ताजा खबर

03-Jun-2020 8:42 AM

प्राइमरी कांटेक्ट वाले चिकित्सक-स्टाफ क्वॉरेंटाइन

भिलाईनगर 3 जून ('छत्तीसगढ़' संवाददाता)। बीती देर रात न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी चरोदा में रहने वाली एक उम्रदराज महिला की मौत के बाद लिए गए सेम्पल की जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है. महिला को तबियत खराब होने के चलते रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मंगलवार दोपहर को एम्स में रिफर किया गया था. एम्स पहुंचने तक महिला की मौत हो चुकी थी. जिसके कोरोना जांच के लिए सेम्पल लेकर शव को सुरक्षित रखवा दिया गया था. 
जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि देर रात को जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। . जिला मुख्यालय से पहुंची जिम्मेदार अधिकारियों की टीम ने नगर निगम और पुलिस बल के साथ हाउसिंग बोर्ड कालोनी चरोदा को कंटेंनमेंट जोन घोषित कर अपने घेरे में ले लिया है. भिलाई-चरोदा निगम क्षेत्र में कोरोना संक्रमण का यह पहला मामला है. 
जिस वृद्ध महिला में उसकी मौत के बाद कोरोना संक्रमण होना पाया गया है, वह पूरे लॉकडाउन में घर पर ही रही. वहीं उस घर में बाहर से भी कोई आया नहीं है. मृतका का पोता लॉकडाउन के दौरान वर्क फ्राम होम पर है. बावजूद इसके मृत वृद्धा में कोरोना संक्रमण पाए जाने से प्रशानिक अमला हैरान है। मृतका के निवासी क्षेत्र को भिलाई 3 थाना प्रभारी संजीव मिश्रा के नेतृत्व में सील करने की कार्रवाई की जा रही है इसके अलावा रेलवे के हॉस्पिटल में महिला का इलाज करने वाले चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ को भी महिला के प्राइमरी कांटेक्ट में आने के कारण क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है।


02-Jun-2020 10:42 PM

कब्र की मिट्टी नर्मदा संगम में विसर्जित 

रायपुर, 2 जून। छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी की अंतिम इच्छानुसार आज उनकी कब्र की मिट्टी को पावर हाउस तिराहा, मुक्तिधाम पेंड्रारोड से लेकर अमरकंटक के रामघाट, नर्मदा, अरंडी संगम, सोन नदी व अचानकमार  के माटिनाला व पीढ़ा में विसर्जित किया गया। इसके साथ ही अमरकंटक में पुत्र अमित जोगी द्वारा स्वर्गीय अजीत जोगी का पिण्डदान भी किया गया।
   
उनकी पार्टी के प्रदीप साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी जी का विगत दिनांक निधन 29 मई 2020 को रायपुर के निजी अस्पताल मे उनका  निधन हो गया था। स्व. जोगी जी ने मृत्यु के पश्चात अपने कब्र की मिट्टी को इन जगहों पर विसर्जित किए जाने की इच्छा जताई थी। आज उनके पुत्र अमित जोगी व पत्नी डॉ. रेणु जोगी सहित उनके पैतृक गांव जोगीसार के पारिवारिक सदस्यों एवं कंवर समाज के लोगों द्वारा स्वर्गीय अजीत प्रमोद कुमार जोगी के मिट्टी कलश यात्रा निकली। यह कलश यात्रा,गौरेला के पावर हाउस तिराहा के पास  कब्रिस्तान से सैकड़ों गाडियों के काफिले के साथ निकलकर जलेश्वर मार्ग होते हुए अमरकंटक ले जाया गया। वहीं गौरेला, पुराना गौरेला, अंजनी, चुकतीपानी आदि जगह मे रोकर कर लोगों ने कलश के दर्शन भी किए।
 
अमरकंटक में कलश से कुछ मिट्टी नर्मदा संगम में प्रवाहित किया गया। इसी संगम में  अमित जोगी ने धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार स्वर्गीय अजीत जोगी का पिण्डदान भी किया। इसके बाद इस कलश की मिट्टी को नर्मदा अरंडी संगम, अचानकमार के माटीनाला, केवंची व पीढ़ा के जंगलों में भी विसर्जित किया गया। इस कार्यक्रम में लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह, बलौदाबाजार विधायक प्रमोद शर्मा एवं जोगी परिवार के अन्य सदस्य एव सैकड़ों लोग उपस्थित थे।


02-Jun-2020 10:12 PM

नई दिल्ली, 2 जून। केरल में एक गर्भवर्ती हथिनी की पशु दुव्र्यवहार के सबसे कू्रर रूप का सामना करने के बाद, पिछले बुधवार को मौत हो गई। हथिनी ने एक अनानास खाया था, जिसमें बहुत से पटाखे भरे हुए थे और उसे वो अनानास वहां के कुछ लोगों द्वारा दिया गया था। हथिनी के मूंह में ही यह अनानास फट गया, जिसकी वजह से उसका मुंह बुरी तरह से जख्मी हो गया। उत्तरी केरल के मलप्पुरम जिले में एक वन अधिकारी द्वारा सोशल मीडिया पर हथिनी की भयानक मौत का विवरण सुनाए जाने के बाद यह घटना सामने आई।

