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28-May-2020

पुलवामा जैसे हमले को सेना ने कैसे किया नाकाम, आतंकियों की कार के उड़ाए परखच्चे, देखिए VIDEO

पुलवामा, 28 मई (एनडीटीवी)। जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़े कार बम हमला होने से पहले ही रोक लिया। जिस कार को सुरक्षाबलों ने रोका उसमें 20 किलो से अधिक आईईडी रखा हुआ था, जिससे घातक हमला हो सकता था। पुलिस ने बताया कि फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर वाली कार के बारे में जानकारी मिलने पर गुरुवार की सुबह चेक प्वाइंटर पर गाड़ी रोकी, लेकिन कार की रफ्तार बड़ा दी और बैरिकेड्स तोड़ चल गई।

पुलवामा के राजपोरा के आयनगुंड में सेना, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस ने कार बम विस्फोट करने की साजिश को नाकाम कर दिया। जानकारी के मुताबिक सुरक्षाबलों को 4-5 दिन पहले ही पता चल गया था कि एक कार में आईईडी फिट करके रखा गया है। खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली कि आतंकियों की मंशा कार बम विस्फोट कर सुरक्षाबलों के काफिलों पर आत्मघाती हमला करना था।

आज सुबह दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के राजपोरा में आयनगुंड गांव में एक सड़क किनारे यह सेंट्रो कार लावारिस अवस्था में मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने संयुक्त रूप से अभियान छेड़ कर बम स्क्वाड की मदद से इस आईईडी को नष्ट कर दिया। सुरक्षा बलों का कहना है कि आईईडी को कार से अलग न कर पाने की स्थिति में ही इसे कार के साथ ही विस्फोट कर उड़ा देना पड़ा जिस वजह से कार के परखच्चे उड़ गए।

पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल विजय कुमार ने कहा, सुरक्षा बलों ने गोलियां चलाईं, लेकिन ड्राइवर फरार हो गया। हालांकि आईईडी से भरे कार को छोड़कर गया। उन्होंने आगे कहा, हमें संभावित हमले के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी। हम कल से ही ढ्ढश्वष्ठ के साथ एक वाहन की तलाश कर रहे थे।

आईईडी के साथ कार को बाद में बम निरोधक दस्ते द्वारा नष्ट कर दिया गया। भारी विस्फोट की वजह से इलाके में कुछ घरों को नुकसान पहुंचा। अधिकारी ने बताया कि यह आर्मी, पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्सेस के साथ एक संयुक्त ऑपरेशन था।

पिछले साल फरवरी महीने में सीआरपीएफ के 40 जवान सुसाइड आईईडी हमले में इसी जिले में शहीद हुए थे। जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कई कैंपों को बम से तबाह कर दिया था।

पिछले दो महीनों में जम्मू-कश्मीर में कई बार आतंकी हमले हुए, जिसमें अधिकारियों समेत 30 जवानों ने अपनी जान गंवा दी। हालांकि इस दौरान सुरक्षा बलों ने 38 आतंकियों को मार गिराया।

पुलवामा में इसी महीने के शुरुआत में कश्मीर के मोस्ट वांटेड के लिस्ट में शामिल और आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन का कंमाडर आतंकी रियाज नाइकू को मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने मार गिराया था। (khabar.ndtv.com)


28-May-2020

दिल के गंभीर दौरे के बाद 
जोगी की हालत स्थिर

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की हालत गंभीर बनी हुई है। वे कोमा में चल रहे हैं और वेंटीलेटर के जरिए सांस ले रहे हैं। बताया गया कि बुधवार को जोर का दिल का दौरा पड़ा था, चिकित्सकों के अथक प्रयास के बाद उनकी हृदय गति वापस आई। 

श्री नारायणा अस्पताल द्वारा श्री जोगी के स्वास्थ्य को लेकर जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री जोगी के स्वास्थ्य  में बुधवार की शाम गिरावट आई थी। उनकी हार्ट बीट और ब्लड प्रेशर में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव होने लग गया था। डॉक्टरों द्वारा उनके फेफड़े सहित हार्ट और मस्तिष्क और अन्य सभी जांचें की गई।

बुलेटिन में यह भी बताया गया कि बुधवार की रात करीब 11 बजे उन्हें जोर का दिल का दौरा हुआ था। नारायणा अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने हृदय गति को वापस लाने के लिए काफी कोशिशें की और उनके अथक प्रयासों से हृदय गति वापस आई। वर्तमान में उनका हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और अन्य वाइटल पैरामीटर नियंत्रण में है। वे हिमो डायनामिकली अभी स्थिर है। लेकिन कोमा में चल रहे हैं और वेंटिलेटर की माध्यम से सांस ले रहे हैं। उनकी हालत अभी भी स्थिर बनी हुई है। 


28-May-2020

कंक्रीट स्लैब गिरी, 3 बच्चों की मौत

बिहार की राजधानी पटना में एक कंस्ट्रक्शन एरिया में एक कंक्रीट स्लैब गिरने से तीन बच्चों की मौत हो गई. ये दुर्घटना पटना शहर के जवाहर लाल नेहरु मार्ग पर स्थित ललित भवन के पास हुई. ये तीनों बच्चे यहां हो रहे कंस्ट्रक्शन के पास खेल रहे थे. राज्य सरकार ने तीनों बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए अनुदान राशि देने के निर्देश दिए हैं.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ये तीनों बच्चे बुधवार शाम ललित भवन के पास खेल रहे थे. तभी एक कंक्रीट की स्लैब उनपर गिर गई. बच्चों का रेस्क्यू कर उन्हें निकाला गया और ईलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. (abplive.com)

 

 


28-May-2020

राजस्थान-एमपी में टिड्डियों का हमला, ढोल-डीजे बजाकर मुकाबला
भारत के कई राज्यों में लाखों-करोड़ों की तादाद में आए टिड्डों ने सिर्फ किसानों को बल्कि सरकार को भी परेशान कर रखा है. पाकिस्तान की ओर से आए इन टिड्डों को भगाने के जतन भी नाकाफी हो रहे हैं.

