ताजा खबर

29-May-2020 3:05 PM

बस्तर जिले में मिला दूसरा कोरोना पॉजिटिव

छत्तीसगढ़ संवाददाता
जगदलपुर, 29 मई (3.05)।
आज बस्तर जिले में मिला दूसरा कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला। संक्रमित मरीज मजदूर बताया जा रहा है। करपावण्ड क्षेत्र को सील कर दिया गया है। बस्तर कलेक्टर रजत बंसल ने पुष्टि की है।

जिले के करपावण्ड में स्थित क्वारंटीन सेंटर में 35 वर्षीय प्रवासी मजदूर संक्रमित मिला। आरटी पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीज को मेडिकल कॉलेज भेजा गया। क्वॉरंटीन सेंटर में अन्य लोगों का सैम्पल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिया जा रहा है। पुलिस विभाग द्वारा करपावण्ड एरिया को सील कर दिया गया है।


29-May-2020 2:41 PM

कैट राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पारवानी को धमकी, 10 लाख की मांग, हिरासत में

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 29 मई।
कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी को धमकाते हुए 10 लाख रुपये की मांग करने वाला पकड़ा गया। कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर पुलिस उससे पूछताछ-जांच में लगी है। फिलहाल उससे जुड़ी और जानकारी सामने नहीं आई है।
 
पुलिस के मुताबिक भाठागांव के रावतपुरा कालोनी का एक युवक नवीन दुबे 30 दिसंबर 2020 को तेलीबांधा के जीके होंडा शो-रूम पहुंचा।  वहां उसने शो-रूम मालिक, कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी और मैनेजर मंतोष पर दोपहिया वाहन बिक्री का अधिक रकम लेने का आरोप लगाया। वहीं उसने इसकी शिकायत आगे करने की बात कहते हुए दोनों को धमकाया और उनसे 10 लाख रुपये की मांग की। 

श्री पारवानी ने इसकी शिकायत तेलीबांधा पुलिस में करते हुए कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं की। आरोपी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज नहीं की गई। ऐसे में श्री पारवानी कोर्ट चले गए। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने अब मामला दर्ज कर आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की ब्लैकमेलिंग को लेकर कड़ाई से पूछताछ चल रही है। पूछताछ में पता चल पाएगा कि  उसने इसके पहले और कितने लोगों से ब्लैकमेलिंग की है। 


29-May-2020 2:38 PM

सरायपाली में एक पॉजिटिव

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
महासमुन्द, 29 मई।
जिले के सरायपाली क्षेत्र स्थित एक क्वारंटीन में रह रहे एक मजदूर को कोरोना पाजीटिव होने की पुष्टि कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने की है। 
उन्होंने बताया कि कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति बाहर प्रदेश से जिले में लौटा है। लिहाजा उसे क्वारेंटाईन सेंटर में रखा गया है। पिछले 18 मई को रैपिड टेस्ट के बाद उसके स्वाब को रायपुर एम्स भेजा गया था।

ग्रीन जिला महासमुन्द में कोरोना के पहले रिजल्ट पॉजिटिव आते ही जिला प्रशासन की टीम अलर्ट हो गई है। अभी दस मिनट पहले ही कलेक्टर को जिला अस्पताल में पदस्थ जिम्मेदार डाक्टरों ने इसकी खबर दी है। जिस वक्त कलेक्टर गोयल को जिले में कोरोना पॉजिटिव की खबर मिली, उस वक्त वे जिले के पत्रकारों से मुलाकात कर रहे थे। यह मीटिंग खत्म कर कलेक्टर उक्त क्वारेंटाईन सेंटर की रवाना हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त सेंटर में रह रहे लोगों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा। कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति की उम्र 45 से 47 वर्ष के बीच बताई जा रही है। उसे एम्स रायपुर के बजाय माना अस्पताल भेजने की तैयारी जारी है।

 


29-May-2020 2:36 PM

भिलाई में मुंबई से लौटा कोरोना पॉजिटिव, कैंप-1 सील

दुर्ग जिले में 12वां मरीज


'छत्तीसगढ़' संवाददाता
भिलाई नगर, 29 मई (2.31)।
भिलाई में भी एक और कोरोना संक्रमित मरीज मिला है। रायपुर से आज दोपहर आई रिपोर्ट में भिलाई के एक युवक की कोरोना वायरस की पुष्टि की गई है। विगत दिनों वह शहर में मुंबई से लौटा था, गत 19 मई को इसका सैंपल लिया गया था जिसकी रिपोर्ट आज दोपहर को मिली। यह दुर्ग जिले में 12वां मरीज है।

जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि उक्त कोरोना संदिग्ध मुंबई से भिलाई आया था, 19 मई को इसका सैंपल लेकर जांच के लिए एम्स रायपुर भेजा गया था। आज रायपुर एम्स से प्राप्त रिपोर्ट में इसके संक्रमित होने की पुष्टि कर दी गई है। उक्त मरीज को एम्स भेजने की तैयारी की जा रही है। उक्त संदिग्ध के लौटने के बाद उसे कैंपियन स्कूल में क्वारंटीन करके रखा गया था। नगर निगम अमले के द्वारा निवास स्थल बैकुंठधाम कैंप 1 को सील करने की तैयारी की जा रही है।


29-May-2020 2:25 PM

कंटेनमेंट जोन में आवाजाही, दो पर मामला दर्ज

'छत्तीसगढ़ संवाददाता
धमतरी, 29 मई।
कंटेनमेंट जोन में धारा 144 लागू होने एवं लॉकडाउन के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर दो आरोपियों के खिलाफ पृथक-पृथक थाना सिटी कोतवाली में मामला दर्ज किया गया।

धमतरी शहर के बठेना वार्ड एवं स्टेशन पारा वार्ड में दो व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी धमतरी के द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण व फैलाव से बचाव हेतु शहर के बठेना वार्ड, स्टेशन पारा वार्ड, वल्लभ भाई पटेल वार्ड, सुंदरगंज वार्ड, औद्योगिक वार्ड एवं अधारी नवागांव वार्ड में आगामी आदेश तक धारा 144 लागू किए जाने का आदेश प्रसारित कर कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए पूर्णत: लॉकडाउन किया गया है। कंटेनमेंट एरिया में सिहावा चौक के पास धमतरी पुलिस द्वारा बनाए गए अस्थाई के गेट नंबर 01 में पवन अग्रवाल स्टेशन पारा धमतरी एवं आदित्य अग्रवाल औद्योगिक वार्ड नहर पार धमतरी ने अलग-अलग समय में जानबूझकर प्रशासन के आदेशों का उल्लंघन करते हुए आवागमन किया। थाना सिटी कोतवाली धमतरी में आरोपी पवन अग्रवाल एवं आदित्य अग्रवाल के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर कार्रवाई की गई।