यह हथिनी खाने की तलाश में जंगल से बाहर पास के गांव में चली गई थी। वह गांव की सड़कों पर घूम रही थी और तभी वहां के कुछ लोगों ने उसे पटाखों से भरा हुआ अनानास खाने के लिए दिया। वन अधिकारी मोहन कृष्णन्न ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, हथिनी ने सब पर भरोसा किया। जब उसके मुंह में वो अनानास फटा होगा तो वह सही में डर गई होगी और अपने बच्चे के बारे में सोच रही होगी, जिसे वह 18 से 20 महीनों में जन्म देने वाली थी।

अनानास में डाले गए पटाखे इतने खतनाक थे कि उसकी जीभ और मुंह बुरी तरह से जख्मी हो गए। हथिनी गांवभर में दर्द और भूख के मारे घूमती रही और अपनी चोट की वजह से वह कुछ खा भी नहीं पा रही थी। उन्होंने आगे लिखा, उसने किसी भी इंसान को नुकसान नहीं पंहुचाया, तब भी नहीं जब वो बहुत ज्यादा दर्द में थी। उसने किसी एक घर को भी नहीं तोड़ा। इस वजह से मैं कह रहा हूं कि वह बहुत अच्छी थी।

आखिर में वह वेलिन्यार नदी में जाकर खड़ी हो गई। तस्वीरों में हथिनी पानी में खड़ी नजर आ रही है और उसने अपना मुंह पानी में डाल रखा है, शायद ऐसा करने से उसे दर्द में थोड़ी राहत मिली हो। वन विभाग के ऑफिसर ने कहा कि उसने ऐसा इसलिए किया होगा ताकि मक्खियां उसके घाव पर ना बैठें। 

मोहन कृष्णन्न ने लिखा, वन विभाग अपने साथ दो हाथियों को लेकर गया जिनका नाम सुंदरम और नीलकांतम है। ताकि  उसे नदी से बाहर निकाल सकें लेकिन उसने किसी को अपने नजदीक नहीं आने दिया। अधिकारियों द्वारा कई घंटों तक कोशिश किए जाने के बाद भी वह बाहर नहीं आई और 27 मई को दोपहर 4 बजे पानी में खड़े-खड़े उसकी मौत हो गई। 

इसके बाद उसे एक ट्रक में वापस वन में ले जाया गया, जहां अधिकारियों ने उसे अंतिम विदाई दी। वन अधिकारी ने कहा, उसे उस तरह से विदा किया जाना जरूरी था, जिसकी वह हकदार थी। जिस जगह वह खेल कर बढ़ी हुई, उसी जगह उसे अंतिम विदाई दी गई। जिस डॉक्टर ने हथिनी का पोस्टमार्टम किया उन्होंने बताया कि वह अकेली नहीं थी। हमने वहां एक चिता में उसका अंतिम संस्कार किया। हम उसके सामने झुक गए और अपना अंतिम सम्मान दिया। (khabar.ndtv.com)


02-Jun-2020 10:11 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 2 जून। सरकारी तंत्र से नाउम्मीद कई मजदूर कामगारों की उम्मीद इन दिनों सोनू सूद पर टिकी हुई है। मुंबई और केरल में फंसे लगभग 15 मजदूरों ने आजमगढ़ और पश्चिम बंगाल वापसी के लिए सोनू सूद से मदद मांगी है।

इन मजदूरों का कहना है कि सोनू सूद न सिर्फ गरीबों का हीरो बन गया है वरन् उसने उनके लिए दिल में जगह बना ली है। सोनू सूद से आजमगढ़ वापसी के लिए मदद मांगने वाले न्यू मुंबई में रह रहे रविन्द्र मोरया ने फोन पर बताया धरमदासपुर गांव से वह वर्ष 2009 में मुंबई आए थे। ठेकेदारी में लिफ्ट रिपेयरिंग का काम करते हुए ठीकठाक आमदनी होने पर पत्नी और बच्चों को दो साल पहले मुंबई बुला लिया। लॉकडाउन के कारण 3 महीनों से काम न मिलने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राशन कार्ड न होने के कारण उन्हें राशन भी नहीं मिल रहा है और पैसे भी खत्म हो चुके हैं।

बंद गलियों में छोटे से कमरे में उनका परिवार कैद है। रविन्द्र कहते हैं हमारे एक परिचित ने सोनू सूद की मदद से टे्रन से बनारस वापसी का वीडियो डाला था। उसे देखकर हमने भी वॉट्सएप में वीडियो भेजकर उनसे मदद मांगी है लेकिन अब तक जवाब नहीं आया। यहां कोरोना तेजी से फैल रहा है इसलिए गांव जाना चाहते हैं। गांव में मां-पिताजी के साथ रहकर कैसे भी खा कमा लेंगे।