पाकिस्तान की ओर से भारत में घुसा टिड्डियों का दलभगाने के लिए किसान कर रहे हैं सारे इंतजाम
कोरोना के महामारी संकट से जूझ रहे लोगों के लिए अब टिड्डे नई मुसीबत बनकर आ गए हैं. भारत के कई राज्यों में लाखों-करोड़ों की तादाद में आए टिड्डों ने सिर्फ किसानों को बल्कि सरकार को भी परेशान कर रखा है. पाकिस्तान की ओर से आए इन टिड्डों को भगाने के जतन भी नाकाफी हो रहे हैं.

दरअसल, लाखों की तादाद में पाकिस्तान की ओर से टिड्डियों का दल भारत में घुस आया है और भारत के अलग-अलग इलाकों में किसानों की फसलों को चट कर रहा है. इन टिड्डियों को भगाने के अलग-अलग जतन किए जा रहे हैं. मगर अबतक सब बेअसर से दिखते हैं.

                                                                क्लिक करे और यहाँ भी पढ़े : भारत में टिड्डी हमले के पीछे है कोरोना
 

राजस्थान के श्रीगंगानगर में टिड्डी दल ने अटैक किया है. किसान टीन बजाकर इन्हें खेतों से भगाने का उपाय कर रहे हैं. बाड़मेर में संकट इस कदर है कि जिला प्रशासन, बीएसएफ और फायर बिग्रेड की मदद ले रहा है. राजस्थान के ही करौली से धौलपुर की सीमा में करीब 5 किलोमीटर आकार का टिड्डियों का दल घुस आया है.

टिड्डियों के झुंड को देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई है. ग्रामीणों ने धुंआ और आवाज लगाकर टिड्डियों के दल को भगाया. रीवा में टिड्डी दल राजस्थान सीमा से निकलकर मध्य प्रदेश की सीमा में घुस गया. टिड्डी दल के आते ही किसानों ने टोली बनाकर ढोल, डीजे, थाली, टीन के डिब्बे बजाकर और ट्रैक्टर के सायलेंसर निकालकर अपने क्षेत्र से टिड्डी दल को भगाया.

पेड़ों पर बैठे हुए टिड्डी दल को मारने के लिए फायर ब्रिगेड से इन कीटनाशकों के घोल का छिड़काव किया. एमपी के भितरवार में भी टिड्डी दल ने हमला किया. किसान तमाम तरह के उपाय कर टिड्डी दल को भगाते नजर आए. कुछ किसानों ने मोटरसाइकिल का सायलेंसर निकाल कर उससे गोली जैसी आबाज निकाल कर टिड्डों को भगाया.
सतना में पेड़ों पर लाखों की तादाद में टिड्डियों का जमावड़ा है, यहां फायर ब्रिगेड केमिकल का छिड़काव कर टिड्डियों को भगाने में लगी है, साथ ही लोग ढोल बजाकर टिड्डियों को भगा रहे हैं. टिड्डियों के चलते किसानों के हालात बिगड़ रहे हैं, राजस्थान और मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र में टिड्डियों का आतंक है.
कोरोना के इस भयानक संकट काल में पाकिस्तान की ओर से आए टिड्डी नई परेशानी बन गई हैं. इन पर काबू नहीं पाया गया तो ये बड़ी तादाद में फसल बर्बाद कर देंगे. (aajtak.intoday.in)
 


28-May-2020

पीपीई किट घोटाले का शोर, हिमाचल बीजेपी अध्यक्ष का इस्तीफ़ा
स्वास्थ्य विभाग में हुए भ्रष्टाचार को लेकर हिमाचल प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल को इस्तीफ़ा देना पड़ा है। राज्य में इन दिनों एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रही है। यह ऑडियो क्लिप स्वास्थ्य महकमे के निदेशक डॉ. अजय गुप्ता की है। ऑडियो क्लिप में 5 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेने की बात हो रही है। 

ख़बरों के मुताबिक़, यह मामला पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) किट और सैनिटाइजर की ख़रीद घोटाले में रिश्वत लेने से जुड़ा है। विपक्षी दल कांग्रेस और सीपीआई (एम) ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। 
ऑडियो क्लिप में गुप्ता जिस शख़्स से बात कर रहे हैं, उसे एक बीजेपी नेता का क़रीबी बताया गया है। विपक्ष ने मांग की है कि इस नेता का नाम उजागर किया जाए। 

अंग्रेजी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, गुप्ता की कॉल डिटेल से पता चला है कि उनकी गिरफ़्तारी वाले दिन वह बीजेपी ऑफ़िस के नजदीक मौजूद थे। कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा ने पूछा है कि गुप्ता बीजेपी ऑफ़िस में किससे मिले थे। 

डॉ. राजीव बिंदल ने कहा है कि ऑडियो क्लिप वायरल होते ही राज्य सरकार ने निदेशक डॉ. अजय गुप्ता को गिरफ़्तार कर लिया था और मामले की जांच राज्य के सतर्कता विभाग द्वारा की जा रही है। बिंदल को इस साल जनवरी में प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। इससे पहले वह हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष थे। 

बिंदल ने बुधवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजे गए इस्तीफ़े में कहा है कि वह इस बात को पूरे भरोसे के साथ कह रहे हैं कि इस वायरल ऑडियो क्लिप का बीजेपी के साथ कोई लेना-देना नहीं है और पार्टी इस मामले में बेदाग है। (satyahindi.com)
 


28-May-2020

लॉकडाउन में कथित पुलिस पिटाई से 15 मौतें : अध्ययन

इनमें से तीन की मौत पुलिस कस्टडी और तीन लोगों की मौत आत्महत्या के कारण हुई. कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर ये आकलन किया है.
नई दिल्ली: कोरोना वायरस के कारण लागू किए गए लॉकडाउन के पहले पांच हफ्तों में पाबंदियों के उल्लंघन के आरोप में पुलिस द्वारा पीटे जाने के कारण 12 लोगों की मौत हुई है और तीन लोगों की मौत पुलिस कस्टडी में हुई. 

