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 डोभाल ने एससीओ शिखर बैठक का किया बहिष्कार
डोभाल ने एससीओ शिखर बैठक का किया बहिष्कार
16-Sep-2020 8:49 AM

मास्को/नयी दिल्ली 16 सितंबर (वार्ता) राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रूस की अध्यक्षता में मास्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की शिखर बैठक में पाकिस्तान द्वारा भारतीय भूभाग को प्रदर्शित करने वाला मानचित्र दर्शाये जाने पर कड़ा विरोध व्यक्त करते हुए आज बैठक का बहिष्कार किया। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने यहां संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि रूसी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पाकिस्तानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने बदनीयती से वह काल्पनिक मानचित्र पेश किया जो उसने कुछ दिन पहले आधिकारिक तौर पर जारी किया है। यह मेज़बान द्वारा जारी परामर्श का घोर असम्मान और बैठक के नियमों का उल्लंघन था। भारतीय पक्ष उसी समय मेजबान से परामर्श करके बैठक से उठकर निकल गया। 

प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष बैठक को गुमराह करने वाली बातें करता रहा।  राजनयिक सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की इस हरकत से रूस भी हतप्रभ रह गया। सूत्रों के अनुसार मानचित्र में भारतीय भूभाग को पाकिस्तान का क्षेत्र दिखाया जाना एससीओ घोषणापत्र का घोर उल्लंघन है और एससीओ सदस्य देशों की संप्रभुता एवं प्रादेशिक अखंडता की सुरक्षा के स्थापित मानदंडों के विरुद्ध है। 

सूत्रों ने बताया कि भारतीय पक्ष द्वारा पाकिस्तानी पक्ष के अवैध मानचित्र दिखाने पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की गई। रूसी पक्ष ने भी पाकिस्तानी पक्ष को ऐसा करने से रोकने की बहुत कोशिश की। रूस ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह पाकिस्तान की इस हरकत का कतई समर्थन नहीं करता  है और उम्मीद जतायी कि पाकिस्तान की इस हरकत से एससीओ शिखर सम्मेलन में  भारत की भागीदारी प्रभावित नहीं होगी तथा श्री डोभाल एवं रूस के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के सचिव निकोलई पत्रुशेव के  बीच गर्मजोशी भरी मित्रता पर कोई असर नहीं होगा। श्री पत्रुशेव ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बैठक में आने के लिए उनका व्यक्तिगत रूप से आभार व्यक्त किया। श्री पत्रुशेव ने आशा व्यक्त की कि श्री डोभाल आगे अन्य कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे।

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मंगलवार को शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन (एससीओ) की एक मीटिंग छोड़कर अचानक चले गए.

इस वर्चुअल मीटिंग में पाकिस्तानी प्रतिनिधि डॉक्टर मोईद युसुफ़ ने अपने देश का नया राजनीतिक नक़्शा पेश किया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर को 'विवादित क्षेत्र' के तौर पर दर्शाया गया है और गुजरात के जूनागढ़ को पाकिस्तान का हिस्सा बताया गया है. इससे नाराज़ होकर अजीत डोभाल मीटिंग से बाहर निकल गए.

इसके बाद एक मीडिया ब्रीफ़िंग में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने अजीत डोभाल के ग़ुस्से की पूरी कहानी बताई.

उन्होंने कहा, "अजीत डोभाल एससीओ के सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की एक वर्चुअल मीटिंग में हिस्सा ले रहे थे जिसकी मेजबानी रूस कर रहा था. इस मीटिंग में पाकिस्तान ने एनएसए मोईद युसुफ़ ने जानबूझकर अपना वो 'काल्पनिक नक़्शा' दिखाया जिसका पाकिस्तान ने हाल ही में प्रचार किया था."

अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तानी एनएसए का यह राजनीतिक नक़्शा मीटिंग में दिखाना 'मेजबान (रूस) के दिशानिर्देशों का अपमान और बैठक के नियमों का उल्लंघन था. अजीत डोभाल ने रूसी एनएसए से सलाह-मशविरा करने के बाद ही विरोध के तौर पर मीटिंग छोड़ी थी."

वहीं, पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ़ का दावा है कि शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन ने उसके नए राजनीतिक नक़्शे पर सहमत था और उसने अजीत डोभाल के विरोध को ख़ारिज कर दिया था.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने पांच अगस्त की शाम यानी अनुच्छेद-370 निरस्त किए जाने के एक साल पूरे होने पर पाकिस्तान का नया राजनीतिक नक़्शा जारी किया था.

इस नक़्शे में जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और जूनागढ़ को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया है. इस नक़्शे में गिलगित बल्टिस्तान और सर क्रीक को भी साफ़ तौर पर पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया है.

भारत ने पाकिस्तान के इस नक़्शे को ख़ारिज करते हुए कहा था कि न तो इसकी क़ोई क़ानूनी वैधता है और न ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कोई विश्वसनीयता है. 

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