 


29-May-2020 2:23 PM

सब्जी बेचते मौत, कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं, जांच दिल का दौरा पडऩे की आशंका-डॉ. मूर्ति

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
धमतरी, 29 मई।
आज सुबह कुरूद विकासखंड के ग्राम उड़ेना निवासी सब्जी विक्रेता अशोक पटेल की मौत स्थानीय एकलव्य खेल परिसर में सब्जी बेचते समय हो गई। 

इस संबंध में एसडीएम धमतरी ने बताया कि किसान बाजार के पंजीकृत सब्जी विक्रेता श्री पटेल आज सुबह सात स्थानीय एकलव्य खेल परिसर में अस्थायी रूप से लगाए जा रहे किसान बाजार में पसरे पर बैठे हुए अचानक आगे की ओर झुके और एक बार हिचकी आई। वहां मौजूद अन्य सब्जी विक्रेताओं व प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हिचकी आने के बाद उनकी मृत्यु मौके पर ही हो गई थी, जिसकी पुष्टि जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने की। 

एसडीएम ने बताया कि मृतक के स्वास्थ्य संबंधी पूछताछ के लिए उनके गृहग्राम उडेना में जाकर परिजनों से चर्चा की गई तो यह ज्ञात हुआ कि उनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। उनके परिजन लेखराम पटेल, हितेश पटेल तथा भूपेंद्र पटेल ने बताया कि मृतक श्री पटेल न तो किसी रोग से ग्रस्त थे, ना ही किसी प्रकार की दवाई का सेवन करते थे। साथ ही प्रकार का नशापान नहीं किए जाने की बात परिजनों ने अपने बयान में कही।

सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि सब्जी विक्रेता श्री पटेल की मृत्यु प्रथम दृष्टया हृदयाघात से होना प्रतीत हो रहा है। विस्तृत परीक्षण उपरांत ही वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।
 


29-May-2020 2:14 PM

पांच और पॉजिटिव

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 29 मई।
आज छत्तीसगढ़ में पांच नए कोरोना पॉजिटिव मरीज की पहचान हुई। इनमें बिलासपुर जिले से दो, जगदलपुर-महासमुंद और दुर्ग से एक-एक मरीज हैं। बीती रात मुंगेली जिले से भी एक कोरोना मरीज की पहचान हुई थी। इन सबको मिलाकर राज्य में एक्टिव मरीज 321 हो गए हैं।


29-May-2020 2:10 PM

जोगी बहुत गंभीर हालत में

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 29 मई।
आखिरकार छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री और मौजूदा विधायक अजीत जोगी की हालत शुक्रवार दोपहर अत्यंत गंभीर हो गई है। 

एक पखवाड़े पहले उन्हें घर पर दिल का दौरा पड़ा था और वे तुरंत अस्पताल लाए गए थे। वे पिछले पखवाड़े भर से श्रीनारायणा अस्पताल में भर्ती हैं। श्री जोगी को इस बुधवार की रात दिल का दौरा भी पड़ा था। जिसके कारण उनकी हालत और भी बिगड़ गई थी। वे लगातार वेंटिलेटर पर हैं, और आज सुबह की अस्पताल की रिपोर्ट में भी उन्हें गंभीर हालत में बताया गया था। उनके कुछ करीबी सूत्रों के मुताबिक आज दोपहर बाद उनकी स्थिति और गंभीर बताई जा रही है।

श्रीनारायणा अस्पताल के मेडिकल बुलेटिन में कहा गया कि श्री जोगी का स्वास्थ्य अभी स्थिर है। 27 तारीख को उन्हें दिल का दौरा पड़ा था उसके बाद से दिनभर डॉक्टरों के अथक प्रयासों से श्री जोगी की स्थिति को नियंत्रण में लाया गया है। 
गुरूवार को अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने श्री जोगी के सभी अंगों की जांच की। परिवार की सहमति लेकर डॉक्टरों ने दोपहर सामूहिक  निर्णय लेते हुए बाहर से मंगवाकर श्री जोगी को एक विशेष इंजेक्शन लगाया। यह इंजेक्शन बहुत ही रेयर किस्म का इंजेक्शन है जिसका प्रयोग संभवत: छत्तीसगढ़ में बहुत कम हुआ है। इस इंजेक्शन को लगाने के बाद श्री जोगी के तेजी से गिर रहे स्वास्थ्य में स्थिरता आई है। 

डॉक्टरों की टीम ने भोपाल के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. सूर्यप्रताप सिंह तोमर से श्री जोगी की चिकित्सकीय स्थिति और उनकी मेडिकल रिपोटर््स पर विस्तार से चर्चा की। चर्चा के बाद डॉ. तोमर का मत रहा कि श्री जोगी अब तक सर्वोत्तम पद्धति से इलाज किया गया है और सभी उपलब्ध चिकित्सा विकल्पों का प्रयोग अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा किया जा चुका है। 

डॉ. तोमर ने सलाह दी है कि इसी इलाज को आगे भी जारी रखते हुए श्री जोगी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। श्री जोगी की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा उनके स्वास्थ्य की स्थिति को सुधारने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। 


29-May-2020 1:36 PM

मजदूर-भरी बस पलटी, दर्जन भर घायल

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
महासमुंद, 29 मई।
आज सुबह मजदूरों से भरी एक बस तुमगांव थाना क्षेत्र के छछानपहाड़ी के पास पलट गई। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बस में सवार 12 लोगों को सिर, हाथ आदि में चोटें आई हैं। तुमगांव पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर राहगीरों की मदद से बस के भीतर फंसे मजदूरों को बाहर निकाला और 108 वाहन की मदद से जिला चिकित्सालय महासमुन्द पहुंचाया। समाचार लिखे जाने तक दुर्घटनाग्रस्त बस घटना स्थल पर पड़ी है और जिला अस्पतास से सभी घायल मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
 
थाना प्रभारी तुमगांव शरद ताम्रकार के मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर छछानपहाड़ी के पास आज सुबह 6 बजे मजदूरों से भरी एक बस पलट गई। बस में कुल 26 मजदूर सवार थे। यह बस मुम्बई से इन मजदूरों को लेकर पश्चिम बंगाल जा रही थी। बस में सवार सभी मजदूर पुरुष थे। दुर्घटना की सूचना किसी राहगीर से मोबाइल पर मिली तो तत्काल थानेदार ताम्रकार अपने जवानों के साथ घटनास्थल की ओर रवाना हुए। 