क्लिक करे और यहाँ भी पढ़े : लॉकडाउन के बीच आईआरएस की खुदकुशी
 

 

गैर-सरकारी संगठन कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) की एक रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई है. सीएचआरआई ने 25 मार्च से 30 अप्रैल तक के मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर ये आकलन किया है.

इन 12 मौतों में से तीन मौतें कथित तौर पर पुलिस की पिटाई और अपमान के बाद पीड़ित द्वारा आत्महत्या करने के चलते हुई हैं.

उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश से तीन मौतें हुईं. वहीं मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में दो-दो लोगों की मौत और तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पंजाब में कथित तौर पर पुलिस बर्बरता के कारण एक-एक लोगों की मौत हुई है.
12 मृतकों में लवकुश, मोहम्मद रिजवान, रौशन लाल (उत्तर प्रदेश से), बंसी कुशवाहा, टिबू मेदा (मध्य प्रदेश से), शेख मोहम्मद, वीरभद्रैया, पेद्दादा श्रीनिवास राव (आंध्र प्रदेश से), सगीर जमील खान (महाराष्ट्र), अब्दुल रहीम (तमिलनाडु), लाल स्वामी (पश्चिम बंगाल) और भूपिंदर सिंह (पंजाब) शामिल हैं.

सीएचआरआई अध्ययन के अनुसार भूपिंदर सिंह, पेद्दादा श्रीनिवास राव और रौशन लाल ने पुलिस बर्बरता के कारण आत्महत्या की थी.

12 मामलों में से दो में शामिल पुलिसकर्मियों को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया था. ये मामले मध्य प्रदेश (बंसी कुशवाहा) और आंध्र प्रदेश (शेख मोहम्मद हाउस) के हैं. इन दोनों मामलों में मजिस्ट्रेटी जांच का भी आदेश दिया गया है. 

वहीं अध्ययन के मुताबिक लाल स्वामी (पश्चिम बंगाल), मोहम्मद रिजवान (उत्तर प्रदेश), सगीर जमील खान (महाराष्ट्र) और टिबू मेदा (मध्य प्रदेश) मामलों में अधिकारियों ने इनकार किया कि इनकी मौत पुलिस की पिटाई के कारण हुई. 

पश्चिम बंगाल के लाल स्वामी की मृत्यु के बारे में पुलिस ने दावा किया कि पीड़ित की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी क्योंकि वह पहले से ही हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे.

कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि इन मामलों में निष्पक्ष जांच की जाए.(thewirehindi.com)


 


28-May-2020

कोरोना में उछाल आ सकता है, डरें नहीं - सिंहदेव

रायपुर, 28 मई. छत्तीसगढ़ में 27 मई 2020 तक कुल कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की संख्या 364 पाई गई है जिनमे से 83 अब तक स्वस्थ हो कर डिस्चार्ज किये जा चुके हैं और वर्तमान एक्टिव केसों की संख्या 281 है।
                                                        क्लिक करे और यहाँ भी पढ़े : कोरोना संकट पर सीएम की मंत्रियों संग चर्चा

इस बारे में राज्य के स्वस्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने आज सुबह ट्विटर पर बताया- हमने आने वाले समय के हित में टेस्टिंग की संख्या तीव्रता से बढ़ाई है और इसके कारण +ve केसों की संख्या में उछाल देखा जा सकता है। आपसे अपेक्षा है कि आप बिना घबराए, स्वयं को सुरक्षित रखने का प्रयास करेंगे और हम उतनी ही तत्परता से इस लड़ाई में संलग्न रहेंगे।


28-May-2020

सोनू सूद ने वीडियो में लोगों से मांगी माफी.... 

सोनू सूद ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने प्रवासी मजदूरों से माफी मांगी है.

मुंबई : बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद इन दिनों लॉकडाउन के बीच फंसे प्रवासी श्रमिकों की मदद में जुटे हैं और उन्हें उनके घरों तक पहुंचाने में जुटे हैं. सोनू सूद हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि वह अपने-अपने घरों से दूर फंसे श्रमिकों की मदद कर सकें और उन्हें उनके परिवार से मिला सकें. प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए सोनू सूद ने हाल ही में एक हेल्पलाइन नबंर भी जारी किया था. एक्टर ने यह हेल्पलाइन नंबर ऐसे श्रमिकों के लिए जारी किया है, जिन्हें लॉकडाउन के बीच उनकी मदद की जरूरत है. इसकी जानकारी उन्होंने ट्विटर पर दी थी. अब सोनू सूद ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने प्रवासी मजदूरों से माफी मांगी है.

दरअसल, सोनू सूद के हेल्पलाइन नंबर जारी करने के बाद जिस रफ्तार से लोग उनसे मदद की गुहार लगा रहे हैं, वह भी हैरान हैं. उन्हें लगातार लोगों के मैसेज आ रहे हैं, जो उनसे मदद मांग रहे हैं. ऐसे में एक्टर ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर कर ऐसे लोगों से माफी मांगी है, जिनके मैसेज पर वह ध्यान नहीं दे पाए, क्योंकि उन्हें काफी तेजी से लोगों के मैसेज आ रहे हैं.

