सोशल मीडिया

संसद में काम न होने पर उपवास ठीक है, लेकिन उन्नाव और कठुआ मामले पर चुपवास क्यों!

Posted Date : 13-Apr-2018



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अगुवाई में आज सत्ताधारी दल के नेताओं ने एक दिन का उपवास रखा है। भाजपा के मुताबिक यह उपवास विपक्ष द्वारा संसद में गतिरोध पैदा करने के विरोध में रखा गया है। सोशल मीडिया पर इसकी कल से ही चर्चा चल रही है। भाजपा समर्थकों ने यहां आम लोगों से इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को समर्थन देने की अपील की है, लेकिन वहीं पार्टी विरोधियों और एक बड़े तबके ने इस पर सवाल खड़े किए हैं। कुसुम तोमर का ट्वीट है, ....संसद चलाना सरकार की जिम्मेदारी है, यानी अब मोदी जी खुद अपनी सरकार के खिलाफ अनशन करेंगे! सत्यानंद निरूपम ने तंज किया है, जिसके हाथ में सारी सत्ता वही करे उपवास, लाचारों की लाचारी का ऐसे उड़े उपहास...
सोशल मीडिया पर उन्नाव और कठुआ बलात्कार मामलों की भी खूब चर्चा है और इनका जिक्र करते हुए यहां भाजपा की लानत-मलानत की जा रही है। फेसबुक और ट्विटर पर कई लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपवास और इन घटनाओं को जोड़ते हुए टिप्पणियां की हैं। कार्टूनिस्ट कीर्तीश भट्ट ने ट्वीट किया है, संसद में काम ना होने पर उपवास, उन्नाव और कठुआ मामले पर चुपवास।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस एक दिन के उपवास पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं - 
अमित तिवारी- मोदी जी अपने सारे चेलों के साथ उपवास रख रहे हैं कांग्रेसी का पैर गोबर में पड़ जाये तो हमारे प्रतियोगी नेचर वाले भाजपाई लोग पूरा सिर ही उसमें बोर देते हैं!
विजय पांडे- नरेंद्र मोदी का बंटवारे की राजनीति के खिलाफ उपवास करना वैसा ही जैसे स्टीव स्मिथ का बॉल टेंपरिंग के खिलाफ उपवास करना...
आजाद हिन्द सेना- जब केजरीवाल ने मुख्यमंत्री रहते उपवास किया था तो भाजपा ने उसका मजाक उड़ाया था। लेकिन आज मोदी ने पूर्ण बहुमत की सरकार रहते हुए उपवास करके केजरीवाल की बराबरी कर ली है।
रिया कुलकर्णी- मोदीजी खुद भारत देश के प्रधान हैं। सत्ता भी भाजपा की है। फिर ये उपवास किसके खिलाफ कर रहे हैं? खुद के या फिर कोरिया या चाइना के? (सत्याग्रह)

 




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