सोशल मीडिया

Posted Date : 22-Sep-2018
  • रफाल विमान सौदे में कथित भ्रष्टाचार का मामला सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में है ही, लेकिन इस बीच फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के एक बयान के चलते आज यहां हंगामा सरीखा मचा हुआ है. ओलांद ने कहा है कि भारत सरकार ने ही फ्रांस सरकार से इस सौदे के भारतीय साझेदार के रूप में अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस के नाम का प्रस्ताव देने को कहा था. जबकि भारत सरकार अब तक यह करती रही है कि यह समझौता दो कंपनियों के बीच एक व्यावसायिक समझौता था जिसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं थी. फेसबुक और ट्विटर पर इस हवाले से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को जमकर घेरा जा रहा है.
    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया है, ‘प्रधानमंत्री ने बंद दरवाजों के पीछे निजी तौर पर रफाल सौदे में मोलभाव और इसकी शर्तों में बदलाव किया था. फ्रांस्वा ओलांद का बहुत-बहुत आभार, अब हमें पता है कि उन्होंने (प्रधानमंत्री मोदी ने) ने दिवालिया हो चुके अनिल अंबानी को अरबों डॉलर का सौदा दे दिया था. प्रधानमंत्री ने भारत के साथ धोखा किया है. उन्होंने हमारे सैनिकों के खून का अपमान किया है.’ पत्रकार शिवम विज की टिप्पणी है, ‘रफाल मामले पर मोदी सरकार को काफी स्पष्टीकरण देना है. गुस्सा होकर पल्ला झाड़ने से कुछ नहीं होगा. आपको सिर्फ राहुल गांधी चोर नहीं कह रहे, फ्रांस्वा ओलांद भी यही कह रहे हैं.’
    इस खबर के चलते ट्विटर पर फ्रांस्वा ओलांद भी लगातार ट्रेंड कर रहे हैं और इस पर मोदी सरकार को घेरते हुए बड़ी ही दिलचस्प टिप्पणियां आई हैं. ध्रुव राठी ने ट्वीट किया है, ‘अब वे (मोदी सरकार) कहेंगे कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति देशद्रोही हैं और फ्रेंच नक्सल हैं.’
    सोशल मीडिया में इस खबर पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :
    राजदीप सरदेसाई-सर्जिकल स्ट्राइक की वर्षगांठ पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने रफाल स्ट्राइक कर दी है!
    सतीश आचार्य-फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद का ‘हमला’...
    शिवम विज-फ्रांस्वा ओलांद को पाकिस्तान भेजा जाए.
    नाइट वॉचमैन- ओलांद - हमें जो साझीदार दिया गया, हमने उसे ही स्वीकार किया. हमारे पास कोई विकल्प नहीं था.
    मोदी जी - हमारे पास भी कोई विकल्प नहीं था.
    बरखा दत्त-क्या अब रफाल के मामले में वो मोड़ आ गया है जब यह बोफोर्स जैसा मामला बन गया हो? कम से कम सुर्खियों के मामले में तो यह हो गया है और आरोप-प्रत्यारोप के मामले में कांग्रेस यह राउंड जीत गई है. भारत सरकार के लिए जवाब देना अब मजबूरी है. (सत्याग्रह)

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) और मायावती की बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन का ऐलान किया है और इस खबर के चलते सोशल मीडिया पर मायावती और अजीत जोगी, दोनों ही ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुए हैं।
    इससे पहले मायावती घोषणा कर चुकी हैं कि बसपा मध्य प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ेगी। इस खबर के जिक्र से साथ सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ के घटनाक्रम को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त का ट्वीट है, मायावती ने दिखा दिया है कि क्यों वे 2019 के चुनाव में एक मजबूत पक्ष हैं...नए गठबंधन बन रहे हैं और यह कांग्रेस के लिए अच्छी खबर नहीं है।
    सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि मायावती अपने हालिया फैसलों से भाजपा को मजबूत करने जा रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि बसपा नेता भाजपा के दबाव में कांग्रेस से दूरी बना रही हैं। फेसबुक पर शशिकांत की तंजभरी टिप्पणी है, मायावती और अजीत जोगी ने आज ऐलान कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनेगी।
    सोशल मीडिया में मायावती और अजीत जोगी की पार्टी के बीच हुए गठबंधन पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं-
    यो यो फनी सिंह - ऐसा लग रहा है कि मायावती को सीट बंटवारे के गणित में बहुत मजा आता है। उन्हें पता है कि वे 2019 में शून्य से नीचे नहीं जा सकतीं... उनका कुछ जाना नहीं, दूसरों को कुछ मिलना नहीं!