एक्टर ने अपने मोबाइल पर आ रहे मैसेजेस का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, 'आपके संदेश हमें इस रफ्तार से मिल रहें हैं. मैं और मेरी टीम पूरी कोशिश कर रहें हैं कि हर किसी को मदद पहुंचे, लेकिन अगर इस में हम कुछ मेसजेस को मिस कर दें, उसके लिए मुझे क्षमा कीजिएगा.'
सोनू सूद जिस शिद्दत से लोगों की मदद कर रहे हैं, सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी तारीफों के पुल बांध रहे हैं. कई सेलिब्रिटीज से लेकर पॉलिटीशियन और आम लोग भी उनकी तारीफ कर रहे हैं. एक्टर की तारीफ करते हुए कई लोगों ने तो यहां तक कह दिया कि उन्हें महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बना दिया जाना चाहिए.(hindi.news18.com)
 


28-May-2020

प्रह्लाद जानी: माताजी ने 79 साल से नहीं लिया था 'अन्न-जल'?
तेजस वैद्य
बीबीसी संवाददाता

चुंडीवाले माताजी के नाम से प्रसिद्ध गुजरात के अंबाजी में रहने वाले प्रह्लाद भाई जानी का निधन 91 वर्ष की आयु में मंगलवार को हुआ. 79 सालों से उन्होंने खाना पीना त्याग रखा था और उनका दावा था कि ध्यान (मेडिटेशन) से उन्हें ऊर्जा मिलती है.

उनकी मौत की ख़बर पर गुजरात के मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि देते हुए ट्विटर पर लिखा कि "सालों से खाना पीना त्याग देने वाले माता जी वैज्ञानिकों के लिए भी शोध का विषय थे." उनके बहुत सारे फॉलोवर्स ने सोशल मीडिया पर इनसे जुड़े मैसेजेस पोस्ट किए जिससे यह ट्रेंड में भी रहा.

गुजरात के क़ानून और शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडासमा ने श्रद्धांजलि देते हुए ट्विटर पर लिखा, "1929 में पैदा होने के बाद सिर्फ़ 12 साल की उम्र में माताजी ने खाना पीना छोड़ दिया था." भूपेंद्रसिंह चुडासमा ने ये भी लिखा कि माताजी से मिलने वो अंबाजी स्थित उनके आश्रम गए थे और माताजी भी उनके गांधीनगर के दफ़्तर में आए थे.
सालों से एकांतवास में रहते प्रहलाद जानी कोई चमत्कारी पुरुष थे या मेडिकल रहस्य इस विषय पर 2010 में एक शोध किया गया था.

कोई व्यक्ति इतने सालों के बिना पानी खुराक के कैसे जी सकता है, इस पर अहमदाबाद में डॉक्टर्स की एक टीम ने जांच की थी और उसमें सेना भी दिलचस्पी ले रही थी.

15 दिनों तक चला टेस्ट

अहमदाबाद में 2010 में 22 अप्रैल से 06 मई तक यानी कि 15 दिन तक प्रह्लाद जानी को स्टर्लिंग अस्पताल में रखा गया जिसमें डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ़ फिजियोलॉजी एंड एप्लाइड साइंसेज के निदेशक डॉ जी. इलावलगान, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर शाह, डॉ. उरमन ध्रुव (परामर्श चिकित्सक और मधुमेह विशेषज्ञ), डॉ. हिमांशु पटेल (नेफ्रोलॉजिस्ट) जैसे लोगों ने उनका परीक्षण किया था.

इस जांच के दौरान प्रहलाद जानी की लगातार 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे से और व्यक्तिगत तौर पर भी सुपरविजन किया गया. उनका एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे किया गया. साथ ही उनपर क्लीनिकल, बायोकेमिकल और रेडियोलॉजिकल परीक्षण भी किए गए.

जांच दौरान प्रह्लाद जानी ने एक बार भी न कुछ खाया न पीया ही था. न ही इस दौरान उन्होंने मल मूत्र ही त्याग किया था.
इस परीक्षण के बाद डॉ. सुधीर शाह ने पत्रकारों को ये बताया था कि, ''हम बीते 100 से अधिक समय से माताजी का अवलोकन (ऑबजर्व) कर रहे हैं. इस दौरान न तो उन्होंने कुछ भोजन, पानी लिया और न ही उन्होंने मल मूत्र का त्याग ही किया."

डॉ जी. इलावलगान ने उस समय कहा था कि, "प्रहलाद जानी सालों से बिना भोजन और पानी किए हैं. सेना के जवान रेगिस्तान जैसी कठिन भौगोलिक स्थिति में तैनात किए जाते हैं. ऐसी परिस्थितियों में खान पान में तक़लीफ होना आम सी बात है. ऐसे में कैसे टिके रहना है यह जानने के लिए ही हमने इस शोध में रुचि दिखाई." हालांकि, तब डॉक्टरों की ओर से यह भी कहा गया कि अस्पताल में किए गए इन परीक्षणों की अपनी सीमाएं हैं. आने वाले कुछ और समय में प्रहलाद जानी पर कुछ और शोध किए जाने हैं. इसके लिए उनका घर पर होना ज़रूरी है.

डॉ जी. इलावलगान जब प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे तब हार्ट केयर फाउंडेशन के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल ने एक न्यूज़ चैनल के माध्यम से इलावलगान को कहा था कि आप एक डॉक्टर नहीं फिजियोलॉजिस्ट हैं. ऐसे मुद्दे पर कोई बयान देने से आपको बचना चाहिए और आपकी विश्वसनीयता को जोख़िम में नहीं डालना चाहिए.

दावे पर उठते सवाल

इसके जवाब में इलावलगान ने कहा था, "हम कोई दावा नहीं कर रहे हैं, हम सिर्फ़ यह जानना चाहते हैं कि अगर बिना खाए पीये कोई व्यक्ति जीवित रह रहा है तो ये कैसे संभव है."

प्रहलाद जानी मूल रूप से मेहसाणा के चराडा गांव के रहने वाले थे. इस साल मार्च में, सोशल मीडिया पर अफ़वाह फैली कि उनका निधन हो गया है. जिसका खंडन करते हुए अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट ने कहा था कि माताजी चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मौन धारण कर एक गुफ़ा में बैठे थे.
माथे पर टीका, नाक में नथ, लाल रंग के वस्त्र और सफ़ेद दाढ़ी माताजी की पहचान थी.

