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जम्मू-कश्मीर : मुठभेड़ में घिरा 14 साल का संदिग्ध, सरेंडर के लिए मां-बाप को बुलाया
11-Apr-2021 9:03 AM (34)
जम्मू-कश्मीर : मुठभेड़ में घिरा 14 साल का संदिग्ध, सरेंडर के लिए मां-बाप को बुलाया

-दुष्यंत शर्मा

दक्षिणी कश्मीर में शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई। अनंतनाग व शोपियां में हुई मुठभेड़ में एक आतंकी मार गिराया गया है। एक जवान घायल हुआ है। दोनों ही जगह ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर रखा है। 14 वर्ष के एक संदिग्ध आतंकी के भी फंसे होने की सूचना पर उसके परिवार वालों को मौके पर बुलाया गया। वह पिछले कुछ दिनों से लापता था, लेकिन आतंकी बनने का उसका फोटो वायरल नहीं हुआ था। 

बार-बार समर्पण करने का एलान करने के बाद भी वे फायरिंग करते रहे तो जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई। इसमें एक आतंकी को मार गिराने में सफलता हाथ लगी है। मुठभेड़ में घायल जवान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां दो से तीन आतंकियों के घिरे होने की सूचना है। 

दूसरी मुठभेड़ अनंतनाग जिले के बिजबिहाड़ा इलाके के सेमथान में चल रही है। आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान घेरा सख्त होता देख आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई। हालांकि, कुछ देर बाद दूसरी ओर से फायरिंग आनी बंद हो गई। इससे लगा कि आतंकी भाग निकले हैं, लेकिन तलाशी अभियान चलाए जाने पर यह सूचना पुख्ता हो गई कि दो आतंकी छिपे हुए हैं। रात के अंधेरे की वजह से ऑपरेशन को स्थगित कर दिया गया है। सुबह होते ही दोबारा ऑपरेशन शुरू किया जाएगा। सुरक्षा बलों ने सभी प्रवेश व निकास द्वार को सील कर दिया है। चारो ओर कड़ा पहरा है ताकि आतंकी अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग न निकलें। 

शोपियां में आतंकियों ने की थी मस्जिद में आग लगाने की कोशिश
दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में शुक्रवार को मस्जिद से भागने की कोशिश कर रहे आतंकियों ने उसके एक हिस्से में आग लगा दी थी। 1990 के बाद यह आतंकियों के खिलाफ यह सबसे बड़ा ऑपरेशन है जब एक साथ पांच आतंकी मारे गए हैं। इससे पहले 1990 में चार आतंकी एक साथ मारे गए थे। 

अधिकारियों ने बताया कि मस्जिद के आसपास ऑपरेशन के दौरान काफी तनावपूर्ण माहौल था। आतंकी अंदर छिपे हुए थे सुरक्षा बल उन्हें बाहर निकालना चाहते थे। मस्जिद के बाहर स्थानीय लोग जमा थे। सुरक्षा बलों के लिए यह काम चुनौती पूर्ण था परंतु जवानों ने प्रोफेशनल स्किल अपनाते हुए ऑपरेशन पूरा किया। सुरक्षा बल इन आतंकियों का आत्मसमर्पण करवाना चाहते थे। वीरवार रात और शुक्रवार दोपहर के बीच कई घंटे तनाव के बीच गुजरे।

जामा मस्जिद में छिपे आतंकियों से आत्म समर्पण के लिए नागरिकों और सेना के जवानों ने आत्मसमर्पण की अपील की। आतंकियों के परिवार वालों को अंदर भेजा गया परंतु कोई सफलता नहीं मिली। आतंकियों को आत्मसमर्पण करने के 17 मौके दिए गए। इन आतंकियों के परिवार वाले इस इलाके के रसूखदार लोग हैं। आखिरकार शुक्रवार दोपहर सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन को अंजाम देकर इन्हें मार गिराया। इस दौरान यह ध्यान रखा कि मस्जिद को कम से कम नुकसान पहुंचे। 

देश के खिलाफ हथियार उठाया तो जवाब मिलेगा
दक्षिण और मध्य कश्मीर में आतंक विरोधी ऑपरेशनों की कमान संभालने वाले विक्टर फोर्स के कमांडर मेजर जनरल, जर जनरल रशीम बाली कहते हैं कि दहशतगर्दों तक यह स्पष्ट संदेश पहुंचना चाहिए कि देश के खिलाफ हथियार उठाना कोई विकल्प नहीं है इसका उपयुक्त जवाब दिया जाएगा। (amarujala.com)

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