    एलडी अग्रवाल- जो सबसे ज्यादा (सीटें) दे रहा है, उसे अपना दलित वोट ट्रांसफर करके मायावती फिर पुराना खेल खेल रही हैं। उन्होंने हरियाणा में राष्ट्रीय लोकदल से गठबंधन किया है और अब छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की पार्टी से।
    रूही मिश्रा- मायावती दलितों या सीटों की चिंता नहीं कर रहीं। वे सिर्फ खुद को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से बचा रही हैं। शाह के इशारे पर वे समाजवादी पार्टी से भी किनारा कर सकती हैं।
    दिलीप खान- मायावती ने 'सम्मानजनक सीटोंÓ के लिए छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी से हाथ मिलाया है। (सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 20-Sep-2018
  • क्रिकेट के एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे मुकाबले के हाईलाइट्स पर आज सोशल मीडिया में लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. भारत-पाकिस्तान मैच को दोनों देशों का एक बड़ा तबका हमेशा ‘युद्ध’ की तरह से ही देखता और खेल भावना हाशिए पर रखकर सोशल मीडिया में बेहद तीखी प्रतिक्रियाएं देता है. फेसबुक और ट्विटर पर आज भी ऐसा ही हुआ है, हालांकि इस बीच कई लोगों ने इन प्रतिक्रियाओं पर आपत्ति दर्ज कराते हुए उम्मीद जताई है कि क्रिकेट दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने में अहम भूमिका अदा कर सकता है. प्रज्ञा नारंग का ट्वीट है, ‘भारत और पाकिस्तान का एक साथ खेलना मुझे पसंद है, क्योंकि यही वो समय है जब दोनों देशों का राष्ट्रगीत एक साथ गाया जाता है... यह बहुत ही खूबसूरत पल होता है.’
    वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी टीम की लचर बल्लेबाजी पर सोशल मीडिया में काफी चर्चा हुई है. आज के मैच में पहले बैटिंग करते हुए उसकी पूरी टीम महज 162 रन बनाकर आउट हो गई और इसको लेकर यहां खूब मजेदार प्रतिक्रियाएं आई हैं. फेसबुक पर एक यूज़र ने चुटकी ली है, ‘162 पर ऑल आउट होकर पाकिस्तान ने भारत के 10 खिलाड़ियों को शतक बनाने से रोक दिया है.’ ट्विटर हैंडल रोमी760 पर चुटकी ली गई है, ‘पाकिस्तान 162 के टार्गेट को तभी डिफेंड कर सकता है जब भारत बैटिंग करने ही न उतरे.’
    एशिया कप के इस मैच में पाकिस्तान की बल्लेबाजी पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :
    गजेंद्र सिंह-भारतीय टीम के फैन्स पाकिस्तानी फैन्स को तलाश करते हुए :
    द लाइंग लामा-ये कम से कम इन पाकिस्तानी बल्लेबाजों से तो बेहतर है :
    नेहा-आज के दिन की सबसे अच्छी तस्वीर :
    भ्रष्ट्रेटिड एक्टिविस्ट-पाकिस्तान की लाइनअप कुछ ऐसे ढही :
    आशीष प्रदीप-… पाकिस्तान के लिए सबसे दुख की बात ये है कि उनका प्रधानमंत्री क्रिकेटर था.(सत्याग्रह)

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Posted Date : 19-Sep-2018
  • संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में क्रिकेट के एशिया कप टूर्नामेंट में भारत और हांगकांग के बीच चल रहे मैच के हाईलाइट्स आज सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में हैं. इस मैच में बिना कोई रन बनाए आउट होने की वजह से भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ट्विटर के ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुए हैं. बीते कुछ समय से जब-जब धोनी का प्रदर्शन कमजोर होता है, सोशल मीडिया पर उन्हें एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास लेने की सलाह दी जाने लगती है. ट्विटर हैंडल जे ढिल्लन पर ऐसा ही एक ट्वीट है, ‘धोनी के पास रिटायर होने के लिहाज से बहुत अच्छे आंकड़े हैं... 50 से ज्यादा की औसत से दस हजार रन. लेकिन अब वे सबकुछ खराब करने पर तुले हैं. आंकड़ों के साथ-साथ वे अपनी प्रतिष्ठा भी खराब कर रहे हैं.’