गुजरात के एक तर्कशास्त्री पीयूष जादूगर ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "ये उनका दावा था कि वो खाते पीते नहीं थे लेकिन और एक केस स्टडी के तौर पर अपने शरीर का अध्ययन करवाने की ज़रूरत थी लेकिन उन्होंने ऐसा होने नहीं दिया. ये ऐसा सवाल है जिसका जवाब हमारे पास अब नहीं है. उन्होंने ये भी दावा किया था कि वो 300 साल जिएंगे लेकिन वह दावा ग़लत साबित हो चुका है. सामान्य जीवन गुजारने वाले व्यक्ति भी तो 100 साल जीवित रह ही लेते हैं."(www.bbc.com/hindi/)
 

 


27-May-2020

जशपुर में 5 पॉजिटिव
रायपुर, 27 मई (10.23 बजे)।
जशपुर से 5 नये पाज़िटिव मरीज पाए गए हैं जिन्हें रायगढ़ कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा। राज्य में एक्टिव मरीजों की कुल संख्या 286 हो गई है। राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी है।


27-May-2020

तालाब में डूबने से भाइयों की मौत

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
महासमुन्द, 27 मई।
जिले के बागबाहरा क्षेत्र में आज शाम तालाब में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई है। दोनों बच्चे देवांगन परिवार से थे और सगे भाई थे। पूरा गांव इस घटना से शोक में डूब गया है।

पुलिस व ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बाघामुड़ा निवासी दोनोंं बच्चे पोखराज देवांगन (7 वर्ष) और मोहित देवांगन (5 वर्ष),  शाम को खेलते-खेलते तालाब चले गए। गर्मी अधिक होने से दोनों बच्चे तालाब में नहाने उतर गए। देखते ही देखते दोनों गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। तालाब के पास ही गांव के कुछ युवक क्रिकेट खेल रहे थे। जब वे खेल खत्म कर तालाब मेंं हाथ-मुंह धोने गये, तब तालाब के घाट में बच्चों के कपड़ों को पड़े देखा। आशंका होने पर क्रिकेट खेलकर तालाब पहुंचे युवकों ने तालाब के भीतर पानी में बच्चों की खोजबीन शुरू की तो दोनों ही बच्चे बेहोशी की हालत में मिले। पानी से बाहर निकालकर बच्चों को बेहोशी की हालत में ही बागबाहरा अस्पताल पहुंंचाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कोमाखान पुलिस के अनुसार बच्चों को पानी से निकाल कर क्रिकेट खेलने वाले युवाओं ने डायल-112 की मदद ली। खबर सुनते ही कोमाखान पुलिस तालाब पहुंची और 112 वाहन की मदद से बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बागबाहरा ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार कल गुरुवार को सुबह पोस्टमार्टम के बाद बच्चों के शवों को उनके परिजनोंं को सौंपा जाएगा। 


27-May-2020

शादी का झांसा देकर रेप, नायब तहसीलदार बंदी

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बेमेतरा, 27 मई।
शादी का झांसा देकर 5 वर्षों तक शारीरिक शोषण करने वाले नायब तहसीलदार को पुलिस ने आज गिरफ्तार कर न्यायालय बेमेतरा में पेश किया। आरोपी पहले बेमेतरा के गांव में शिक्षाकर्मी था, वर्तमान में सिमगा जिला बलौदाबाजार में नायब तहसीलदार है।

पीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही थाना दाढ़ी क्षेत्र अंतर्गत रहने वाली युवती ने थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि नायब तहसीलदार युवराज साहू ने वर्ष 2015 से 19 मई तक लगातार शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा। पीडि़ता वर्ष 2015 के पूर्व बेमेतरा में पढ़ाई कर रही थी। वर्ष 2015 के पूर्व युवराज साहू शिक्षाकर्मी के पद पर जिला बेमेतरा के ग्राम बालसमुंद और सिंघौरी में विगत वर्षों से पदस्थ था। वर्ष 2019 में युवराज साहू का नायब तहसीलदार के पद पर चयन होने से उसकी पोस्टिंग सिमगा जिला बलौदाबाजार में हुई। इसी बीच उसने सगाई कर ली। युवराज साहू शादी का झांसा देकर युवती का 5 वर्षों तक शारीरिक शोषण करता रहा। रिपोर्ट पर धारा 376, 376 (2) (न) , 3(2) (वी) एसी-एसटी एक्ट कायम कर विवेचना में लिया गया। 

उक्त घटना के संबंध में वरिष्ट अधिकारियों को अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशन पर आरोपी पतासाजी विवेचना के दौरान 27 मई को आरोपी युवराज साहू (32) सुपेला थाना भखारा जिला धमतरी को गिरफ्तार किया गया। 


27-May-2020

मुंबई से कोलकाता के मजदूर-ट्रक
से उतारा गया एक मरा हुआ मिला

दो साथी क्वारंटीन में, ट्रक निकल गया
'छत्तीसगढ़' संवाददाता

रायपुर, 27 मई। मुंबई से लिफ्ट लेकर हावड़ा कोलकाता जा रहे 3 युवकों में से एक कि आज शाम यहाँ टाटीबंध चौक पर मौत हो गयी। वह बुखार से पीडि़त था। कोरोना संदिग्ध मानकर उसकी जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट कल शाम तक आएगी। मृतक के दोनों साथी क्वारंटीन सेन्टर भेज दिये गए हैं। 

