्स (डेट करने वाले) ऐसे होते हैं जिन्हें सिर्फ लोगों को चेज करने में मजा आता है। वे लोगों से बात करने की और उनसे रिश्ता बनाने की कोशिश करते दिखते हैं लेकिन जैसे ही सामने वाला उनमें इंटरेस्ट लेने लगता है, वे उससे बोर हो जाते हैं और रिलेशनशिप खत्म कर देते हैं। ऐसे लोग अपने पार्टनर की पकड़ में आते ही उसे छोड़ देते हैं इसलिए यह कवायद कैच एंड रिलीज कही जाती है।

घोस्टिंग-हॉन्टिंग और जॉम्बीइंग

अगर डेट करने वाले जोड़े में से एक अचानक भूत की तरह गायब हो जाए और किसी भी तरह का कॉन्टेक्ट न रखे, फोन-मैसेज के जवाब देना बंद कर दे तो इसे घोस्टिंग कहा जाता है। अमूमन इसका सहारा वे लोग लेते हैं जो पार्टनर के सामने आकर यह कहने में डरते हैं कि वे अब रिलेशनशिप को आगे नहीं ले जाना चाहते। इस तरह से अचानक गायब होने वाले लोग जब अचानक फिर से वापस आ जाते हैं तो इसे हॉन्टिंग कहा जाता है। हॉन्टिंग करने वाले ये एक्स लवर जब असल जिंदगी में घुसकर उसमें गड़बडिय़ां मचाना शुरू कर देते हैं और चाहते हैं कि किसी तरह पार्टनर का साथ दोबारा पा लिया जाए तो इसे जॉम्बीइंग कहते हैं।

किटन फिशिंग 
डेटिंग एप पर अपने बारे में गलत जानकारी देने वालों को किटन फिशऱ कहा जाता है। ऐसे लोग जब टिंडर जैसी वेबसाइटों पर अपना प्रोफाइल बनाते हैं तो उसमें अपने बारे में जरूरत से ज्यादा सकारात्मक बातें लिखते हैं या असंभव की हद तक सकारात्मक दिखते हैं। किटन फिशर्स अपना प्रोफेशन, कद या रुचियां कुछ इस तरह रखते हैं जिससे वे हर किसी को एक आदर्श साथी लगें और लोग उनमें रुचि लें। चूंकि ये फंसाने का काम करते हैं सो इसे किटन फिशिंग कहा जाता है।
मंकीइंग और पिकॉकिंग
पशु-पक्षियों की प्रवृत्ति पर आधारित और उन्हीं के नाम से पहचानी जाने वाली ये दोनों एक्टिविटी एक दूसरे से एकदम अलग हैं। जैसे बंदर एक डाल से उछलकर दूसरी डाल पर पहुंच जाता है, इसी तर्ज पर अगर कोई व्यक्ति दो रिलेशनशिप के बीच में ब्रेक नहीं लेता तो इसे मंकीइंग कहा जाता है। पिकॉकिंग से मतलब किसी को रिझाने की कोशिश करने से है। जैसे मोर अपने पंख फैलाकर मोरनी को रिझाने की कोशिश करता है, उसी तरह पिकॉकिंग करने वाले लोग हर समय सज-धजकर तैयार रहते हैं ताकि हर किसी का ध्यान उन पर जाए।
स्लो फेड 
ऑनलाइन डेटिंग के दौरान लोग जब शुरू में तो चैट करते हुए किसी में खूब इंटरेस्ट दिखाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद बोरिंग बातें करने लगते हैं या सही तरीके से जवाब नहीं देते तो इसे स्लो फेड कहा जाता है। अक्सर वे लोग जो किसी को पसंद तो करते हैं, लेकिन किसी कमिटमेंट में नहीं पडऩा चाहते, स्लो फेड का सहारा लेते हैं। कई बार सामने वाले के पीछे पड़ जाने और किसी को भावनात्मक रूप से आहत न करने की इच्छा के कारण भी लोगों को स्लो फेड का सहारा लेना पड़ता है।
थस्र्ट ट्रैप 
सोशल मीडिया पर सेक्सी तस्वीरें अपलोड करना या ऐसे फ्लर्टी पोस्ट लिखना जो अधिक से अधिक लोगों का ध्यान खींच सकें, थस्र्ट ट्रैप कहलाता है। डेटिंग कपल्स के अलावा अकेलेपन का शिकार ज्यादातर लोग, खासकर लड़कियां इसका खूब इस्तेमाल करती हैं। लगातार लाइक्स और कमेंट्स मिलते रहने से उन्हें बेहद खास और सुंदर होने का एहसास होता है। डेटिंग कपल अपने पार्टनर का ध्यान खींचने के लिए ऐसी तस्वीरें भी पोस्ट करते हैं जिसमें वे अपने आप में बेहद खुश लग रहे हों। (सत्याग्रह)

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