    वहीं दूसरी तरफ धोनी के शून्य पर आउट होने पर बड़ी ही मजेदार प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिली हैं. यहां उनके ऊपर बनी फिल्म ‘एमएस धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी’ का एक दृश्य कई लोगों ने साझा किया है. इसमें उनका किरदार अपने कोच से यह कहता है, ‘सर, वीक टीम के साथ स्कोर करके क्या मिलेगा.’
    हांगकांग के खिलाफ धोनी के शून्य पर आउट होने पर सोशल मीडिया में आई कुछ और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं :
    ट्रेंडुलकर-कल के मैच (पाकिस्तान के खिलाफ) के लिए एनर्जी बचाने की यह धोनी की जबर्दस्त रणनीति थी...
    प्राची दास-धोनी पर नाराज होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने अपनी फिल्म में पहले ही साफ कर दिया था...
    स्कंदीप आनंद-धोनी की ईनिंग में सुधार हुआ है. 30 गेंदें बर्बाद करने के बजाय अब वे तीन गेंद ही बर्बाद कर रहे हैं.
    विराट्स धोनी-आज जो लोग ट्रोल कर रहे हैं, उन्हें कल धोनी को सपोर्ट करना पड़ेगा. शांति रखें, वे मजबूती के साथ वापसी करेंगे.
    दीपक राज वर्मा- ये सच्चा धोनी फैन है... (सत्याग्रह)

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Posted Date : 18-Sep-2018
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना 68वां जन्मदिन मना रहे हैं और इसके चलते ट्विटर पर हैप्पीबर्थडे पीएममोदी ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुआ है। राजनीति से लेकर अन्य क्षेत्रों तक की बड़ी-बड़ी हस्तियों और आम लोगों ने उन्हें ट्विटर और फेसबुक के माध्यम से शुभकामना संदेश दिए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का ट्वीट है, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी को जन्मदिन की बधाई। उनके लिए अच्छे स्वास्थ्य और खुशियों की कामना करता हूं। अभिनेता अमिताभ बच्चन ने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की कविता की यह पंक्ति साझा की है, वर्ष नव हर्ष नव जीवन उत्कर्ष नव इसी तरह सचिन तेंदुलकर ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुलाकात वाली एक तस्वीर साझा करते हुए उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है।
    मौका कोई भी हो, अगर नरेंद्र मोदी का नाम चर्चा में है तो सोशल मीडिया पर राजनीतिक टिप्पणियां आनी ही हैं और आज यहां जन्मदिन की बधाई देते हुए उन पर बड़ी ही दिलचस्प टिप्पणियां की गई हैं। स्टैंडअप कॉमेडियन अतुल खत्री का ट्वीट है, पीएम सर, आपको 68वें जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। काश पेट्रोल की कीमत और डॉलर की कीमत भी 68 पर होती...
    सोशल मीडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं-
    संपत सरल-आजादी मिलने के बाद पैदा होने वाले प्रथम प्रधानमंत्री जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। आप जिएं हजारों साल और साल का हर दिन 'अच्छे दिनÓ वाला हो।
    कीर्तीश भट्ट-मेरा जन्मदिन से खास रिश्ता है, मैं अपने जन्मदिन वाले दिन पैदा हुआ था।
    रमेश श्रीवत्स-अगर हमारे प्रधानमंत्री को उनकी उम्र के बराबर रुपये दिए जाएं तो उन्हें एक डॉलर से कम रुपये मिलेंगे। यह इतिहास में पहली बार हुआ है।
    वन टिप वन हैंड- अमित शाह- हैप्पी बर्थडे नरेंद्र भाई। पार्टी कहां है?
