कारोबार

Date : 12-Oct-2019

अविनाश गार्डन सिटी में स्वतंत्र बंगलोज, रहवासियों के लिए जिम, सोनाबाथ, पूल टेबल, बैडमिंटन कोर्ट, कैफेटेरिया, बास्केटबॉल कोर्ट, किड्स प्ले एरिया का भी प्रावधान है

रायपुर, 12 अक्टूबर। रियल स्टेट कपंनी अविनाश ग्रुप द्वारा अविनाश गार्डन सिटी मे ग्राहकों के लिए प्लॉट्स  के साथ 2 बीएचके स्वतंत्र बग्लोज की पेशकश की जा रही हैं। इस संदर्भ में अविनाश ग्रुप के प्रबंध संचालक आनंद सिंघानिया ने बताया कि अविनाश गार्डन सिटी में 36 लाख 2 बीएचके स्वतंत्र बग्लोज कम्पलीट लिविंग एक्सपिरियंस का शानदार विकल्प है जो कि 18 सौ स्क्वैयर फीट के प्लाट में 1250 स्क्वैयर फीट की प्लांनिग की गई है साथ ही 8 सौ से 4 हजार स्क्वैयर फीट तक के प्लॉट उपलब्ध है जो 9.50 लाख से शुरू है जिसमें प्लॉट में रजिस्ट्री फ्री का ऑफर दिया जा रहा है। 

श्री सिंघानिया ने बताया कि अविनाश गार्डन सिटी में डेव्हलेपमेंट का कार्य पूर्णत: की ओर है। यहां गार्डन, भव्य प्रवेश द्वार, अदभुत स्मारक, मॉडल बंग्लोज पूर्ण रुप से तैयार है। अविनाश गार्डन सिटी विधानसभा रोड सेमरिया में स्थित 32 एकड़ की प्रोजेक्ट है, जिसमें 11 लैन्डस्कैप गार्डन डेव्हलप किया गया है। इस आवासीय परियोजना में क्लब का निर्माण भी किया जाएगा। रहवासियों के लिए जिम, सोनाबाथ, पूल टेबल, बैडमिंटन कोर्ट, कैफेटेरिया, बास्केटबॉल कोर्ट, किड्स प्ले एरिया का भी प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि अविनाश गार्डन सिटी राजकीय राजमार्ग रायपुर-बलौदाबाजार और राष्ट्रीय राजमार्ग रायपुर-सराईपाली से जुड़ा हुआ है। यह आवासीय परियोजना अपने प्रीलॉंचिंग के समय से ही ग्राहकों को आकर्षित कर रही है। 


Date : 11-Oct-2019

खादी और ग्रामोद्योग आयोग-राष्ट्रीय नोडल अभिकरण पर वर्कशाप

रायपुर, 11 अक्टूबर। गांधीजी की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत समाज के हर वर्ग के व्यक्ति तक रोजगार पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्यक्रम के तहत खादी और ग्रामोद्योग आयोग-राष्ट्रीय नोडल अभिकरण पर गुरूवार को एक दिवसीय राज्य स्तरीय वर्कशाप का आयोजन किया गया, जिसमें पिछले सालों की उपलब्धि और आगामी साल के लक्ष्य पर चर्चा हुई। ग्रामोद्योग आयोग व खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारी, बैंकर्स सहित 27 जिलों के जिला उद्योग केन्द्र के प्रभारी शामिल हुए।

वर्कशाप में प्रमुख सचिव ग्रामोद्योग छत्तीसगढ़ शासन मनिंदर कौर द्विवेदी ने कहा कि विभागों में तालमेल रखें और सबसे निचले व अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास करें ताकि हमारी योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि मार्जिन मनी क्लेम आनलाइन करते समय यदि कोई त्रुटि हो गई तो मार्जिन मनी का भुगतान समय पर नहीं हो पाता है। इसलिए प्रोजेक्ट भेजते समय सावधानी बरतें।

इस अवसर पर यहां निदेशक खादी ग्रामोद्योग आयोग एसएस त्रिभुवन, प्रबंधक आरबीआई अनुराग सिन्हा, उद्योग संचालनालय के डिप्टी डायरेक्टर संजय सिन्हा मार्गदर्शन के लिए उपस्थित रहे।


Date : 11-Oct-2019

चेम्बर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्यशाला संपन्न, व्यापारियों को खाद्य पदार्थों की खरीदी-बिक्री बिल से करने व रख रखाव स्वच्छता के साथ रखने के निर्देश दिए

 रायपुर, 11 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ  कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी तथा ड्रग एवं फुड सेफ्टी समिति के संयोजक अश्वनी विग ने बताया कि चेम्बर भवन में गुरुवार को पान मसाला व्यापारी संघ द्वारा खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्यशाला का समापन हुआ।

कार्यक्रम का संचालन छत्तीसगढ़ पान मसाला व्यापारी संघ के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने किया। असिस्टेंट फुड कंट्रोलर राजेश शुक्ला, फुड इंस्पेक्टर सर्वा ने उपस्थित व्यापारियों को खाद्य पदार्थों की खरीदी-बिक्री बिल से करने व रख रखाव स्वच्छता के साथ रखने  के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की नकली खाद्य सामग्री का सैंपल अगर अवमानक पाया जाता है, तो नियमों के तहत विभाग कार्यवाही करेगा।

उन्होंने बताया कि जो व्यापारी 12 लाख वार्षिक टर्नओवर के अंदर व्यापार करता है तो उसे निर्धारित सौ रूपये शुल्क के साथ खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा कर सकते है, और जो व्यापारी 12 लाख से अधिक टर्नओवर के व्यापार करते हैं उन्हें निर्धारित शुल्क दो हजार रूपये के चालान के साथ अपना आवेदन आनलाइन जमा करना होगा। आवेदन करने के 60 दिवस के अंदर पंजीयन एवं लायसेंस जारी कर दिया जाता है। अगर किसी कारणवश व्यापारी का लायसेंस आवश्यक शर्तोंं के तहत पूर्ण नहीं होता है तो उसे विभाग जानकारी प्रेषित करता है।

कार्यक्रम में चेंबर अध्यक्ष जैन जीतेन्द्र बरलोटा ने व्यापारियों से अपील की कि वे नकली एवं प्रतिबंधित सामान न बेचें। व्यापारियों ने दुकान एवं गोदाम अलग-अलग जगह होने पर लायसेंस प्रक्रिया की जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि अगर दुकान और गोदाम एक ही जगह से संचालित होते हैं तो व्यापारी को एक ही लायसेंस की आवश्यकता होगी, अगर दुकान और गोदाम अलग-अलग जगह है तो व्यापारी को दो अलग-अलग लायसेंस प्राप्त करने होंगे।