गांव वापसी के लिए फार्म भरा था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई अब सोनू सूद का ही आसरा है। सोनू सूद की मदद से मुंबई से आजमगढ़ वापसी की आस लगाए शारदा मौर्या ने बताया कि मुंबई में उसकी मां, दादी, चाचा सभी हैं। सभी छोटे-मोटे धंधे से जुड़े हैं लेकिन कोरोना के कारण सब लोग गांव वापस जाना चाहते हैं। गांव वापसी के लिए फार्म भरा था लेकिन किसी तरह का बंदोबस्त नहीं हुआ। अब सोनू सूद पर उनकी उम्मीद टिकी है।

मंगलवार को सुबह उन्होंने सोनू सूद को ट्वीट किया था जिसका जवाब आ गया है। अब उन्हें उनकी टीम का इंतजार है।

केरल वायनार में जूते-चप्पल की फैक्ट्री में काम रहे अब्दुल रहीम में बताया कि फैक्ट्री में काम करने वाले 4 कामगार गांव वापसी चाहते हैं। वह खुद पश्चिम बंगाल अपने परिवार के पास लौटना चाहते हैं। फैक्ट्री मालिक ने हालांकि रहने खाने-पीने का बंदोबस्त कर दिया है लेकिन बेरोजगारी की हालत में वे वहां नहीं रहना चाहते हैं। गांव वापसी के लिए थाने और म्युनसपल में आवेदन किया था लेकिन दो माह हो  गए कोई खबर नहीं आई।

अब्दुल करीम कहते हैं थक हार कर हमने सोमवार रात को सोनू सूद को ट्वीट कर मदद मांगी है। हकीकत में सोनू सूद गरीबों का हीरों नहीं दिल का टुकड़ा है। अब उसी से उम्मीद है। केरल की फैक्ट्री में काम करने वाले दिव्यांग कमलेश गोस्वामी कहते हैं पोलियो ग्रस्त हूं लेकिन कभी किसी के सामने हाथ नहीं फैलाया। कोरोना ने काम का मोहताज बना दिया। अब अपने गांव टीकमगढ़ वापस जाना चाहता हूं। सोनू सूद की मदद मिल जाए तो बेहतर होगा।


02-Jun-2020 9:22 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 2 जून (शाम 9.20 बजे)।
छत्तीसगढ़ में आज 21 पॉजिटिव मिले हैं। 

राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बलौदाबाजार में 3, बालोद में 3 और कोरबा में 1, बिलासपुर 3 एवं कोरिया, मुंगेली व गरियाबंद से 1-1 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। पांच जशपुर, दो जांजगीर-चांपा और एवं एक  रायगढ़। 

कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 433 है। राज्य में कुल पाए गए पॉजिटिव मरीज 564  हैं, जिनमें एस आर एल लैब के दो केस  शामिल हैं।


02-Jun-2020 9:15 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 2 जून (शाम 9.13 बजे)।
छत्तीसगढ़ में आज 13 पॉजिटिव मिले हैं। 
राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बलौदाबाजार में 3, बालोद में 3 और कोरबा में 1, बिलासपुर 3 एवं कोरिया, मुंगेली व गरियाबंद से 1-1 पॉजिटिव मरीज मिले हैं।


02-Jun-2020 7:50 PM

नई दिल्ली, 2 जून (एनडीटीवी)। देश में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। भारत में कोरोना से 2 लाख 1 हजार 9 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं, वहीं 5500 से ज्यादा लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। कोरोना संक्रमितों का यह आंकड़ा राज्यों से आए डेटा के आधार पर है। दुनिया के सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित 10 देशों की सूची में भारत 7वें स्थान पर है।

 
इस लिस्ट में अमेरिका 18 लाख से ज्यादा केस के साथ पहले नंबर पर है। अमेरिका में अब तक 1 लाख 5 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, 5 लाख 26 हजार संक्रमितों के आंकड़ों के साथ ब्राजील दूसरे नंबर पर है। यहां अब तक करीब 30 हजार लोगों की मौत हुई है। तीसरे नंबर पर रूस  में 4 लाख 14 हजार से ज्यादा संक्रमित मामले हैं और यहां अब तक 4800 लोगों की जान गई है।

ब्रिटेन चौथे स्थान पर है जहां 2 लाख 77 हजार से ज्यादा संक्रमित हैं और 39 हजार से ज्यादा लोगों की मौत यहां हुई है। इसके बाद स्पेन और इटली का नंबर आता है। स्पेन में अब तक 27 हजार लोगों की मौत हुई है और 2 लाख 39 हजार से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव हैं। वहीं, इटली की बात करें तो यहां 33 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 2 लाख 33 हजार से ज्यादा संक्रमित हैं। एक्टिव मामलों  की बात करें तो अमेरिका में 12 लाख 47 हजार, ब्राजील में 2 लाख 85 हजार, रूस में 2 लाख 33 हजार, ब्रिटेन में 2 लाख 37 हजार, स्पेन में 62 हजार और इटली में 41 हजार से अधिक सक्रिय मामले हैं।