    नरेंद्र मोदी-21 राज्यों में।
    नेहा-नरेंद्र मोदीजी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। आपकी उमर पेट्रोल की कीमतों की तरह बढ़ती रहे। (सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 16-Sep-2018
  • लोग प्यार में क्या-क्या नहीं करते। भूटान के पूर्व प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने भी अपनी पत्नी के लिए कुछ ऐसा किया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। शेरिंग तोबगे ने अपने ट्विटर हैंडल से एक तस्वीर शेयर की है जिसमें वो अपनी पत्नी को पीठ पर बैठाकर ले जा रहे हैं। रास्ता बहुत खराब है और कीचड़ फैला हुआ है।

    शेरिंग तोबगे ने फोटो शेयर करते हुए लिखा है, सर वॉल्टर रैले जैसा साहसी तो नहीं लेकिन मैंने वो किया जो किसी पुरुष को अपनी पत्नी के पैरों को साफ रखने के लिए करना चाहिए।
    सर वॉल्टर रैले एक कवि थे और ब्रिटिश सेना का हिस्सा थे। उनके बारे में कहा जाता है कि महारानी एलिजाबेथ प्रथम के रास्ते में कीचड़ आने पर उन्होंने उस पर अपना ओवरकोट बिछा दिया था। इसे वीरता का एक उदाहरण बताया जाता है क्योंकि उन्होंने महारानी के पैर गंदे नहीं होने दिए।
    इस फोटो के वायरल होने के बाद तोबगे की पोस्ट पर लोग कमेंट करने लगे और उसे शेयर करने लगे। लोगों को उनका ये तरीका काफी पसंद आया और फिर शेरिंग तोबगे की तारीफें होने लगीं।
    मोहम्मद अताउर रहमान खान ने ट्वीट किया, आपकी जो भी पोजीशन हो, अपनी पत्नी के लिए आपका प्यार जाहिर होता है। इसे शेयर करने के लिए शुक्रिया। ये नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरक होगा कि अपनी पत्नी का ख्याल कैसे रखें।
    सुशीन ने लिखा, बहुत अच्छा कहा सर, सभी पुरुषों को आप पर गर्व होना चाहिए।
    जय प्रधान ने कमेंट किया है, उम्मीद है कि मेरे देश के लोग भी वही महसूस करें जैसा इन्होंने किया है।
    ईश्वर कुलकर्णी ने लिखा है, असल जिंदगी बाहुबली देवसेना और अमरेंद्र बाहुबली।
    अभिनव गुप्ता ने लिखा है, तारीफ के काबिल। शुक्रिया सर, आपको किसी से तुलना करने की जरूरत नहीं। आपने वो किया जो आपकी पत्नी के सबसे सही था।
    हेमंग मेहता ने कमेंट किया है, दम लगा के हईसा का रिमेक।
    रतन संसार श्रेष्ठ ने ट्वीट है, भूटान के प्रधानमंत्री ने अपनी पत्नी को उठाया। उम्मीद है कि अन्य नेता भी अनुकरण करेंगे।
    एक यूजर ने इसे भूटान में हो रहे चुनावों से भी जोड़ा। भूटान में आम चुनाव हो रहे हैं और शेरिंग तोबगे की पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी भी मैदान में है। ये भूटान के प्रमुख राजनीतिक दलों में से एक है।
    चुनावों पर रोहित जैन ने लिखा है, बहुत रोमांटिक, वह भी चुनावी मौसम में।
    शेरिंग तोबगे जुलाई 2013 से 9 अगस्त 2018 तक भूटान के प्रधानमंत्री रहे। अब मुख्य सलाहकार शेरिंग वांगचुक अंतरिम सरकार की अध्यक्षता कर रहे हैं।

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Posted Date : 15-Sep-2018
  • आज 14 सितंबर, यानी हिंदी दिवस है और अमूमन हर बार की तरह आज भी सोशल मीडिया में इस पर खूब चर्चा हुई है. यहां एक बड़े तबके ने एक दूसरे को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दी हैं. इसके साथ ही कई लोगों ने हिंदी की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए अपनी-अपनी तरह से सुझाव भी दिए हैं. पाणिनी आनंद ने फेसबुक पर लिखा है कि जब तक देश के नीति निर्धारक और प्रशासक अंग्रेज़ी में सोचते, पहनते, पहचानते, कहते रहेंगे हिंदी का भला कतई नहीं होगा.
    इसके अलावा फेसबुक और ट्विटर पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु का एक बयान भी चर्चा में है. हिंदी दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने हिंदी के महत्व पर जोर देते हुए कहा है कि अंग्रेजी एक ‘बीमारी’ है जिसे अंग्रेज जाते-जाते भारत में छोड़ गए हैं. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनके इस बयान के समर्थन और विरोध में प्रतिक्रियाएं दर्ज की हैं.
    वहीं हमेशा की तरह सोशल मीडिया में हिंदी दिवस पर विरोध के स्वर भी सुनाई पड़े हैं. ज्यादातर वे लोग जिनकी मातृभाषा हिंदी नहीं है, हिंदी दिवस पर सवाल उठाए हैं. ट्विटर हैंडल विशालवंग्य पर प्रतिक्रिया है, ‘हिंदी दिवस कोई सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि एक राजनीतिक आयोजन है. इस दिन हिंदी को राजभाषा का दर्जा देकर अन्य भारतीयों पर थोपना शुरू किया गया था...’
    सोशल मीडिया में हिंदी दिवस पर आई कुछ और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं :
    गीतिका स्वामी-इस हिंदी दिवस पर हम श्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हैं, जो संयुक्त राष्ट्र की महासभा में हिंदी में भाषण देने वाले पहले भारतीय नेता थे...