थानेदार ने 'छत्तीसगढ़' को बताया कि वे घटनास्थल पर साढ़े 6 बजे पहुंचे। घटनास्थल पर कुछ राहगीर मजदूरों को बस के अंदर से निकालने की कोशिश कर रहे थे। वाहन चालक घटनास्थल से फरार था। थानेदार और जवानों ने भी बस के अंदर फंसे लोगों को खिड़की आदि की ओर से लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। लगभग साढ़े 7 बजे तक सभी लोगों को बस से बाहर निकाल लिया गया और घायल 12 लोगों को 108 वाहन की मदद से जिला अस्पताल महासमुन्द लाया गया। यहां सभी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
 
समाचार लिखे जाने तक बस को उठाने के लिए फोरलेन निर्माण कम्पनी से एक क्रेन की मांग की गई है, लेकिन क्रेन अभी घटनास्थल तक नहीं पहुंची है। पुलिस और आम नागरिकों के सहयोग से मजदूरों के लिए पानी और नाश्ते की व्यवस्था की गई है। थानेदार ताम्रकार का कहना है कि लम्बे सफर के कारण बस के चालक को सुबह-सुबह झपकी आ गई थी। इसीलिए बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। रफ्तार कम थी इसीलिए बड़ी दुर्घटना टल गई। घटना के बाद से गायब बस चालक का अभी तक अता-पता नहीं है। सभी मजदूरों को उनके गांवों तक भिजवाने की व्यवस्था की जाएगी।


29-May-2020 1:15 PM

नांदगांव में फिलहाल खतरा टला

मंडला, सिवनी की ओर बढ़ा टिड्डी दल


'छत्तीसगढ़' संवाददाता

राजनांदगांव, 29 मई। राजस्थान और महाराष्ट्र में फसलों को चट कर करने के बाद राजनांदगांव जिले की सरहदी इलाकों में पहुंचा टिड्डियों के दल का रूख मध्यप्रदेश के मंडला और सिवनी की ओर बढ़ गया है। लाखों की संख्या में उड़ रहे टिड्डियां फिलहाल बालाघाट जिले के लालबर्रा जिले में सक्रिय है। यह इलाका बालाघाट-सिवनी और मंडला बार्डर के बेहद करीब है।
 
मिली जानकारी के मुताबिक टिड्डियों  के हमले से सर्वाधिक नुकसान वन महकमे को होगा। इसके बाद किसानों की फसलों को भारी क्षति पहुंचने की आशंका बताई जा रही है। इस संबंध में जिला कृषि उप संचालक जीएस ध्रुव ने 'छत्तीसगढ़' से कहा कि टिड्डियां वर्तमान में बालाघाट जिले के लालबर्रा इलाके की ओर मुड़ी है। टिड्डियों को रोकने के लिए राजनांदगांव जिले में व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। बताया जा रहा है कि राजनांदगांव जिले के गातापार और साल्हेवारा क्षेत्र में कृषि और वन अमला संयुक्त रूप से टिड्डियों को रोकने की दिशा में अलर्ट है। बताया गया है कि बड़े-बड़े स्प्रेयर ट्रेक्टर से टिड्डियों  को मारा जाएगा। वहीं फायर ब्रिगेड भी सीमा पर तैनात की गई है। 

मिली जानकारी के मुताबिक अनगिनत संख्या में उड़ान भर रही टिड्डियों में बडी आकार में है। कृषि विभाग के अफसरों का कहना है कि टिड्डियों का आकार इंसान के ऊंगलियों के बराबर है। यह टिड्डियां विशालकाय पेड़ों को आसानी से चट करने की क्षमता रखती है। बताया जा रहा है कि राजनंादगांव में पहली बार टिड्डियों का हमला होने की आशंका है। अब तक टिड्डियां राजस्थान और गुजरात की सीमाओं तक सीमित रही है। 


29-May-2020 1:01 PM

बारदाना गोदाम में भीषण आग, लाखों का सामान खाक
 

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

राजनांदगांव, 29 मई। शहर के मठपारा स्थित एक पुराने बारदाना गोदाम में शुक्रवार तड़के भीषण आगजनी की घटना से गोदाम में रखा लाखों रुपए का बारदाना जलकर खाक हो गया। बताया गया है कि अशोक टेडर्स के संचालक ने आगामी खरीफ की फसलों के लिए बारदाना को गोदाम में रखा था। आगजनी किस वजह से हुई है, इसका जानकारी गोदाम संचालक को नहीं है।


मिली जानकारी के मुताबिक आज सुबह करीब  पौने 4 बजे के आसपास सैर पर निकले महेश अग्रवाल ने आग धधकते देखकर गोदाम संचालक को इसकी जानकारी दी। वहीं 112 और फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई और कुछ मिनटों में गाडिय़ां आग बुझाने के लिए पहुंच गई। गोदाम के एक कर्मचारी अशोक यादव ने बताया कि सूचना मिलने के बाद गोदाम में पहुंचकर आग की लपेटे उठते देखा। उसके बाद फायर ब्रिगेड के जरिए आग बुझाने की कोशिश की गई। कर्मी का कहना है कि करीब 30 से 35 लाख रुपए का बारदाना जलकर  नष्ट हो गया है। आग लगने की वजह को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हुई है।

 


29-May-2020 12:29 PM

भारत-चीन विवाद पर बोले ट्रम्प-अच्छे मूड में नहीं मोदी

वॉशिंगटन, 29 मई। भारत और चीन के बीच बॉर्डर पर गतिरोध जारी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प  लगातार दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने की बात कहते आ रहे हैं। अब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा है कि इस विवाद पर उनका (पीएम मोदी) मूड ठीक नहीं है। व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ट्रम्प से भारत-चीन के बीच चल रहे विवाद पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, दोनों देशों के बीच बड़ा विवाद है। मैं आपके प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) को पसंद करता हूं। वह बहुत अच्छे इंसान हैं।

ट्रम्प ने आगे कहा, भारत और चीन के बीच बड़ा विवाद चल रहा है, 1.4 बिलियन लोगों और दोनों देशों की बेहद ताकतवर सेना के बीच यह विवाद है। भारत खुश नहीं है और यह भी संभव है कि चीन भी खुश नहीं है। मैं आपको बता सकता हूं कि मैंने पीएम मोदी से बात की थी, चीन के साथ जो भी चल रहा है, उस पर उनका मूड अच्छा नहीं है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इससे पहले मध्यस्थता को लेकर 27 मई को ट्वीट किया था, हमने भारत और चीन दोनों को सूचित किया है कि अमेरिका उनके इस समय जोर पकड़ रहे सीमा विवाद में मध्यस्थता करने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम है। धन्यवाद।

भारत की ओर से रविवार को कहा गया था कि वह चीन के साथ इस विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से हल करना चाहता है। चीन की ओर से भी बातचीत के जरिए हल निकाले जाने की बात कही जा रही है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिआन ने बुधवार को बीजिंग में कहा कि चीन और भारत के पास बातचीत के सभी विकल्प मौजूद हैं और इसके जरिए इस मसले को हल किया जा सकता है।

गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रम्प कोरोना वायरस को लेकर लगातार चीन पर हमला बोल रहे हैं। गुरुवार को एक ट्वीट करते हुए उन्होंने इस वायरस को चीन की ओर से दुनिया को बेहद खराब तोहफा करार दिया। वह चीन पर दुनियाभर में कोरोना संक्रमण फैलाने और बड़े पैमाने पर हत्याओं को अंजाम देने का आरोप लगाते आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक और ट्वीट में लिखा था, चीन में कुछ सिरफिरे कोरोना के लिए अन्य लोगों को दोष दे रहे हैं, जबकि चीन की नाकामी ने दुनियाभर में हत्याओं को अंजाम दिया। यह चीन की अक्षमता के अलावा और कुछ नहीं है। (प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया)


29-May-2020 12:21 PM

खाना-पानी की किल्लत पर भड़के कोरोना अस्पताल के मरीज- क्या हम जानवर हैं, जो....