भारत में कोरोनावायरस के मरीजों के ठीक होने की दर 48.07 फीसदी पहुंच गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को बताया गया कि देश में कोरोनावायरस की चपेट में आए मरीजों में से 95527 ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश में कोरोनावायरस संक्रमण से मौत की दर दुनिया में सबसे कम है। 


02-Jun-2020 7:26 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

रायपुर, 2 जून (शाम 9.13 बजे)। छत्तीसगढ़ में आज 13 पॉजिटिव मिले हैं। 
राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बलौदाबाजार में 3, बालोद में 3 और कोरबा में 1, बिलासपुर 3 एवं कोरिया, मुंगेली व गरियाबंद से 1-1 पॉजिटिव मरीज मिले हैं।


02-Jun-2020 7:08 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

रायपुर, 2 जून (शाम 7.25 बजे)। छत्तीसगढ़ में आज 13 पॉजिटिव मिले हैं। 

राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बलौदाबाजार में 3, बालोद में 3 और कोरबा में 1 पॉजिटिव मरीज मिला है।

बाकी 6 मामले किन जिलों के हैं उनकी जानकारी अभी आ रही है।


02-Jun-2020 6:30 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 1 जून।
आबकारी विभाग ने आज 8 अधिकारियों की एक तबादला सूची जारी की है। 


02-Jun-2020 5:49 PM

नई दिल्ली, 2 जून। जेसिका लाल हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे मनु शर्मा को सोमवार को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया। दिल्ली सजा समीक्षा बोर्ड ने जेसिका लाल हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे मनु शर्मा की समय से पहले रिहाई की सिफारिश की थी।
सजा समीक्षा बोर्ड के पास मनु शर्मा का नाम 6वीं बार आया था और इस बार दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने रिहाई पर मुहर लगा दी है। मनु शर्मा को दिल्ली की तिहाड़ जेल से 18 अन्य कैदियों के साथ सोमवार को रिहा किया गया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा के बेटे मनु शर्मा ने 30 अप्रैल, 1999 को एक एक पार्टी में ड्रिंक परोसने से मना करने के बाद मॉडल जेसिका लाल की हत्या कर दी थी। इसके बाद मनु शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।  2018 में जेसिका लाल की छोटी बहन सबरीना लाल ने कहा था कि उसने मनु शर्मा को माफ कर दिया है और अगर उसे मुक्त कर दिया गया तो कोई आपत्ति नहीं होगी।
सबरीना लाल ने कहा था, मुझे सच में विश्वास है कि वह जेल में अच्छा काम कर रहा है। सबरीना ने कहा था कि वह 1999 से इस लड़ाई को लड़ रही हैं। अब हमें गुस्से को त्याग देना चाहिए। मनु शर्मा ने लगभग 17 साल जेल में बिताए हैं।
जेसिका लाल हत्याकांड एक नजर
29-30 अप्रैल, 1999 की रात - साउथ दिल्ली के टैमरिंड कोर्ट रेस्टोरेंट में पार्टी में जेसिका की गोली मारकर हत्या 
30 अप्रैल, 1999 - अपोलो अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया कि जेसिका को अस्पताल में मृत लाया गया था 
2 मई, 1999 - मनु शर्मा की टाटा सफारी को दिल्ली पुलिस ने यूपी के नोएडा से बरामद किया 
6 मई, 1999 - चंडीगढ़ की एक अदालत के सामने मनु शर्मा का सरेंडर 
इसके बाद यूपी के नेता डीपी यादव के बेटे विकास यादव सहित 10 सह अभियुक्तों की गिरफ्तारी
3 अगस्त, 1999 - आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत जेसिका मर्डर केस में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
31 जनवरी, 2000 - मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस केस को सेशन कोर्ट को सुपुर्द किया
23 नवंबर, 2000 - सेशन कोर्ट ने हत्या के मामले में नौ लोगों के खिलाफ आरोप तय किए
एक आरोपी अमित झिंगन बरी और रविंदर उर्फ टीटू को भगोड़ा घोषित किया
2 मई, 2001 - कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की 
3 मई, 2001 - चश्मदीद गवाह श्यान मुंशी अपने बयान से मुकरा, कोर्ट में उसने मनु की शिनाख्त नहीं की
5 मई, 2001 - कुतुब कोलोनेड में इलेक्ट्रिशियन एक अन्य चश्मदीद शिव दास भी अपने बयान से मुकरा
16 मई, 2001 - तीसरा प्रमुख गवाह करन राजपूत भी अपने बयान से मुकरा
6 जुलाई, 2001 - एक गवाह मालिनी रमानी ने मनु शर्मा की शिनाख्त की
12 अक्तूबर, 2001 - रेस्टोरेंट और बार मालकिन बीना रमानी ने भी मनु की शिनाख्त की
17 अक्तूबर, 2001 - बीना के कनाडाई पति जार्ज मेलहोत ने गवाही दी और मनु शर्मा की शिनाख्त की
20 जुलाई, 2004 - विवादास्पद जांच अधिकारी सुरिंदर शर्मा ने गवाही दी
21 फरवरी, 2006 - लोअर कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में सभी नौ अभियुक्तों को बरी किया
13 मार्च, 2006 - दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में अपील दायर की
3 अक्तूबर, 2006 - हाईकोर्ट ने इस अपील पर नियमित आधार पर सुनवाई शुरू की
29 नवंबर, 2006 - हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा
18 दिसंबर, 2006 - हाईकोर्ट ने मनु शर्मा, विकास यादव और अमरदीप सिंह गिल उर्फ टोनी को दोषी करार दिया
आलोक खन्ना, विकास गिल, हरविंदर सिंह चोपड़ा, राजा चोपड़ा, श्याम सुंदर शर्मा और योगराज सिंह बरी हुए
20 दिसंबर, 2006 - हाईकोर्ट ने मनु शर्मा को उम्रकैद की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
सह अभियुक्त अमरदीप सिंह गिल और विकास यादव को चार साल की जेल की सजा और तीन हजार का जुर्माना
2 फरवरी, 2007 - मनु शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की
8 मार्च, 2007 - सुप्रीम कोर्ट ने मनु शर्मा की अपील स्वीकार की
27 नवंबर, 2007 - सुप्रीम कोर्ट ने मनु की जमानत की दलील खारिज की
12 मई, 2008 - सुप्रीम कोर्ट ने मनु शर्मा की जमानत याचिका फिर से खारिज की
19 अप्रैल, 2010 - फिर से ने मनु शर्मा की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा (khabar.ndtv.com)