    सुयश सुप्रभ- मीडिया और सिनेमा में दिखने वाली हिंदी असल में फूले पेट की तरह है. उसे अच्छी सेहत मानना नादानी है.
    राजेश-आज हिंदी दिवस है, अंग्रेजी विरोधी दिवस नहीं. अगर आप इसे मनाना चाहते हैं तो कुछ अच्छा हिंदी साहित्य पढ़िये... प्रेमचंद से शुरुआत करना बढ़िया रहेगा.
    शिवम विज-उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु ने हिंदी को बीमारी बताया है.. जबकि इसके उलट शुद्ध हिंदी बीमारी है और इसे (एलोपैथिक) दवाओं की सख्त जरूरत है.
    प्रसून जोशी- हिंदी की उंगली पकड़ कर खड़ा हुआ हूं
    इसी आंगन की मिट्टी में बड़ा हुआ हूं... (सत्याग्रह)

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Posted Date : 14-Sep-2018
  • विजय माल्या के देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात करने वाले बयान पर सोशल मीडिया में कल से ही हंगामा मचा हुआ है. इस मसले पर यहां एक बड़े तबके ने अरुण जेटली, भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जमकर घेरा है. वहीं कांग्रेस ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जेटली से इस्तीफे की मांग की है. फेसबुक और ट्विटर पर इसकी भी चर्चा है. इस पर मनु पंवार का तंजभरा ट्वीट है, ‘वैसे जेटली को इस्तीफ़ा नहीं देना चाहिए. किसी भटके हुए (माल्या) को ‘रास्ता दिखाना’ कोई गुनाह थोड़े ही है.’
    वहीं कांग्रेस के हमले पर भाजपा ने पलटवार किया है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आरोप लगाया है कि यूपीए सरकार ने नियम विरुद्ध जाकर विजय माल्या और उसकी कंपनी को कर्ज दिलवाया था. सोशल मीडिया में इस हवाले कांग्रेस को भी घेरा जा रहा है.
    मीडिया में आई खबरों के मुताबिक सीबीआई ने माल्या के खिलाफ एक लुक आउट नोटिस जारी किया था ताकि वह देश छोड़कर न भाग सके. लेकिन बाद में इस लुक आउट नोटिस में ढील दे दी गई जिसके चलते उसे भागने का मौका मिल गया. यह घटना फरवरी, 2016 की है और सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसका जिक्र करते हुए भी मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं.
    विजय माल्या के बयान से जुड़े ताजा विवाद पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :
    राजदीप सरदेसाई-यह समझने में मेरी मदद की जाए : भाजपा कहती है कि उसके पास राहुल गांधी के परिवार और किंगफिशर के बीच हवाला के जरिए हुए लेनदेन के सबूत हैं... मेरा मामूली सा सवाल है : फिर इन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया, यहां तक कि एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई? इन्हें क्यों बचाया जा रहा है और कौन बचा रहा है? क्या भाजपा अभी सत्ता में नहीं है?
    द मंक-इतना महंगा पेट्रोल है, कितनी दूर भागेगा.
    निशांत चतुर्वेदी-भला हो विजय माल्या का कि सब लोग पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी को भूल गए हैं... हालांकि माल्या ने पेट्रोल डालकर देश की राजनीति में आग जरूर भड़का दी है.
    बैटी-जेटली ने माल्या को एयरपोर्ट पर छोड़ते हुए कौन सा गाना गाया था?
    जवाब – हमको हमीं से चुरा लो...
    रोशन राय-कोई भी और कुछ भी, चाहे वो माल्या हो, नौकरियां हों या आर्थिक संपन्नता हो, अरुण जेटली से मिलने के बाद देश छोड़ देती है.
    तजिंदर पाल सिंह बग्गा-अरुण जेटली जी नेशनल हेराल्ड घोटाले के आरोपित से मिलते हुए.(सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 13-Sep-2018
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आज सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरी हैं. हालांकि यह बयान मंगलवार का है. कल उन्होंने बागपत में एक कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए उन्हें दूसरी फसलें उगाने की सलाह दी थी और कहा था, ‘आप लोग इतना गन्ना बना दे रहे हैं कि बहुत सारे लोगों को शुगर हो रही है...’ यहां एक तबके ने इस बयान के हवाले से आरोप लगाया है कि राज्य की भाजपा सरकार गन्ना किसानों की समस्याओं का समाधान कर पाने में असफल है इसीलिए मुख्यमंत्री इस तरह के बयान दे रहे हैं. पाणिनी आनंद ने फेसबुक पर तंजभरे अंदाज में लिखा है, ‘चीनी से डायबिटीज होती है, कोई और फसल उगाओ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ... और इस तरह उत्तपदेस के गन्ना किसानों की समस्या का सदा के लिए अंत हो गया.’
