सोशल मीडिया

जैसे ही यह अहसास हुआ कि चुप्पी का मनमोहन सिंह का रिकॉर्ड टूट सकता है, मोदीजी बोल पड़े!

Posted Date : 14-Apr-2018



सोशल मीडिया में उन्नाव और कठुआ बलात्कार मामलों की चर्चा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी चुप्पी के लिए पिछले दो-तीन दिनों से लगातार घेरा जा रहा था। वहीं कल आधी रात को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस मुख्यालय से लेकर इंडिया गेट तक कैंडल लाइट मार्च निकाला गया था। इसके साथ गुरुवार को ही कांग्रेस अध्यक्ष ने भी इन मसलों पर चुप्पी के लिए प्रधानमंत्री को निशाना बनाया था। सोशल मीडिया पर इसकी भी खूब चर्चा रही और यहां शाम तक प्रधानमंत्री को घेरते हुए कई टिप्पणियां आई हैं। फेसबुक पर सतीश मुख्तलिफ ने लिखा है, क्या विडंबना है कि सबसे ज्यादा बोलने वाला पीएम संजीदा मसलों पर अपनी चुप्पी के लिए भी जाना जाएगा। ट्विटर पर स्पीकअप ट्रेंडिंग टॉपिक के साथ इस मुद्दे पर मोदी को घेरा गया है।
हालांकि शुक्रवार को नई दिल्ली में हुए एक आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरकार कठुआ और उन्नाव बलात्कार मामलों पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है। यहां दिए भाषण में उन्होंने इन घटनाओं को शर्मनाक बताते हुए कहा है कि इन मामलों में पूरा न्याय होगा। शाम के बाद सोशल मीडिया पर इस खबर को कई लोगों ने शेयर किया है और इस पर भी कई प्रतिक्रियाएं आई हैं। पत्रकार बरखा दत्त ने प्रधानमंत्री के बयान का स्वागत करते हुए ट्वीट किया है, ....यह बयान पहले आ जाना चाहिए था...हालांकि यह जनता और हमारे आक्रोश की ताकत को रेखांकित करता है।
केंद्र में यूपीए सरकार के समय भाजपा अक्सर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की इसलिए आलोचना करती थी कि वे कथिततौर पर ज्यादातर मौकों पर मौन रहते थे। सोशल मीडिया पर आज मोदी की मनमोहन सिंह से तुलना करते हुए भी कई प्रतिक्रियाएं आई हैं। ट्विटर हैंडल शकुनि अंकल पर एक टिप्पणी है, जैसे ही यह अहसास हुआ कि चुप्पी का मनमोहन सिंह का रिकॉर्ड टूट सकता है, मोदी जी बोल पड़े।
इन दोनों मामलों को लेकर प्रधानमंत्री की चुप्पी और आज आए उनके बयान पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं-
श्रीलता- प्रधानमंत्री मोदी आज बोले तो जरूर हैं, लेकिन इसे यूं ही लिया जा सकता है- बहुत देर कर दी मेहरबां आते-आते...
जैनेन्द्र कुमार- यह अच्छा है कि दबाव में ही सही लेकिन प्रधानमंत्री मोदी रेप की घटनाओं से लेकर एससी-एसटी एक्ट पर 'बोलेÓ हैं, लेकिन क्या प्रधानमंत्री को सरकारी मंच से 'बीजेपी-कांग्रेसÓ करना चाहिए?
शिवम विज- मोदी 24 घंटे देरी से बोले हैं या तीन महीने देरी से... जम्मू-कश्मीर सरकार में भाजपा के मंत्रियों को हटा दिया गया है (आज ही).... जो यूपीए-2 में हुआ था, कुछ वैसा ही हो रहा है...भरपाई की जा रही है लेकिन बहुत देर से और वो भी बहुत कम, और इसीलिए यहां और कमजोरी का दिख रही है।
अमित तिवारी- मोदी जी की चुप्पी का मतलब ये नहीं कि वो दुखी नहीं हैं इन राज्यों में चुनाव न आने वाले हों तो उनकी क्या गलती!  (सत्याग्रह)




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