 


02-Jun-2020 5:45 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
दंतेवाड़ा, 2 जून।
आज सुबह दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की संयुक्त पुलिस बल ने मुठभेड़ में 8 लाख ईनामी प्लाटून-2 के सदस्य को ढेर कर दिया। 

पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि हुर्रेपाल और बेचापाल के जंगलों में दंतेवाड़ा और बीजापुर के जिला आरक्षी बल और एसटीएफ नक्सली आपरेशन पर निकले थे। इसी दौरान पुलिस और नक्सलियों में मुठभेड़ हुई। दोनों ही तरफ से आधे घंटे से अधिक गोलीबारी हुई। इसमें प्लाटून-2 का सदस्य दसरू पुनेम मारा गया। दसरू पर राज्य शासन द्वारा 8 लाख का पुरस्कार घोषित किया गया था। उक्त नक्सल आरोपी विभिन्न नक्सली वारदातों में शामिल था। इनमें पुलिस पर हमले की वारदात मुख्य रूप से शामिल है।


02-Jun-2020 5:08 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 2 जून।
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने धान का समर्थन मूल्य मात्र 53 रूपए बढ़ाने के केन्द्र सरकार के फैसले पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना महामारी का प्रकोप है। केन्द्र सरकार खुद क्वॉरंटीन में हैं। यदि क्वॉरंटीन से निकलकर घोषणा की जाती, तो कुछ उम्मीद की जा सकती थी। यह कहा गया कि किसान अपनी फसल कहीं भी बेच सकता है। लॉकडाउन के पहले भी किसान अपनी पैदावार को बाहर बेचते रहे हैं। छत्तीसगढ़ के किसानों का टमाटर पाकिस्तान तक बिकता था। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों को एक रूपए की रियायत तक केन्द्र सरकार नहीं दी है।
 
श्री चौबे ने मीडिया से चर्चा में कहा कि केन्द्रीय कृषि मंत्री से आग्रह किया गया  था कि समर्थन मूल्य घोषित करने के लिए केन्द्र सरकार की एजेंसियों नाफ्रेड और अन्य के माध्यम से उपज को खरीदने के लिए सप्लाई चेन बनाने घोषणा की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। धान का समर्थन मूल्य 53 रूपए बढ़ाए जाने पर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को धान की जितनी कीमत दे रही है, वहां तक पहुंचने में केन्द्र सरकार को 16 साल लगेंगे।

कृषि मंत्री ने राहत पैकेजों पर सवाल खड़े किए और कहा कि केन्द्र सरकार की तरफ से 20 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान किया गया है, लेकिन किसी भी योजना में किसानों को एक रूपए की रियायत या सपोर्ट केन्द्र सरकार की तरफ से नहीं दी गई है। ये समर्थन मूल्य जो घोषित किया गया है, यह किसानों का अपमान है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ धोखा किया गया है। प्रदेश कांग्रेस ने धान का समर्थन मूल्य मात्र 53 रूपए बढ़ाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है और कहा कि खेती की लागत बढ़ रही है तो धान का दाम उसी अनुपात में क्यों नहीं बढ़े? लगातार कृषि आदानों खाद कीटनाशक दवा कृषि उपकरणों में जीएसटी लगने से दाम बढ़े हैं। एक और षडय़ंत्र किसानों के खिलाफ चल रहा है। 