प्रयागराज, 29 मई। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जहां एक मरीज कोरोना वायरस के सरकारी अस्पताल में खाने और पानी की कमी के कारण विरोध जताया। तीन मिनट के वीडियो में एक मरीज ने प्रयागराज के कोटवा बानी इलाके में कोविड-19 एल1 कैटेगरी के अस्पताल के बारे में शिकायत बता रहा है कि यहां सुविधा के मामले में हालत जानवरों जैसी है। गुरुवार को अधिकारियों द्वारा दो घंटे तक अस्पताल में पानी की आपूर्ति उपलब्ध न करा पाने के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ।

एक मरीज अस्पताल की बिल्डिंग से बाहर निकलते हुए चिल्लाता है, आपने हमें जानवरों में बदल दिया है। क्या हम जानवर हैं? क्या हमें पानी की जरूरत नहीं है। इसके बाद कई और मरीज भी विरोध करने वाले मरीज के साथ खड़े हो गए।

जो शख्स वीडियो बना रहा था, उसने अपना फोन घुमाकर दिखाया कि अस्पताल के एंट्री पर कई लोग इकठ्ठे खड़े हैं और इसके बाद उसने अस्पताल के बोर्ड को भी दिखलाया। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने पूछा कि क्या आपको सही से खाना मिल रहा है? इस पर कई लोगों ने एक साथ चिल्लाकर बोला, नहीं। उन्हीं में से एक वृद्ध ने जोर से कहा, यह सब कच्चा-पक्का (अधपका) है।

कुछ मरीजों द्वारा बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए अधिकारियों को पैसे की पेशकश करते हुए भी सुना जा सकता है। उसी अस्पताल में महिला मरीज ने कहा, अगर आपके पास पैसे नहीं है तो हमसे ले लें। अगर ऐसी हालत बनी रही तो अधिकारियों को बताएं कि हम यहां से छोड़कर घर चले जाएंगे।

प्रयागराज के चीफ मेडिकल ऑफिसर ने अपने एक बयान में दावा किया कि दो घंटे के भीतर पानी की आपूर्ति की समस्या खत्म हो गई थी। उन्होंने कहा, तकनीकी खराबी के कारण ताजा पानी सप्लाई में दिक्कत हो रही थी। हमने एक इलेक्ट्रिशियन को बुलाया और दो घंटे में समस्या खत्म कर दी। यहां हमेशा टंकी में पानी रहता है, लेकिन मरीज नहाने के लिए ताजा पानी प्रयोग में लाते हैं। हमने यह समस्या जल्द ही खत्म कर दी।

उत्तर प्रदेश में यह पहली बार नहीं, जब मरीजों ने कोविड-19 अस्पतालों या क्वारंटीन सुविधाओं में अव्यवस्था को लेकर शिकायत किया है। ऐसी ही घटना राज्य के इटावा और आगरा जिले में भी हो चुकी है। 

कुछ दिनों पहले राज्य के मेडिकल शिक्षण विभाग ने लेवल 2 और लेवल 3 के कोविड-19 वार्ड में मरीजों को मोबाइल फोन प्रयोग करने के लिए प्रतिबंधित कर दिया था, लेकिन विवाद बढऩे के बाद इस निर्देश को वापस ले लिया गया। (khabar.ndtv.com)


29-May-2020 12:08 PM

ताजा मुठभेड़ में मिली एके-47 महेन्द्र कर्मा के पीएसओ की थी
झीरम में कर्मा के पीएसओ से लूटी थी

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
राजनांदगांव, 29 मई।
राजनांदगांव के पुरदौनी के जंगल में बीते 7 मई को पुलिस-नक्सल मुठभेड़ में मिले अत्याधुनिक हथियार एके-47 और एसएलआर  की पहचान पुलिस ने कर ली है। पुलिस नक्सल मुठभेड़ में जब्त हथियारों की जांच कर रही थी। बताया गया है कि एके-47 कांग्रेस के दिवंगत नेता महेन्द्र कर्मा के पीएसओ का निकला है। वहीं एसएलआर 2006 में दंतेवाड़ा जिले के बचेली स्थित एनएमडीसी में हुए बड़े नक्सल लूट की वारदात में छीने गए हथियार में से एक है। बताया गया है कि सीआईएसएफ के एक जवान से नक्सलियों ने विस्फोटक लूटने के बाद हथियार भी छीन लिया था।
 
मिली जानकारी के मुताबिक एके-47 नवमीं बटालियन के एपीसी सियाराम सिंह से नक्सलियों ने 25 मई 2013 को झीरम घाटी हादसे के दौरान लूट ली थी। इस हादसे के दौरान सियाराम सिंह कांग्रेस नेता स्व. कर्मा की सुरक्षा में तैनात था। पुरदौनी इनकाउंटर में शीर्ष नक्सली अशोक उर्फ रैनू और नक्सल कमांडर कृष्णा समेत 4 नक्सली मारे गए थे। एके-47 से लैस अशोक को ढेर करने के बाद पुलिस ने उक्त हथियार को बरामद किया था। वहीं एसएलआर नक्सल कमांडर कृष्णा के मारे जाने के बाद पुलिस ने मौके से जब्त किया था। एसपी जितेन्द्र शुक्ला ने 'छत्तीसगढ़' को बताया कि दोनों अत्याधुनिक हथियार नक्सलियों द्वारा लूटे गए थे। मुठभेड़ के बाद से हथियार को लेकर जांच की जा ही थी।


29-May-2020 11:49 AM

जोगी की हालत अभी भी नाजुक

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 29 मई।
दिल का दौरा पडऩे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की हालत नाजुक बनी हुई है। श्री जोगी का इलाज कर रहे डॉक्टरों की टीम ने भोपाल के विशेषज्ञ चिकित्सक से भी परामर्श किया है। उनके स्वास्थ्य के सुधार के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है।
 