पुलिस के मुताबिक हावड़ा कोलकाता के 3 युवक महबूब रहमान, लालचंद शाह व हफीजुल रहमान (29) पिछले कुछ वर्षों से मुंबई के एक कपड़ा मिल में जरी लगाने का काम कर रहे थे। तभी तीनों दोस्त लॉकडाउन में फंस गए। तीनों लॉकडाउन खुलने का लगातार इंतजार करते रहे। आखिर तक लॉकडाउन न खुलने और खाने-पीने की समस्या होने पर तीनों लिफ्ट लेकर एक वाहन में सवार होकर मुंबई से निकल गए। रास्ते में अलग-अलग वाहनों से लिफ्ट लेकर आज सुबह राजनांदगांव पहुँचे। राजनांदगांव में बस में सवार होकर रायपुर के लिए निकल पाए थे तभी हफीजुल रहमान की तबियत ज्यादा बिगडऩे लगी। इसके बाद उसके तीनों दोस्त बस से उतर गए। कुछ देर बाद तीनों एक ट्रक से लिफ्ट लेकर टाटीबंध चौक रायपुर पहुँचे। यहां पहुँचते तक हफीजुल रहमान की हालत बहुत ज्यादा बिगड़ चुकी थी। नीचे उतरने पर यहीं उसकी मौत हो गयी। जबकि उसके दोनों दोस्त महबूब व लालचंद एम्बुलेंस आदि बुलाने का प्रयास कर ही रहे थे।

 मृतक के दोनों दोस्तों ने मौके पर पहुँची आमानाका पुलिस को बताया कि उसके दोस्त फफिजुल की तबियत मुंबई से ही खराब थी। उसे लगातार बुखार आ रहा था। जगह-जगह रुकते समय उसकी जांच भी करवाई, लेकिन सेहत में सुधार नहीं आया और रायपुर पहुंचने पर उसने दम तोड़ दिया। उसने पुलिस को बताया कि वे तीनों दोस्त अलग-अलग वाहनों से लिफ्ट लेते हुए रायपुर तक पहुंच पाए। दोनों दोस्तों ने यह भी बताया कि वे तीनों मुंबई के एक कपड़ा मिल में काम करते हुए लॉकडाउन में फंस गए थे और चाहकर भी अपने घर वापस नहीं लौट पा रहे थे। ऐसे में तीनों ने लिफ्ट लेते हुए घर तक पहुँचने का प्लान बनाया।

पुलिस का कहना है कि मृत युवक का सैंपल लेकर कोरोना जांच करायी जा रही है। उसे फिलहाल कोरोना संदिग्ध माना गया है। उसके दोनों साथियों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्वारंटाइन सेन्टर भेज दिया है। फिलहाल मृतक की जांच रिपोर्ट नहीं आयी है। शव चीरघर में रखवा कर उसके परिजनों को खबर दे दी गयी है। उनका कहना है कि कोरोना पॉजिटिव न आने पर शव उसके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। कोरोना पॉजिटिव आयी तो शव को यहीं दफन कराया जाएगा।


27-May-2020

रेलवे आरक्षण, 5 दिन में 1 करोड़ से ज्यादा रिफंड 
बिलासपुर, 27 मई।
रेलवे के आरक्षण काउंटरों से यात्रियों द्वारा आरक्षण के साथ-साथ बड़ी संख्या में टिकटों का कैंसिलेशन भी कराया जा रहा है 7  बीते पांच दिनों 22 मई से 26 मई तक के बीच बिलासपुर रेल मंडल के काउन्टरों से एक करोड़ 15 लाख 33 हजार 515 रुपये का रिफंड किया जा चुका है।

रेलवे ने 22 मई  से मंडल के बिलासपुर, रायगढ़, चाम्पा, कोरबा, शहडोल अनूपपुर, अम्बिकापुर, पेण्ड्रा रोड़, उमरिया, खरसिया, सक्ती, अकलतरा, नैला, ब्रजराजनगर,  बेलपहाड़, उसलापुर, कोतमा, बाराद्वार, मनेन्द्रगढ़ सहित कुल 19 आरक्षण काउंटर खोले हैं। यात्रियों की बेहतर सुविधा हेतु आरक्षण काउंटर की संख्या योजनाबद्ध तरीके से बढ़ाई जा रही है 7 26 मई से विश्रामपुर व बैकुंठपुर के आरक्षण काउंटर भी खोल दिये गए हैं। स्पेशल गाडिय़ों के आरक्षण तथा रद्दीकरण दोनों कार्य किए जा रहे हैं। सभी काउंटरों में कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत मास्क पहनने व सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कार्य संचालित किए जा रहे हैं।  साथ ही सभी को आरोग्य सेतु  एप का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है। 


27-May-2020

रात भर नाबालिग को पीटा, लाश सड़क किनारे फेंक दी
6 आरोपी गिरफ्तार, जिनमें दो नाबालिग 
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 27 मई ।
लेन-देन के विवाद में दो नाबालिगों सहित 6 आरोपियों ने दो लोगों को बंधक बनाकर रात भर मारपीट की। इनमें से एक 15 वर्षीय युवराज खरे की मौत हो गई। आरोपियों ने उसकी लाश सड़क के किनारे फेंक दी। सुबह पुलिस को घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस सक्रिय हुई और 6 आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। आरोपियों मे दो नाबालिग है।

 
सिरगिट्टी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सिरगिट्टी के गोविन्द नगर के अभिजीत लाल (21 वर्ष) अभिषेक लाल (23 वर्ष) सरदार बाड़ा सिरगिट्टी के हरीश  चौहान (23 वर्ष), आदर्श नगर सिरगिट्टी के मुकेश लाउत्रे (24 वर्ष) सहित दो नाबालिगों को हत्या के आरोप में पकड़ा गया है। 

आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि उनका मृतक युवराज खरे (15 वर्ष) के साथ पुरानी रंजिश व पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। मुकेश लाउत्रे और बाकी आरोपियों ने कल रात युवराज और उसके साथी आकाश बंजारे का अपहरण कर लिया। आरोपियों ने दोनों के हाथ-पैर बांधकर रात भर ईंट, हॉकी स्टिक और डंडे से मारपीट की। इससे युवराज की मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने मृतक और उसकी एक्टिवा बाइक को सड़क के किनारे ग्राम धमनी के पास फेंक दिया ताकि देखने में यह सड़क दुर्घटना प्रतीत हो। मृतक युवराज का साथी आकाश बंजारे किसी तरह से उनके चंगुल से छूटकर सिरगिट्टी थाने पहुंचा और घटना की सूचना पुलिस को दी। 