02-Jun-2020 4:14 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
कोरबा, 2 जून।
सोमवार की रात को जिले में चार और आज 2 कोरोना संक्रमित मिले हैं। सभी को कोरबा के कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब कोरबा में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है।

 कोरोना के जो नए मरीज मिले हैं। वे सभी प्रवासी हैं। रात को मिले मरीज में से एक संक्रमित पाली व तीन संक्रमित मरीज पोड़ी उपरोड़ा के क्वॉरंटीन सेंटर में रह रहे थे। संक्रमितों में तीन पुरूष व एक महिला शामिल हंै। वहीं मंगलवार को मिले दोनों संक्रमित कटघोरा व बताती के क्वॉरंटीन सेंटर के हैं। दोनों संक्रमितों में एक महिला व एक पुरुष हैं। 

बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने कोरबा के कोविड-19 अस्पताल को शुरू कर दिया है। इस अस्पताल में अब कोरबा जिले के कोरोना संक्रमित के अलावा जांजगीर चाम्पा व कोरिया व जशपुर जिले के संक्रमितों का इलाज किया जाएगा। 


02-Jun-2020 3:28 PM

नई दिल्ली, 2 जून : कोरोना संकट के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बड़ा बदलाव किया है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष पद से मनोज तिवारी को हटा दिया गया है. अब उनकी जगह पर आदेश कुमार गुप्ता को दिल्ली बीजेपी की कमान दी गई है. इस बाबत पार्टी महासचिव अरुण सिंह की ओर से आधिकारिक लेटर जारी कर दिया गया है. (aajtak.intoday.in)

क्लिक करें और यह भी पढ़े : विष्णुदेव साय प्रदेश भाजपाध्यक्ष घोषित


02-Jun-2020 2:49 PM

रायपुर में फिलहाल एम्स, माना व अंबेडकर में कोरोना इलाज 

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 2 जून।
प्रदेश में बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए राजधानी रायपुर के लालपुर आईआरएल अस्पताल को सौ बिस्तर कोरोना अस्पताल बनाने की तैयारी है। यहां निर्माण कार्य शुरू  करा दिया गया है। जिला स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि  कोरोना अस्पताल के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मिल गई है और यहां जल्द कोरोना सेंटर बनाने की तैयारी जारी है। 

राजधानी रायपुर में कोरोना मरीजों के लिए एम्स अस्पताल, माना रायपुर अस्पताल व अंबेडकर अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाया गया है। एम्स व अंबेडकर अस्पताल में 5-5 सौ बिस्तर एवं माना अस्पताल में सौ बिस्तर की व्यवस्था की गई है।  फिलहाल एम्स और माना अस्पताल में सौ के आसपास कोरोना मरीज भर्ती हैं। अंबेडकर अस्पताल में भी कुछ मरीज रखे जा रहे हैं। हालात को देखते हुए अब लालपुर आईआरएल अस्पताल को तैयार किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल में भी सौ बिस्तर कोरोना अस्पताल की तैयारी चल रही थी, लेकिन यह अस्पताल अभी तक तैयार नहीं हो पाया है।
 
जिला स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि लालपुर अस्पताल को सौ बिस्तर कोरोना अस्पताल बनाया जा रहा है और यह काम जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। संख्या बढऩे पर यहां भी कोरोना मरीज भर्ती किए जाएंगे। उनका कहना है कि आयुर्वेदिक अस्पताल को भी कोरोना अस्पताल बनाने की दिशा में आगे काम होगा। 


02-Jun-2020 2:45 PM

  विवि संशोधन विधेयक, कुशाभाऊ पर विवाद  

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 2 जून।
राज्यपाल ने उच्च शिक्षा के दो विधेयकों पर सरकार से जवाब तलब किया है। बताया गया कि इन विधेयकों में से एक में कुलपतियों की नियुक्ति का अधिकार राज्य शासन को देने और दूसरे में पत्रकारिता विवि का नाम कुशाभाऊ ठाकरे से बदलकर चंदूलाल चंद्राकर के नाम पर करने का प्रस्ताव है। बजट सत्र में दोनों विधेयकों के विधानसभा से पारित होने के बाद राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया था।
 
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने दोनों विधेयकों पर उच्च शिक्षा विभाग से जवाब मांगा है, और विभाग ने भी इन दोनों विधेयकों को लेकर अपना जवाब भेज दिया है। हालांकि इन दोनों विधेयकों को अब तक राज्यपाल से मंजूरी नहीं मिल पाई है। दोनों विधेयकों को लेकर राजनीति गरम रही है, और विपक्षी भाजपा विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। कोरोना के खौफ के बीच बजट सत्र में दर्जनभर विधेयक बिना चर्चा के पारित हो गए थे। 