    फेसबुक और ट्विटर पर कई लोगों ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के इस वीडियो को शेयर किया है और बड़ी ही मजेदार टिप्पणियां की हैं. फेसबुक पर एक यूजर की टिप्पणी है, ‘योगी आदित्यनाथ त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब को पछाड़ना चाहते हैं...’
    सोशल मीडिया में योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :
    मोहम्मद आसिफ खान-‘गन्ने के ज्यादा उत्पादन से उसकी खपत ज्यादा होती है और इससे शुगर होती है’ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ... और फिर इसके बाद शुगर से तर्क की मौत हो गई.
    लैटपॉट बाबा- दुनिया के जाने-माने कृषि विज्ञानी, डायबिटीज विशेषज्ञ और अर्थशास्त्री योगी आदित्यनाथ किसानों को सलाह दे रहे हैं... दरअसल खाली बर्तन ही ज्यादा आवाज करते हैं.
    जाकिर अली त्यागी-उत्तर प्रदेश के बाबा योगी आदित्यनाथ जी किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे गन्ने की पैदावार कम करें क्योंकि इससे डायबिटीज के मरीज बढ़ रहे हैं. योगी बाबा सीधा ही क्यों नहीं कह देते कि किसानों की मेहनत का दाम देना अब उनके बस में नहीं रहा...
    ऋषि कुमार-किसानों नफरत की खेती करो, सत्ता मिलेगी और शुगर भी नहीं होगा!
    अबदुल कलाम-गन्ना न बोएं, इससे डायबिटीज़ फैलता है. 
    मूली भी ना बोएं, इससे प्रदूषण फैलता है.(सत्याग्रह)

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Posted Date : 12-Sep-2018
  • कल शाम को आई एक खबर के चलते आज सोशल मीडिया पर रघुराम राजन काफी चर्चा में हैं. इस खबर के मुताबिक रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर ने लोक सभा की एक संसदीय समिति को भेजी गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बैंकों के फंसे हुए भारी-भरकम कर्ज (एनपीए) के लिए यूपीए सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं. फेसबुक और ट्विटर पर इस हवाले से कांग्रेस को जमकर घेरा जा रहा है. फेसबुक पर विकास सिंह ने सवाल उठाया है कि कांग्रेस का हर नेता रघुराम राजन को बहुत ही होशियार और विश्वसनीय मानता रहा है, लेकिन क्या अब वे यह स्वीकार करेंगे कि एनपीए की समस्या 2008 से शुरू हुई थी.
    2014 के दौरान केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार बनने के बाद पार्टी के कई नेताओं ने रघुराम राजन की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए थे और इनमें सुब्रमण्यम स्वामी सबसे बड़े नाम थे. सोशल मीडिया पर इस बात का जिक्र करते हुए भी आज कुछ प्रतिक्रियाएं आई हैं. ट्विटर पर दुर्गेश सेन ने चुटकी ली है, ‘लो अब रघुराम राजन देशद्रोही नहीं रहे, देशभक्त हो गए हैं.’
    हालांकि अपनी रिपोर्ट में राजन ने यह भी कहा है कि उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को कुछ बड़े लोन डिफॉल्टरों की सूची भेजी थी ताकि उन पर नजर रखी जा सके या कार्रवाई हो सके. तब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन चुके थे. सोशल मीडिया पर राजन की रिपोर्ट के इस हिस्से का जिक्र करते हुए मोदी और भाजपा को भी कई लोगों ने निशाना बनाया है. स्नेहा सिंह ने भाजपा और उसके समर्थकों पर तंज कसते हुए टिप्पणी की है, ‘मीठा-मीठा गप-गप और कड़वा-कड़वा थू-थू!’
    सोशल मीडिया में इस खबर पर आई कुछ दिलचस्प प्रतिक्रियाएं :
    कार्ल मार्क्स- रघुराम राजन संघी हैं... उनके नाम में ही राम लगा हुआ है...
    चोपड़ा साब- जब मोदी को नापसंद करने वालों को पता चला कि रघुराम राजन ताजा संकट के लिए एनडीए के बजाय मनमोहन सिंह को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं...