सूचना मिलते ही सिरगिट्टी थाना प्रभारी शांत कुमार साहू और उनकी टीम आरोपियों की तलाश में लग गई। कुछ घंटों के भीतर ही सभी 6 आरोपी गिरफ्त में ले लिये गये। इनमें से दो आरोपी नाबालिग हैं। आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 342, 323, 294, 393,394 सहित आईपीसी की अन्य धाराओं के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है। सभी को कल न्यायालय में पेश किया जायेगा। आरोपियों से घटना में प्रयुक्त रायल इनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल, नगद रुपये तथा पांच मोबाइल फोन जब्त किये गये हैं।

 


27-May-2020

राज्य में 28 मई से ऑटो, टैक्सी 
दूसरे जिले जाने ई-पास जरूरी

रायपुर, 27 मई। आम नागरिकों की आवश्यकताओं को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा केवल छत्तीसगढ़ के जिलों के भीतर और अंतर जिला (एक जिले से दूसरे जिले) में आवागमन के लिए टैक्सी-आटो को 28 मई से शर्तो के अधीन परिचालन की अनुमति दी गई है। परिहवन विभाग द्वारा इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के भीतर ऑटो और टैक्सी का परिचालन नियमानुसार होगा जबकि अंतर-जिला आवागमन के लिए ऑटो और टैक्सी के संचालन के लिए ई-पास अनिवार्य रहेगा। टैक्सी-ऑटो में यात्रा के दौरान चेहरे पर अनिवार्य रूप से मास्क लगाना होगा साथ ही कोरोना नियंत्रण के लिए जारी अन्य एडवाईजरी के पालन के साथ ही स्वच्छता और फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाए रखना जरूरी होगा। 

अंतर जिला आवागमन के लिए लोग सीजी कोविड-19 ई-पास एप्लीकेशन के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा वेबलिंक https://epass.cgcovid19.in  के माध्यम से भी मोबाइल नंबर से रजिस्टर कर अंतर-जिला आवागमन के लिए ई-पास हेतु आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन ई-पास के बिना अंतर-जिला टैक्सी, ऑटो परिचालन की अनुमति नहीं होगी। बिना अनुमति परिचालन की दशा में सख्त कार्रवाई की जाएगी।


27-May-2020

आज 4 पॉजिटिव
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 27 मई (7.36 बजे)।
छत्तीसगढ़ में आज शाम-रात तक 4 नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर जगदलपुर, कांकेर, बलौदाबाजार, और कोरिया में एक-एक मरीज मिले हैं। यह जानकारी भी मिली है कि आज एम्स में भी जांच कम हुई है, और राज्य सरकार के मेडिकल कॉलेजों की लैब में भी कुछ कारणों से जांच कम हुई हैं।

बस्तर में पहला, दिल्ली से आया है
जगदलपुर, 27 मई। बस्तर जिले में पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला है। बस्तर कलेक्टर ने इसकी पुष्टि की है।
बस्तर कलेक्टर डॉ. अय्याज तम्बोली ने बताया कि 24 वर्षीय एक युवक कोरोना पॉजिटिव मिला है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया है कि एक छात्र बीते दिनों दिल्ली से जगदलपुर पहुंचा। वह राजस्थान के सीकर जिले में पढ़ाई कर रहा था। जिसे जगदलपुर के एक क्वॉरंटीन सेंटर में रखा गया था।


27-May-2020

महाराष्ट्र में कोरोना पर सियासी भिड़ंत के बीच शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की बैठक

मुंबई, 27 मई। महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सहयोगी पार्टियों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में शामिल होने के लिए शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के नेता पहुंच गए हैं। बैठक वर्षा स्थित मुख्यमंत्री आवास में हो रही है।

दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कल कहा था कि हम महाराष्ट्र में डिसिजन मेकर नहीं हैं। इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया। अब सीएम उद्धव की ओर से आनन-फानन में सहयोगियों की बैठक बुलाई गई है।

हालांकि, शिवसेना के मुखपत्र सामना ने बुधवार को अपने संपादकीय में लिखा कि महाराष्ट्र में सरकार स्थिर है। शिवसेना का बयान उस समय आया है, जब एनसीपी चीफ शरद पवार ने पहले राज्यपाल बीएस कोश्यारी और फिर सीएम उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी। इसके बाद उद्धव सरकार पर संकट के बादल मंडराने के कयास लगाए जा रहे थे।

संपादकीय में कहा गया है कि शरद पवार और संजय राउत ने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें महामारी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। शरद पवार कई मौकों पर उद्धव ठाकरे से मातोश्री में मिल चुके हैं। संपादकीय में कहा गया है कि महाराष्ट्र में ये बैठकें नियमित और स्थिर हैं।

बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए संपादकीय में कहा गया है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की मांग करने वालों को गुजरात में ऐसी मांग करनी चाहिए, अगर उनमें हिम्मत है। राज्यपाल को ऐसी विपक्षी पार्टी की खिंचाई करनी चाहिए जो कोरोना पर राजनीति कर रही है। उद्धव सरकार ने छह महीने पूरे कर लिए हैं, ये लोग कह रहे थे कि सरकार 11 दिनों तक नहीं चलेगी।

सामना के संपादकीय में लिखा गया कि हमारे पास 170 विधायकों के साथ एक मजबूत सरकार है, अगर यह आंकड़ा 200 हो जाता है तो विपक्ष को हमें भविष्य में दोष नहीं देना चाहिए। (aajtak.intoday.in)