श्रीनारायणा अस्पताल के मेडिकल बुलेटिन में कहा गया कि श्री जोगी का स्वास्थ्य अभी स्थिर है। 27 तारीख को उन्हें दिल का दौरा पड़ा था उसके बाद से दिनभर डॉक्टरों के अथक प्रयासों से श्री जोगी की स्थिति को नियंत्रण में लाया गया है। 

गुरूवार को अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने श्री जोगी के सभी अंगों की जांच की। परिवार की सहमति लेकर डॉक्टरों ने दोपहर सामूहिक  निर्णय लेते हुए बाहर से मंगवाकर श्री जोगी को एक विशेष इंजेक्शन लगाया। यह इंजेक्शन बहुत ही रेयर किस्म का इंजेक्शन है जिसका प्रयोग संभवत: छत्तीसगढ़ में बहुत कम हुआ है। इस इंजेक्शन को लगाने के बाद श्री जोगी के तेजी से गिर रहे स्वास्थ्य में स्थिरता आई है। 

डॉक्टरों की टीम ने भोपाल के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. सूर्यप्रताप सिंह तोमर से श्री जोगी की चिकित्सकीय स्थिति और उनकी मेडिकल रिपोटर््स पर विस्तार से चर्चा की। चर्चा के बाद डॉ. तोमर का मत रहा कि श्री जोगी अब तक सर्वोत्तम पद्धति से इलाज किया गया है और सभी उपलब्ध चिकित्सा विकल्पों का प्रयोग अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा किया जा चुका है। 

डॉ. तोमर ने सलाह दी है कि इसी इलाज को आगे भी जारी रखते हुए श्री जोगी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। श्री जोगी की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा उनके स्वास्थ्य की स्थिति को सुधारने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। 

 


29-May-2020 11:48 AM

देश में कोरोना के सर्वाधिक साढ़े सात हजार नये मामले

नयी दिल्ली, 29 मई (वार्ता)। देश में कोरोना वायरस (कोविड 19) संक्रमितों की संख्या उत्तरोत्तर बढऩे के कारण इस महामारी की विकरालता बढ़ती जा रही है और पिछले 24 घंटों के दौरान संक्रमण के रिकॉर्ड 7466 नये मामले सामने आने से मरीजों की कुल संख्या 1,65,799 पर पहुंच गयी है तथा इस अवधि में 175 लोगों की मौत हुई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में इससे संक्रमित 3414 लोग ठीक हुए हैं जिससे स्वस्थ हुए लोगों की कुल संख्या 71,106 हो गयी है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी किये गये आंकड़ों के अनुसार देश के विभिन्न राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेश में अब तक इससे 1,65,799 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 4706 लोगों की मौत हुई है। देश में फिलहाल कोरोना के कुल 89987 सक्रिय मामले हैं। देश में बुधवार और मंगलवार को नये मामलों में कमी देखी गयी थी। बुधवार को 6387 तथा मंगलवार को 6535 नये मामले सामने आये थे लेकिन इसके बाद दो दिन से संक्रमितों की संख्या में वृद्धि देखी गयी।

महाराष्ट्र इस महामारी से देश में सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। इस राज्य में कोरोना ने बहुत कहर बरपाया है। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में 2598 नये मामले सामने आये हैं। इसके बाद राज्य में अब तक इससे प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 59,546 हो गई है। राज्य में इस जानलेवा विषाणु से अब तक 1982 लोगों की मौत हुई है तथा 18,616 इसके संक्रमण से ठीक हुए हैं।

कोरोना वायरस से प्रभावित होने के मामले में तमिलनाडु दूसरे नंबर पर है , जहां संक्रमितों की संख्या 20 हजार के करीब पहुंच चुकी है। तमिलनाडु में अब तक 19,372 लोग इससे संक्रमित हुए हैं तथा 145 लोगों की मृत्यु हुई है जबकि 10,548 लोगों को उपचार के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है। 
कोरोना के कारण राष्ट्रीय राजधानी की भी स्थिति काफी ङ्क्षचताजनक बनी हुई है और देश में सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में तीसरे स्थान पर है। दिल्ली में 16,281 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 316 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 7495 मरीजों को उपचार के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है।

कोविड-19 से प्रभावित होने के मामले में देश का पश्चिमी राज्य गुजरात चौथे नंबर पर है। गुजरात में अब तक 15,562 लोग इससे संक्रमित हुए हैं तथा 960 लोगों ने जान गंवाई है। इसके अलावा 8003 लोग इस बीमारी से उबरने में कामयाब हुए हैं।

राजस्थान में भी कोरोना का प्रकोप जोरों पर है और यहां इससे संक्रमितों की संख्या 8067 हो गयी है तथा 180 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4817 लोग पूरी तरह ठीक हुए हैं।

आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अब तक 7170 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं तथा 197 लोगों की मौत हुई है जबकि 4215 लोग इससे ठीक हुए हैं। पश्चिम बंगाल में 4536  लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं तथा 295 लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक 1668 लोग ठीक हुए है। तेलंगाना में अब तक कोरोना से 2256 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 67 लोगों ने कोरोना के कारण जान गंवाई है। इसके अलावा यहां 1345 लोग अब तक इस बीमारी से ठीक हुए हैं।

दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश में 3251 और कर्नाटक में 2533 लोग संक्रमित हुए हैं तथा इन राज्यों में इससे मरने वालों की संख्या क्रमश: 59 और 47 है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2036 हो गई है और 27 लोगों की मृत्यु हुई है। पंजाब में 40, हरियाणा में 19, बिहार में 15, ओडिशा और केरल में सात-सात,  हिमाचल प्रदेश में पांच, झारखंड, असम ,चंडीगढ़ और उत्तराखंड में चार-चार तथा मेघालय में इस महामारी से एक व्यक्ति की मौत हुई है।


29-May-2020 10:14 AM

मजदूर घर पहुंचे भी नहीं और महाराष्ट्र के उद्योग मुश्किल में
-विश्वरत्न श्रीवास्तव
कोरोना संकट में जब लॉकडाउन हुआ तो मजदूरों की चिंता किसी ने नहीं की. इस बीच महाराष्ट्र से लाखों प्रवासी कामगार वापस घर को जा चुके हैं. कामगारों के इस रिवर्स माइग्रेशन से राज्य के औद्योगिक केंद्रों में चिंता है.

महाराष्ट्र की पहचान भारत के अग्रणी औद्योगिक राज्य के रूप में होती है. देश की जीडीपी में लगभग 15 फीसदी का योगदान देने वाला यह राज्य कोरोना वायरस और इसके चलते लागू किए गए देशव्यापी तालाबंदी से बुरी तरह प्रभावित हुआ है. तालाबंदी ने प्रवासी कामगारों से काम छीन लिया तो राज्य की औद्योगिक पहचान पर खतरा भी मंडराने लगा है. राज्य की औद्योगिक इकाईयों में देश के अलग अलग क्षेत्रों से आकर लोग काम करते हैं. राज्य के कुल कामगारों में 20 फीसदी कामगार बाहरी हैं. लाखों मजदूर अपने अपने घरों को लौटने लगे है. जो अभी नहीं जा पाए हैं, वह भी जाने की जुगत में हैं.

