सामान्य ज्ञान

सतपुड़ा पर्वतश्रेणी
12-Jan-2021 12:58 PM 42
सतपुड़ा पर्वतश्रेणी

सतपुड़ा पहाडिय़ों की श्रृंखला है, जो दक्कन पठार का अंग है।  मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र राज्यों में 900 कि.मी तक प्रायद्विपीय भारत के सबसे चौड़े क्षेत्र में फैला हिस्सा, यह पर्वतश्रेणी, जिसके नाम का अर्थ सात वलय है। यह श्रृंखला, नर्मदा (उत्तर) और ताप्ती (दक्षिण), नदियों के बीच जल विभाजक का काम करती है। इस पर्वतश्रेणी की चोटियों की ऊंचाई 1,200 मीटर है और इनमें पश्चिम में राजपिपला पहाडिय़ां, उत्तर में महादेव पहाडिय़ां एवं पूर्व में मैकाल पहाडिय़ां शामिल हैं।
यद्यपि सतपुड़ा पर्वतश्रेणी, आर्थिक रूप से कमजोर है। हालांकि इसके दक्षिण पूर्वी हिस्से में मैंगनीज और कोयले के कुछ भंडार है, यह व्यापक रूप से वनाच्छादित है और देओश के अन्य पठारों से अलग है। इसके जंगलों में पश्चिम में कीमती सागौन के पेड़ हैं। महादेव पहाडिय़ों की ऊपरी वैनगंगा एवं पेंछ घाटियों में थोड़ी बहुत खेती की जाती है और ऊपरी पहाडिय़ों पर गोंड जनजाति के लोग झूम खेती करते हैं। मध्यप्रदेश में पचमढ़ी एक पर्यटक स्थल है और छिंदवाड़ा एक छोटा प्रशासनिक केंद्र है।
 

एल्बिनिज्म 
एल्बिनिज्म एक दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति के शरीर में मेलानिन नाम का पिगमेंट कम या बिल्कुल भी नहीं बनता। मेलानिन ही आंखों, त्वचा और बालों को रंग देता है। इसकी अनुपस्थिति में भी लोगों में देखने की क्षमता पर असर पड़ता है। 

 

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