    अरुण शौरी- रघुराम राजन ने हाई प्रोफाइल मामलों की सूची पीएमओ को भेजी थी ताकि कम से कम एक दो के खिलाफ कार्रवाई हो सके... लेकिन मोदी ने क्या किया? उन्होंने सुनिश्चित किया कि रघुराम राजन को आरबीआई से जाना पड़े और वहां उनकी कठपुतली बैठ जाए...
    माधवन नारायणन- भारतीय बैंकिंग सिस्टम में एनपीए संकट के लिए यूपीए और एनडीए, दोनों ही एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और दोनों रघुराम राजन का हवाला दे रहे हैं!(सत्याग्रह)

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Posted Date : 11-Sep-2018
  • पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दामों के खिलाफ कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के आज के भारत बंद की चर्चा सोशल मीडिया पर सुबह से है। इस बहाने यहां भाजपा समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी नोक-झोंक भी चल रही है। हालांकि इस बीच फेसबुक और ट्विटर पर भाजपा की तरफ से जारी दो चार्ट अचानक चर्चा में आ गए हैं। इनमें भाजपा ने 2004 से लेकर 2014 और 2014 से लेकर 2018 के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों के आधार पर यह बताने की कोशिश की है कि कैसे भाजपा की अगुवाई वाली सरकार के दौरान तेल की कीमतों में सबसे कम वृद्धि हुई है। चूंकि ये चार्ट गणित के मुताबिक एकदम गलत और राजनीति के मुताबिक भ्रम फैलाने वाले हैं सो इस हवाले से सोशल मीडिया में कई लोगों ने इन पर सवाल खड़े किए हैं। अंग्रेजी के चर्चित लेखक चेतन भगत ने चार्ट वाले भाजपा के एक ट्वीट को रीट्वीट करते हुए टिप्पणी की है, माफ कीजिए, लेकिन क्या ये सेल्फ गोल ट्वीट है? मुझे यह कतई समझ में नहीं आया....
    इस चार्ट पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया तो नहले पर दहला सरीखी रही। पार्टी ने इसी चार्ट के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू कीमतों के आंकड़े देकर बताया है कि कैसे मोदी सरकार के कार्यकाल में कच्चे तेल की कीमत कम रहने पर भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें ज्यादा रहीं।
    इसके अलावा भाजपा के चार्ट पर लोगों ने पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए एक से बढ़कर एक तंजभरी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा है, पेट्रोल 71 से घटकर 80 रुपये पर आ गया! ...ये ग्राफ भी नाले से निकाला है शायद। ट्विटर हैंडल भीखू माहतरे पर प्रतिक्रिया है, यह चार्ट उन्हीं 31 प्रतिशत लोगों के लिए है जिन्होंने भाजपा को वोट दिया था...
    सोशल मीडिया में भाजपा के पेट्रोल-डीजल की कीमतों से जुड़े इन चार्ट पर आई कुछ और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं -
    कांग्रेस- लो, हमने आपके (भाजपा के लिए) लिए इसे सही कर दिया।
    जेट ली (वसूली भाई)- मोदीजी ने सत्ता में आने से पहले वादा किया था कि वे पेट्रोल-डीजल की कीमतें नीचे ले आएंगे। आखिर वे ऐसा करने में कामयाब हो गए, ग्राफ में।
    जयंत-सिर्फ मोदी को प्यार करने वाले ही इस ग्राफ को समझ पाएंगे।
    नियोबी-इसको ठीक कर दिया है।
    मुहम्मद इब्राहिम- संपूर्ण साख्यिकीय में एमए करने वाला भी इस खतरनाक ग्राफ को नहीं समझा जा सकता। जैसे मोदी का ग्राफ नीचे जा रहा है, भाजपा की ग्राफ बनाने की काबिलियत भी नीचे जा रही है।
    राकेश कंबोज- वैधानिक चेतावनी: यह चार्ट सिर्फ भक्तों के लिए है। बाकी लोग इसमें अपना दिमाग व समय नष्ट न करें।  (सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 08-Sep-2018
  • कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 31 अगस्त को अपने ट्विटर हैंडल से कैलाश पर्वत की तस्वीर पोस्ट की थी और उसके बाद कांग्रेस की तरफ से बयान आया था कि राहुल गांधी कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए हैं. तब से सोशल मीडिया पर राहुल गांधी की यह तीर्थ यात्रा लगातार चर्चा में है. चार सितंबर को राहुल गांधी ने अपने ट्विटर हैंडल पर मानसरोवर झील की भी कुछ तस्वीरें साझा की थीं और इसके बाद यहां भाजपा समर्थकों ने यह कहना शुरू किया था कि ये तस्वीरें फर्जी हैं और राहुल गांधी जनता झूठ बोल रहे हैं.