बाद में भाजपा विधायकों ने राज्यपाल से मिलकर दोनों विधेयक छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्व विद्यालय संशोधन विधेयक को मंजूरी नहीं देने का आग्रह किया था। छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक में कुलपति की नियुक्ति का अधिकार राज्यपाल से वापस लेकर राज्य शासन को देने का प्रावधान किया गया है। राज्य शासन का तर्क है कि आंध्रप्रदेश और कर्नाटक में भी कुलपतियों की नियुक्ति का अधिकार राज्य शासन के पास है।
 
बताया गया कि सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय और कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति को लेकर राजभवन और राज्य शासन आमने-सामने आ गए थे। राज्य शासन ने जिन नामों की अनुशंसा की थी, उनसे अलग नियुक्ति की गई। दोनों ही कुलपति आरएसएस के करीबी माने जाते हैं। जिसको लेकर राज्य सरकार में नाराजगी रही है। यही वजह है कि कुलपतियों की नियुक्तियों का अधिकार अपने हाथों में रखने का फैसला लिया गया। उच्च शिक्षा विभाग ने जवाब राजभवन को भेज दिया है।
 
दूसरे विधेयक में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय का नाम बदलकर चंदूलाल चंद्राकर विश्वविद्यालय के नाम करने को लेकर भी गहरी आपत्ति की गई थी। इसको लेकर भी काफी दिनों तक वाक युद्ध चला। इस विधेयक को लेकर भी विभाग ने राज्यपाल को जवाब भेज दिया है। सूत्र बताते हैं कि विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी नहीं मिल पाई है और माना जा रहा है कि इसको राष्ट्रपति को भी भेजा जा सकता है। पहले भी कई विधेयकों को राष्ट्रपति को भेजा गया था। इसमें सहकारिता संशोधन विधेयक भी शामिल है। बहरहाल, सरकार के जवाब के बाद राजभवन के रूख का इंतजार किया जा रहा है। 


02-Jun-2020 2:42 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 2 जून।
वन अधिकार मान्यता कानून के कार्यान्वयन के लिए वन विभाग को नोडल एजेंसी बनाए जाने की वन अधिकार संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। जन संगठनों के विरोध के बाद सरकार ने 24 घंटे के भीतर आदेश में संशोधन कर दिया है। इसमें वन विभाग को नोडल एजेंसी बनाने के आदेश को वापस लेकर समन्वय का दायित्व सौंपा है। सरकार के संशोधित आदेश पर जन संगठनों ने खुशी जाहिर की है।
 
वन विभाग को सामुदायिक वनाधिकार के लिए नोडल विभाग बनाने का आदेश जारी किया गया था। इस पर छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन और कई अन्य जन संगठनों ने नाराजगी जताई थी। सरकार के आदेश को वन अधिकार कानून की भावना के खिलाफ बताया था। सरकार ने अब आदेश में संशोधन कर वन अधिकार अधिनियम-06 के सामुदायिक वन अधिकारों के मान्यता प्रदान करने संबंधी कार्य को गति देने के लिए केवल सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों के मान्यता के लिए वन विभाग को समन्वय करने का दायित्व सौंपा गया है।  

संशोधित आदेश पर छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन और अन्य संगठनों ने अपनी खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस आदेश के माध्यम से वन अधिकार कानून की मूल भावना का सम्मान करते हुए इसके क्रियान्वयन में वन विभाग की भूमिका को न केवल स्पष्ट किया है बल्कि उसकी जिम्मेदारी भी अधिक स्पष्टता के साथ तय कर दी है। छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन राज्य सरकार के इस कदम का स्वागत करता है और जनांदोलनों की आपत्तियों का सम्मान करने और लोकतांत्रिक राय को तवज्जों देने की सराहना करता है।

छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन से जुड़़े सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना था कि जब तक ग्रामसभा स्वशासन की सशक्त और स्वायत्त एजेंसी नहीं बनती, तब तक वनाधिकार कानून को अक्षरश पालन नहीं किया जा सकता। यदि वन विभाग को इस कानून के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी बनाया जाता तो यह ना सिर्फ दुर्भाग्य जनक होगा बल्कि इसी कानून का खुला उल्लंघन भी होगा, क्योंकि वन अधिकार कानून अपनी प्रस्तावना में आदिवासी और वन निर्भर समुदायों पर हुए ऐतिहासिक अन्याय को मिटाने की बात करता है। 

सच्चाई यह रही है कि वन विभाग के बनाये जाने के समय से ही, वन घोषित करने, संरक्षण और राजस्व के लिए आदिवासियों पर अत्याचार, विस्थापन और शोषण होता रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार के इस कदम की मंशा शायद अच्छी भी रही हो, लेकिन इसके परिणाम दुखदाई होंगे क्योंकि वन विभाग, आदिवासियों का विश्वास कभी भी नहीं जीत सका है, जो वन क्षेत्रों से अब तक हुए विस्थापन, बेदखली और वन डायवर्सन के नाम पर अधिकारों के छिनने के रूप में दिखाई देता है। 