27-May-2020

बूढ़ातालाब के पास अवैध बाउंड्रीवाल 
पर बुलडोजर, 20 ठेले भी हटाए

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 27 मई।
निगम जोन 4 व 7 की टीम द्वारा आज बूढ़ातालाब परिक्रमा पथ के पास नाले के समीप एक हजार वर्गफीट की अवैध बाउंड्रीवाल पर बुलडोजर चला दिया गया। वहीं परिक्रमा पथ से 20 अवैध ठेले हटाए गए।
 
निगम जोन 4 कमिश्र चंदन शर्मा, जोन 7 कमिश्नर विनोद पांडेय के नेतृत्व में उनके जोन के नगर निवेश विभाग की टीम आज दलबल के साथ बूढ़ातालाब किनारे पहुंची। इस दौरान बूढातालाब परिक्रमा पथ से थोड़ी दूर नाले के समीप एक नागरिक द्वारा अवैध रूप से एक हजार वर्गफीट में कब्जा कर बाउंड्रीवाल बना ली गई थी, जिस पर बुलडोजर चला दिया गया। इस दौरान उन्हें निगम की जमीन पर कहीं कब्जा न करने की चेतावनी भी दी गई। दूसरी तरफ निगम टीम ने बूढातालाब परिक्रमा पथ के चारों ओर अभियान चलाकर बिना अनुमति व्यवसायरत 20 अवैध ठेलों पर तुरंत कार्यवाही करते हुए उन्हें हटा दिया। उन्हें भी कब्जा कर दोबारा कारोबार न करने की हिदायत दी गई है। 


27-May-2020

लॉकडाउन में ढील, अब हफ्ते में 6 दिन खुलेंगी दुकानें
सीएम ने की प्रवासी मजदूरों की स्थिति पर चर्चा 

'छत्तीसगढ़ संवाददाता'
रायपुर, 27 मई।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना के नियंत्रण और लॉकडाउन के बाद ठप्प पड़ी आर्थिक गतिविधियों को दोबारा शुरू करने बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक में विचार-विमर्श किया गया। बैठक में प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने और समाज के सभी वर्गों को राहत देने के उपायों पर चर्चा की गई। दुकानें अब हफ्ते में 6 दिन खुलेंगी साथ ही लोगों की दिक्कतों का देखते हुए अब वैवाहिक कार्यक्रम की अनुमति देने का अधिकार तहसीलदार को दिया गया है। रेड जोन और कंटेंनमेंट एरिया में कोई छूट नहीं मिलेगी। केंद्र सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन के अनुसार माल, सिनेमा घर, राजनैतिक सभाएं, सामाजिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध पूर्व की तरह ही जारी रहेगा। 

बैठक में दुकानों को अब सप्ताह में छह दिन खोलने का निर्णय लिया गया। सभी दुकानों और बाजारों में शारीरिक दूरी की बंदिशें पूर्व की तरह लागू रहेंगी। सप्ताह में छह दिन दूकान खुलने से वहां एक साथ होने वाली भीड़ से राहत मिलेगी। व्यवसायिक-व्यापारिक गतिविधियां शुरू होने से रोजगार के साथ अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। बैठक में ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को भी शुरू करने के उपायों पर विचार किया गया। लॉकडाउन के बाद प्रदेश के 1371 कारखानों में दोबारा काम शुरू हो गए हैं। इन कारखानों में एक लाख तीन हजार श्रमिक काम पर लौट चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बैठक में क्वारंटीन सेंटर्स में रह रहे प्रवासी मजदूरों के मनोरंजन के लिए टेलीविजन, रेडियो आदि की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों को मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने के लिए मनोवैज्ञानिकों की सेवाएं भी लेने को कहा है। मुख्यमंत्री ने गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से क्वारंटी सेंटर्स में योग या अन्य प्रेरक गतिविधियां संचालित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने तनाव कम करने पूरे दिन की व्यवस्थित दिनचर्या तैयार कर इसका पालन सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश वापस आने वाले श्रमिकों को राशन और रोजगार की चिंता से मुक्त करने की जरूरत है। इसके लिए तत्काल उनके राशन कॉर्ड और मनरेगा जॉब-कार्ड बनवाए जाएं। कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की सूची तैयार कर स्थानीय उद्योगों को उपलब्ध कराया जाए। इससे उद्योगों को जरूरत का मानव संसाधन मिलने के साथ ही श्रमिकों को नियमित रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के नियंत्रण और लॉकडाउन की परिस्थितियों में जन-जीवन को राहत पहुंचाने छत्तीसगढ़ में अच्छा काम हुआ है। सभी विभागों ने बेहतर समन्वय के साथ काम करते हुए जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई है। शहरी क्षेत्रों में कोविड-19 के बेहतर प्रबंधन के साथ गांव-गांव में लोगों को जागरूक करने के लिए शासन-प्रशासन ने मुस्तैदी से काम किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की जांच, इलाज और रोकथाम के लिए जितनी भी राशि की जरूरत होगी, स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिकता से उपलब्ध करायी जाएगी। 

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक दो लाख 12 हजार प्रवासी श्रमिकों को वापस लाया गया है। अब तक 53 श्रमिक स्पेशल ट्रेन आ चुकी हैं और 68 प्रस्तावित हैं। जिला कलेक्टरों को राज्य आपदा निधि से 18 करोड़ 20 लाख रूपए और मुसीबत में फंसे मजदूरों की सहायता के लिए करीब चार करोड़ रूपए राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। विभिन्न राज्यों में रह रहे प्रवासी श्रमिकों के बैंक खातों में 66 लाख 73 हजार रूपए का भुगतान भी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग को भी राज्य आपदा निधि से 75 करोड़ रूपए दिए गए हैं।
 
बैठक में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, सहकारिता मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिय़ा, श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री सुब्रत साहू, स्वास्थ्य सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, समाज कल्याण विभाग के सचिव प्रसन्ना आर., मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सुश्री सौम्या चैरसिया सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।