उद्योगों में मैनपावर की कमी

देश में प्रवासी मजदूरों की संख्या 10 करोड़ के आसपास है. महाराष्ट्र के उद्योग धंधों में कितनी संख्या में दूसरे राज्यों से आए प्रवासी मजदूर काम करते हैं, इस बारे में सरकार के पास भी कोई सटीक आंकड़ा नहीं है. एक अनुमान के अनुसार ऐसे कामगारों की संख्या 70 लाख से अधिक है. ये कामगार रियल इस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्सटाइल मिलों में काम करते हैं. इसके अलावा लाखों ऐसे लोग भी हैं जो घरेलू नौकर, सुरक्षा गार्ड और सब्जी विक्रेता जैसे काम करते हैं. राज्य में लगभग 3 लाख रेहड़ी पटरी वाले हैं, जिनमें से अधिकतर प्रवासी हैं. ऑटो-टैक्सी चलाने या छोटा व्यवसाय करने में माहिर ये लोग स्वतंत्रता के पहले से ही यहां आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा रहे हैं. राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख कहते हैं कि 20 लाख से ज्यादा प्रवासी कामगारों ने अपने गृह प्रदेश जाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. इससे कहीं अधिक कामगार पहले ही अपने गृह राज्यों को वापस जा चुके हैं. प्रवासी मजदूरों के जाने से राज्य की औद्योगिक इकाईयों में मैनपावर की कमी हो गई है.

                                                                  क्लिक करें और यह भी पढ़े : मुंबई-कोलकाता मजदूर-बस पलटी, 12 जख्मी  

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मैनपावर की कमी को स्वीकार करते हुए स्थानीय लोगों से सामने आने का अनुरोध किया है. जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल के अनुसार मुंबई में 3 लाख बंगाली कारीगर हैं जो गोल्ड इंडस्ट्री से जुड़े हैं. इसमें से 50 फीसदी लोग गांव जा चुके हैं, जबकि बाकी लोगों को सोना कारोबारियो ने अपने प्रयासों से रोक रखा है. कामगारों के जाने से रियल इस्टेट में भी संकट गहरा गया है. महाराष्ट्र में लाखों प्रवासी मजदूर रियल इस्टेट और इससे जुड़े उद्योगों के जरिए अपना जीवनयापन करते हैं. इनमें से आधे से अधिक लोग अब लौट चुके हैं. स्वाभिमान टैक्सी रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष केके तिवारी बताते हैं कि मुंबई में लगभग 5 लाख ड्राइवर हैं जिनमें से 40 फीसदी जा चुके हैं. उनका कहना है, "स्थिति सामान्य होने के बाद ऑटो और टैक्सी चालकों की कमी महसूस होगी."

कामगारों ​ की कमी को पूरा करने का प्लान

राज्य सरकार रिवर्स माइग्रेशन से अंजान नहीं है. राज्य के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई का कहना है कि उद्योग क्षेत्र में कर्मचारियों की कमी की दूर करने के लिए कामगार विनिमय ब्यूरो बनाया जाएगा. इसके साथ ही अल्पकालीन प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए जाएंगे. ब्यूरो उद्योगों को मजदूर उपलब्ध कराएगा. प्रवासी कामगारों की जगह स्थानीय लोग ले पाएंगे इसमें उद्योग जगत को संदेह है. लॉकडाउन से उद्योग और व्यापार को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. मजदूरों की कमी से अब इसके चरमराने की नौबत आ सकती है.

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार का कहना है कि उद्योग अपना काम काज बहाल करने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में मजदूर अपने मूल स्थानों को जा चुके हैं. शरद पवार ने महाराष्ट्र में औद्योगिक गतिविधियां फिर शुरू करने के लिए श्रमिकों की व्यवस्थित वापसी की योजना की वकालत की है. नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अनुराग कटियार का कहना है कि रेस्तरां इंडस्ट्री को अब स्थानीय लोगों के भरोसे ही चलाना पड़ेगा. वह कहते हैं कि मुंबई जैसे शहरों में नए कामगारों को ढूंढना चुनौतीपूर्ण होगा.

संकट को अवसर में बदलने की कोशिश

लॉकडाउन के बाद रिवर्स माइग्रेशन ने राज्य की औद्योगिक तस्वीर को बदल कर रख दिया है. राज्य के प्रधान सचिव भूषण गगरानी ने कहा है कि लॉकडाउन की वजह से राज्य की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है. इसे पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है. उनके अनुसार मुंबई और पुणे को छोड़कर राज्य के अन्य सभी जिलों में 56,600 उद्योग-धंधों को शुरू करने की अनुमति दी गई है. यहां कामगारों की कमी के चलते कारखाने पूरी क्षमता के साथ काम कर पाने में असमर्थ हैं. उद्योग मंत्री सुभाष देसाई का कहना है कि कोरोना संकट के कारण उद्योग क्षेत्र में मराठी युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं. इसलिए मराठी नौजवानों को नए मौके का फायदा उठाना चाहिए.

उद्योग क्षेत्र में आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने नीतियां और योजना तैयार की है. इसमें प्रवासी कामगारों की भरपाई के साथ राज्य के युवाओं रोजगार मुहैया कराने की कवायद की गयी है. राज्य ऐसी कंपनियों का स्वागत करने को तैयार है जो कोरोना संकट के चलते चीन से निकल रही है. इन कंपनियों को आकर्षित करने के लिए जमीन, सड़क और अन्य सुविधाएं तैयार रखा गया है. इसके अलावा उद्यमशीलता को बढ़ावा देने का फैसला किया है. नए उद्योगों को कागजी कार्रवाई से बचाने के लिए एक महालाइसेंस सुविधा शुरू की गई है. इसी तरह बड़े निवेशकों को उद्योगमित्र की सुविधा दी जाएगी जो कुछ कुछ रिलेशनशिप मैनेजर की तरह सभी जरूरी मदद करेगा.(dw.com)
 

 


29-May-2020 10:07 AM

सुनें ऑडियो : प्रवासी मजदूर ने कहा- सर ट्रेन में सुबह से भूखे हैं, आईएएस ने कहा- तो कूद जाओ ट्रेन से 

रांची। पूरा देश कोरोना वायरस के कारण लगाये गये लॉकडाउन की परेशानियां झेल रहा है. औऱ सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं वैसे मजदूर जो अपने राज्य से दूसरे राज्य में रोजी-रोटी की तलाश में गये हैं.