02-Jun-2020 2:32 PM

  5 लाख के 41 हीरे नग व बाइक जब्त  

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
धमतरी, 2 जून।
आज पुलिस ने हीरे बेचने नगरी में घूम रहे 2 तस्करों को ग्राहक बनकर पकड़ा। तस्करों से 5 लाख के 41 नग हीरे बरामद किए गए। आज थाना नगरी पुलिस को सूत्रों से सूचना मिली कि गरियाबंद मैनपुर से बलीराम मेश्राम नाम का व्यक्ति खदान से खनिज पत्थर हीरा की चोरी कर गहनासियार निवासी गोपीचंद मरकाम के साथ मिलकर उक्त हीरा पत्थर को बेचने की फिराक में नगरी में घूमकर ग्राहक की तलाश कर रहा है।

 

थाना प्रभारी नगरी एन एस ठाकुर ने एसपी बी.पी. राजभानु एवं एएसपी  मनीषा ठाकुर रावटे को अवगत कराया। उनके निर्देशानुसार एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी नगरी नीतिश ठाकुर के मार्गदर्शन में नगरी पुलिस स्वयं ग्राहक बनकर सुनियोजित तरीके से घेराबंदी करते हुए उनके सामने ग्राहक बनकर आई। इससे पहले कि वह अन्य कोई ग्राहक तलाश पाते, नगरी पुलिस ने दोनों हीरा तस्करों को धर दबोचा और उनसे कड़ाई से पूछताछ की, जिस पर बलिराम मेश्राम ने खदान से हीरा को चुराकर गोपीचंद मरकाम के साथ  मिलकर हीरा बेचने के लिए ग्राहक तलाशना बताया। उसके कब्जे से 41 नग हीरा पत्थर कीमती करीबन 5 लाख रुपये बरामद कर एक मोटरसाइकिल जब्त किया गया।
 
थाना नगरी में अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी बलिराम मेश्राम (30) मैनपुर (धवलपुर) गरियाबंद एवं गोपीचंद मरकाम (29) निवासी गहनासियार धमतरी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष रिमांड हेतु प्रस्तुत किया गया। 


02-Jun-2020 2:17 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

गरियाबंद, 2 जून। जिले के कई स्थानों से होकर अब जिला मुख्यालय के नजदीक परसूली परिक्षेत्र अंतर्गत 362 कक्ष में तीन दिनों से हाथियों ने डेरा जमाया हुआ है। झुंड में 21 हाथी हैं जिसमें 5-6 बच्चे हैं। वन विभाग रतजगा कर लगातार हाथियों की निगरानी कर रहे हैं। डेरा परसूली परिक्षेत्र के ग्राम हरदी एवं कोचबाय ग्राम के तालाब में हाथी शाम को पानी पीने आते हैं।

गरियाबंद से लगभग 10 किमी दूर हरदी व कोचबाय के जंगल में हाथियों को लगातार देखा जा रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों में भय है। जंगली हाथियों की दस्तक से रविवार रात्रि हरदी के ग्रामीणों ने रतजगा किया यहां तक कि ग्रामीण घरों की छतों में पहुंच गए थे। 

क्लिक करें और यह भी पढ़े : हथिनी ने जन्म दिया शावक को, 40 दिन चलने लायक होने का इंतजार किया फिर आगे बढ़ा झुंड

वन विभाग के अनुसार इस क्षेत्र में 21 हाथी हैं जिसमें 5 से 6 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा हाथियों के पल-पल की जानकारी विभाग ले रहा है। वन परिक्षेत्र अधिकारी अरुण सोम ने बताया कि 21 हाथियों का झुंड है। जीपीएस सिस्टम के माध्यम से इनकी निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पांडुका परिक्षेत्र का वन अमला भी तैनात है। वहीं इस क्षेत्र के जंगल में हाथियों को खदेडऩे का प्रयास किया जा रहा। हाथियों ने अभी तक ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाया है। शांति से जंगल में ही विचरण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रविवार रात्रि ग्राम हरदी में हाथियों के आने की सूचना पर वन विभाग की टीम गांव पहुंच जानकारी लेते रहे। तीन बजे रात्रि में दर्रापारा में एक किसान की धान खरही खा गया, जहां से कंपांट 362 में डेरा जमाए हुए है। आसपास के गांव में मुनादी करवाया गया है।

 
उल्लेखनीय है कि गरियाबन्द जिले में पिछले वर्ष से हाथियों ने दस्तक देनी शुरू की है। क्षेत्र में हाथियों के हमले से एक ग्रामीण की मौत भी हुई है। इस वर्ष जिले के छुरा, राजिम और मैनपुर के बाद परसूली वन परिक्षेत्र के हर क्षेत्र के जंगल में हाथियों के झुंड मौजूद हैं। इसे खदेडऩे के लिए वन विभाग का अमला जुटा हुआ है। जानकारी के मुताबिक पहली बार जिला मुख्यालय के नजदीक इतनी संख्या में हाथियों का झुंड पहुंचा हैं। वन विभाग ने लोगों को जंगल जाने से मना किया है।