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11 अप्रैल से प्राइवेट और सरकारी दफ्तरों में मिलेगी वैक्सीनेशन की सुविधा, जानें सबकुछ
08-Apr-2021 7:46 AM 32
11 अप्रैल से प्राइवेट और सरकारी दफ्तरों में मिलेगी वैक्सीनेशन की सुविधा, जानें सबकुछ

नई दिल्ली. देश में बेलगाम होते कोरोना मामलों के मद्देनजर केंद्र सरकार ने वैक्सीनेशन के दायरे को और बढ़ाने का फैसला किया है. बुधवार को केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया है कि आगामी 11 अप्रैल से सरकारी और प्राइवेट कार्यस्थलों पर वैक्सीनेशन की सुविधा शुरू की जाएगी. हालांकि इस सुविधा के तहत भी 45 की उम्र से ऊपर के लोगों का ही वैक्सीनेशन किया जाएगा. सरकार का कहना है कि 45 से 59 आयुवर्ग का एक बड़ा तबका है जो प्राइवेट और सरकारी दफ्तरों में काम कर रहा है. इन्हें दफ्तरों के भीतर ही वैक्सीनेशन की सुविधा दी जानी चाहिए. इससे वैक्सीनेशन का दायरा भी बढ़ेगा और बड़ी संख्या में लोगों को कोविड सेंटर भी नहीं जाना पड़ेगा.

सरकार ने इसके लिए कुछ गाइडलाइंस भी जारी की हैं. जिन दफ्तरों में 100 से ज्यादा लाभार्थी होंगे, वहां पर कोविड सेंटर बनाकर वैक्सीनेशन किया जाएगा. इन कार्यस्थलों की पहचान जिलों के डीएम के नेतृत्व में डीटीएफ यानी डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स करेंगी. इसके अलावा निगम आयुक्त की अगुवाई वाली यूटीएफ यानी अर्बन टास्क फोर्स भी ऐसी जगहों की पहचान करेगी. नोडल ऑफिसर वैक्सीनेशन की सभी व्यवस्था देखेंगे. जैसे लाभार्थियों के रजिस्ट्रेशन से लेकर वैक्सीनेशन तक की पूरी व्यवस्था. सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि कार्यस्थलों पर किसी भी बाहरी व्यक्ति का वैक्सीनेशन नहीं किया जाएगा.

तैयारियां पूरी करने के निर्देश
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण द्वारा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे गए खत में इस संदर्भ में सभी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है. खत के मुताबिक जिस भी दफ्तर को कोविड वैक्सीनेशन के लिए चुना जाएगा वहां का एक वरिष्ठ अधिकारी नोडल ऑफिसर के तौर पर काम करेगा. वो जिले स्वास्थ्य विभाग के साथ कोऑर्डिनेट कर अपने दफ्तर के सभी लाभार्थियों का वैक्सीनेशन पक्का करेगा. खत में साफ कहा गया है कि सभी लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन को-विन ऐप पर होना बेहद जरूरी है.
स्वास्थ्य मंत्री ने लगाई महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को फटकार

इस बीच बुधवार को ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने महाराष्ट्र द्वारा कोरोना वैक्सीनेशन संबंधी एक मांग को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए खारिज कर दिया. दरअसल महाराष्ट्र की तरफ से 18 वर्ष की उम्र से अधिक सभी लोगों के वैक्सीनेशन की बात कही गई थी. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने आंकड़े देकर बताया है कि अभी महाराष्ट्र में प्राथमिकता के आधार पर चुने गए लोगों का पूरा वैक्सीनेशन नहीं हो सका है. उन्होंने तर्क दिया कि अभी वैक्सीनेशन का आधार डेथ रेट को कम करना है. वैक्सीन की मांग और आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता तय करना बेहद जरूरी है. स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना के खिलाफ उठाए गए कदमों को लेकर महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सरकार की आलोचना की. (news18.com)

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