इस संकट की घड़ी में हर मोर्चे पर, हर वर्ग कुछ न कुछ करने की कोशिश कर रहा है. सरकार और निजी प्रयास से लगातार दूसरे राज्यों में फंसे मजदूर अपने राज्य वापस आ रहे हैं. झारखंड में अभी तक करीब तीन लाख प्रवासी मजदूर वापस आ चुके हैं. ट्रेन, बस, ट्रक, पैदल और न जाने किन तरीकों से प्रवासी मजदूर वापस आ रहे हैं.
झारखंड सरकार की तरफ से प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए एक व्यवस्था बनायी गयी है. इस व्यवस्था को हेड सीनियर आइएएस एपी सिंह कर रहे हैं. सरकार की तरफ से प्रवासी मजदूरों की वापसी के लिए उन्हें झारखंड का नोडल अधिकारी बनाया गया है. वो सीधा सीएस को रिपोर्ट करते हैं.
वासी मजदूरों के बीच हर नोडल अधिकारी का नंबर वायरल है. मुसीबत पड़ने पर वो सीधा अधिकारियों या मीडियावालों से बात करते हैं. लेकिन एक प्रवासी मजदूर की बेबसी पर सीनियर आइएएस एपी सिंह ने कुछ ऐसा कह दिया जिससे पूरी ब्यूरोक्रेसी सकते में है.
भूख लगी है तो कूद जाओ ट्रेन सेः एपी सिंह
परेशान हाल एक मजदूर ने आइएएस एपी सिंह को फोन किया. उन्हें अपनी परेशानी बतानी चाही. तो आइएएस ने क्या कहा आइये जानते हैं….

प्रवासी मजदूरः हैलो सर, हेलो…हेलो….

एपी सिंहः हेलो…

प्रवासी मजदूरः हेलो सर नमस्कार…
एपी सिंहः नमस्कार
प्रवासी मजदूरः ये फोन एपी सिंह सर के पास लगा है.
एपी सिंहः कौन आप बोल रहे हैं.

प्रवासी मजदूरः हमलोग झारखंड के प्रवासी मजदूर बोल रहे हैं. स्पेशल ट्रेन से वापस आ रहे हैं सर… सुबह से खाना नहीं मिला है…भूख से परेशान हो गये हैं हमलोग.

एपी सिंहः अच्छा…खाना रेलवे को देना है…रेलवे देगा खाना


 
प्रवासी मजदूरः कब देगा सर… सुबह में खाली एक पैकेट ब्रेड..ए गो केला और एक गो बोतल पानी दिया है…उसी में दिन भर काटना पड़ रहा है सर…कैसे क्या करें…

एपी सिंहः कूद जाइये वहां से…और क्या करियेगा…

प्रवासी मजदूरः कूद जाने से अच्छा रहेगा क्या…

एपी सिंहः रास्ते में जो देना है वो हमको नहीं रेलवे को देना है…

फिर फोन कट गया…(newswing.com)
 


29-May-2020 9:56 AM

टिकटॉक ने कैसे दो साल से ग़ायब को मिलाया !
तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडम के एक परिवार के लिए टिकटॉक का एक वीडियो वरदान साबित हुआ है. इस परिवार का कहना है कि इस वीडियो ने उन्हें दो साल पहले लापता हुए उनके पिता से मिलवा दिया है.

रोद्दम पेद्दीराजू का कहना कि उन्हें लग रहा था कि वो अपने पिता से फिर कभी नहीं मिल पाएंगे, लेकिन एक वीडियो के कारण उनके पिता वापस घर लौट सके.

पंजाब के लुधियाना शहर के एक फ्लाईओवर के नीचे कई बेघर लोग रहते हैं. दो साल पहले 55 साल का एक व्यक्ति इस फ्लाईओवर के नीचे रहने आया.

जब स्थानीय लोगों ने उनसे उनके बारे में सवाल किया तो वो कुछ बता नहीं पाए. बाद में लोगों को पता चला कि वो स्थानीय भाषा नहीं जानते थे. लोगों को ये भी पता चला कि उन्हें सुनने और बोलने में दिक्कत थी.

उनके गांव या परिवार के बारे में स्थानीय लोगों को किसी तरह की कोई जानकारी नहीं थी. न लोगों को उनके नाम का पता था और न ही वो पढ़े लिखे थे कि लिखकर अपनी पहचान के बारे में बता सकते.
ऐसे में वो फ्लाईओवर के नीचे ही रहने लगे और लोगों के दान पर निर्भर करने लगे. इसी तरह दो साल बीत गए.

हाल में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन ने उनके जैसे लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर दीं. एक दिन अपने डेली रूटीन के तहत पंजाब पुलिस में कॉन्स्टेबल अजैब सिंह फ्लाईओवर के नीचे रहने वाले लोगों को खाना देने गए.

गुरप्रीत नाम के एक व्यक्ति ने इसका वीडियो बनाया और टिकटॉक पर अपलोड कर दिया. यह इस साल मार्च के महीने की बात है.
कॉन्स्टेबल अजैब सिंह कहते हैं कि वो इस तरह के वीडियो से अनजान लोगों की मदद करने के लिए लोगों को जागरूक करने की कोशिश करते हैं. लेकिन उन्हें कभी यह पता नहीं था यह वीडियो पंजाब से 2000 किलोमीटर दूर तेलंगाना तक पहुंचेगा और इसके ज़रिए वो व्यक्ति अपने परिवार से मिल सकेंगे.

भद्राद्री कोठागुडम ज़िले के पिनापाका गांव के नागेंद्रबाबू ने यह वीडियो देखा. उन्हें लगा कि वीडियो में खाना लेने वाले व्यक्ति को वह पहचानते हैं.

उन्होंने कई बार यह वीडियो देखा और फिर उन्हें एहसास हुआ कि शायद यह उनके मित्र रोद्दम पेद्दीराजू के पिता हैं जो दो साल पहले लापता हो गए थे. उन्होंने यह वीडियो डाउनलोड किया और अपने पेद्दीराजू को भेजा.

उनके मित्र के परिवार ने उन्हें यह बताया कि वीडियो में दिखने वाले शख़्स रोद्दम वेन्कटेश्वरालु हैं जो दो साल पहले लपता हो गए थे.
रोद्दम वेन्कटेश्वरालु पंजाब कैसे पहुंचे?
लापता होने से पहले वेन्कटेश्वरालु अपने गांव में मज़दूरी का काम करते थे. उनके परिवार में उनकी पत्नी और पांच बच्चे थे.

उनके बेटे पेद्दीराजू ने बीबीसी के अरुण शांडिल्य से बात की और अपने पिता के बारे में बताया.

"27 अप्रैल 2018 को मेरे पिता नज़दीक के एक गांव में काम करने के लिए गए थे. वो हाइवे से एक ट्रक पर सवार हुए और वहीं गाड़ी में सो गए. ट्रक के ड्राइवर को इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि मेरे पिता गाड़ी में सो रहे हैं. कई किलोमीटर आगे जाने के बाद जब ड्राइवर को मेरे पिता के गाड़ी में होने का पता चला तो वो उन्हें सड़क पर उतारकर चला गया."

"मेरे पिता को नहीं पता था कि कहां जाना है. वो इस उम्मीद में एक और ट्रक पर सवार हो गए कि वो वापस हमारे ज़िले में पहुंच जाएंगे. मेरे पिता ने हाथों के इशारे से इस ट्रक के ड्राइवर को जो समझाया वो उसे समझ नहीं आया, लेकिन उसने मदद करने के ख़याल से उन्हें लिफ्ट दे दी. यह ट्रक उन्हें पंजाब ले गया. ड्राइवर उन्हें लुधियाना में छोड़कर आगे बढ़ गया. उस दिन के बाद से मेरे पिता वहीं फ्लाईओवर के नीचे रहने लगे थे."

"पिता के लापता होने के दो-तीन बाद मैंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन उन्हें खोजा नहीं जा सका. हमने उन्हें फिर से देखने की सारी उम्मीद छोड़ दी थी."

पिता को वापिस लाने की कोशिश

देश में कोरोना को लेकर लॉकडाउन था लेकिन पेद्दीराजू किसी तरह पुलिस और प्रशासन की मदद से अपने पिता को वापस लाने पंजाब पहुंचे.

वो कहते हैं, "मैं हैदराबाद में इंडियन इम्यूनोलॉजिकल लिमिटेड नाम की कंपनी में काम करता हूं. वहां मैंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से अपने पिता के बारे में बात की. उनमें से एक अधिकारी लुधियाना में रहने वाले जसप्रीत सिंह को जानते थे. हमने उन्हें मेरे पिता का वीडियो भेजा और उनसे ये पता लगाने के लिए कहा कि यह किसने बनाया है. उन्होंने मेरे पिता को खोज निकाला."

"उन्होंने मेरे पिता के पास पहुंचकर वीडियो कॉल पर मेरी उनसे बात कराई. मेरे पिता ने इशारे से कहा कि मुझे आकर ले जाओ. इसके बाद जब तक मैं लुधियाना नहीं पहुंचा तब तक मेरे पिता जसप्रीत सिंह के साथ ही रहे."

वो कहते हैं, "सबसे पहले मैंने जिस थाने में अपने पिता के लापता होने की रिपोर्ट लिखवाई थी वहां जाकर यह वीडियो दिखाया. ज़िले के पुलिस अधीक्षक ने लुधियाना पुलिस से संपर्क किया. पुलिस अधिकारियों ने मुझसे कहा कि लॉकडाउन के बाद मैं पंजाब आ जाऊं. लेकिन मैंने कहा कि मैं पिता से मिलने का इंतज़ार नहीं कर सकता. मैंने उनसे मुझे परमिट देने की गुज़ारिश की."

पेद्दीराजू और उनके पिता ने कार से लुधियाना से गांव पिनापाका तक का सफ़र तय किया.

पेद्दीराजू कहते हैं, "यह पहली बार है जब मेरे पिता हमसे इतने वक़्त के लिए दूर रहे हैं. दो साल तक वह केवल रोटी पर ही ज़िंदा थे जिसकी उन्हें आदत नहीं है."

"मैं सबसे पहले उन्हें घर पर बना गर्मागर्म चावल खिलाऊंगा."(bbc.com/hindi)
 


29-May-2020 9:50 AM

मुंबई-कोलकाता मजदूर-बस पलटी, 12 जख्मी  
महासमुन्द, 29 मई ('छत्तीसगढ़' संवाददाता)। आज सुबह 6 बजे मजदूरों से भरी एक बस तुमगांव थाना क्षेत्र के छछानपहाड़ी के पास पलट गई। इस घटना में किसी के मरने की खबर नहीं है। बस में सवार 12 लोगों को सिर, हाथ आदि में चोटें आई हैं। तुमगांव पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर किसी तरह राहगीरों की मदद से बस के भीतर फंसे मजदूरों को बाहर निकाला और 108 वाहन की मदद से जिला चिकित्सालय महासमुन्द पहुंचाया। समाचार लिखते वक्त दुर्घटनाग्रस्त बस घटना स्थल पर पलटी पड़ी है और जिला अस्पताल से सभी घायल मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।

 थाना प्रभारी तुमगांव शरद ताम्रकार के मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर छछानपहाड़ी के पास आज सुबह  मजदूरों से भरी एक बस पलट गई। इस में कुल 26 मजदूर सवार थे। यह बस मुम्बई से इन मजदूरों को लेकर पश्चिम बंगाल जा रही थी। बस में सवार सभी मजदूर पुरुष थे। दुर्घटना की सूचना किसी राहगीर से मोबाइल पर मिली तो तत्काल थानेदार ताम्रकार अपने जवानों के साथ घटनास्थल की ओर रवाना हुए। थानेदार ने जैसे छत्तीसगढ़ को जानकारी दी उसके मुताबिक उनके घटनास्थल तक पहुंचते तक घड़ी साढ़े 6 बजा चुकी थी। घटनास्थल पर कुछ राहगीर मजदूरों को बस के अंदर से निकालने की कोशिश कर रहे थे। वाहन चालक घटनास्थल से फरार था। थानेदार और जवानों ने भी बस के अंदर फंसे लोगों को खिड़की आदि की ओर से लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। लगभग साढ़े 7 बजे तक सभी लोगों को बस से बाहर निकाल लिया गया और घायल 12 लोगों को 108 वाहन की मदद से जिला अस्पताल महासमुन्द लाया गया। यहां सभी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

                                                                                           क्लिक करें और यह भी पढ़े : मजदूर घर पहुंचे भी नहीं और महाराष्ट्र के उद्योग मुश्किल में
                                                                                           

समाचार लिखते तक सुबह के 9 बज चुके हैं। बस को उठाने के लिए फोरलेन निर्माण कम्पनी से एक क्रेन की मांग की गई है, लेकिन क्रेन अभी घटनास्थल नहीं पहुंची है। पुलिस और आम नागरिकों के  सहयोग से मजदूरों के लिए पानी और नाश्ते की व्यवस्था की गई है। थानेदार ताम्रकार का कहना है कि बस के चालक को लम्बी सफर के कारण सुबह-सुबह झपकी आ गई थी। इसीलिए बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। रफ्तार कम थी इसीलिए बड़ी दुर्घटना टल गई। घटना के बाद से गायब बस चालक का अभी तक अता-पता नहीं है। सभी मजदूरों को उनके गांवों तक भिजवाने की व्यवस्था की जाएगी।