    आज राहुल गांधी की यह यात्रा एक बार फिर उस वक्त चर्चा में आ गई जब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मानसरोवर यात्रा से जुड़ी राहुल की एक तस्वीर ट्वीट करते हुए दावा किया कि यह फर्जी है. इसमें राहुल गांधी किसी अन्य तीर्थयात्री के साथ खड़े हैं और उनके हाथ में एक छड़ी है. गिरिराज सिंह ने तर्क दिया है कि चूंकि इस छड़ी की परछाईं फोटो में नहीं दिख रही, इसका मतलब है कि इस तस्वीर को फोटोशॉप किया गया है. हालांकि इसके बाद राहुल गांधी के ट्विटर अकाउंट पर यात्रा से जुड़ा एक वीडियो पोस्ट हुआ और वहीं कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से भी उनकी एक तस्वीर और फिटबिट डेटा पोस्ट किया गया है. वहीं न्यूज एजेंसी एएनआई के ट्विटर हैंडल पर भी राहुल गांधी की कुछ तस्वीरें आई हैं और इस हवाले से यहां गिरिराज सिंह को जमकर ट्रोल किया गया है. एक यूजर ने लिखा है, ‘सर, पेट्रोल की कीमतें तो फोटोशॉप नहीं हुई हैं, उस पर थोड़ा ध्यान दोगे?’ वही तेज बहादुर ने लिखा है, ‘ये स्वयं (गिरिराज सिंह) कभी कहीं जाते नहीं, बस जो जाता है उसे ही नक़ली बताते हैं... और जो इनके खिलाफ बोलता है उसे बातों से पाकिस्तान भिजवाते हैं.’
    राहुल गांधी की मानसरोवर यात्रा और गिरिराज सिंह से जुड़े विवाद पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :
    तरुण-गिरिराज सिंह राहुल गांधी के सबसे बड़े मार्केटिंग मैनेजर हैं...
    पीएचडी इन बक-उन भक्तों (भाजपा समर्थकों) को शर्म आनी चाहिए जो श्री राहुल गांधी की मानसरोवर यात्रा पर सवाल उठा रहे हैं. यह देखिए उनकी एक और तस्वीर...
    आफरीन पठान-राहुल गांधी कुछ वोट हासिल करने के लिए यह साबित करना चाहते हैं कि मैं शिवभक्त हूं... लेकिन इसके बदले उन्हें यह बताना चाहिए देश की समृद्धि का रास्ता क्या है... क्या वे इस बारे में कुछ जानते हैं? और वहीं गिरिराज सिंह तो हिंदू-मुस्लिम से ऊपर ही नहीं उठ सकते...
    इंडियन-शाखा का ज्ञान और गिरिराज सिंह के बयान... बस ऐसे ही होते हैं...
    वैभव जायसवाल-यह देखना काफी मजेदार है कि हर कोई राहुल गांधी की मानसरोवर यात्रा पर नजर रखे हुए है... यह ऐसा ही है जैसे भारत का कोई बच्चा पहली बार बाहर गया है... (सत्याग्रह)

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Posted Date : 07-Sep-2018
  • समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आज सोशल मीडिया पर खूब चर्चा है. ट्विटर पर सेक्शन 377 टॉपिक आज सुबह से सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है. सोशल मीडिया में एक बड़े तबके ने इस फैसले का स्वागत किया है और कइयों ने समलैंगिक समुदाय का प्रतीक बन चुके इंद्रधनुष के रंगों को बड़े ही दिलचस्प अंदाज में यहां शेयर किया है.
    आम लोगों के अलावा साहित्य से लेकर सिनेमा और दूसरे क्षेत्रों की भी ज्यादातर बड़ी हस्तियों ने इस फैसले का स्वागत किया है. फिल्म निर्माता और निर्देशक करण जौहर ने एक ट्वीट में कहा है, ‘आज फक्र हो रहा है! समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर करना और धारा 377 को ख़त्म करना इंसानियत और बराबरी के हक़ की बड़ी जीत है.’ अभिनेत्री प्रिटी जिंटा ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए एक ट्वीट में लिखा है, ‘अगर आपके पास दिल है तो आप किसी से भी प्यार करने को आजाद हैं...’
    हालांकि यह भी एक दिलचस्प बात है कि ज्यादातर दिग्गज राजनेताओं ने सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (इस समय मानसरोवर यात्रा पर हैं), तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल आदि के ट्विटर हैंडल पर आज इस फैसले से जुड़ी कोई प्रतिक्रिया नहीं है.
    हालांकि ऐसा नहीं है कि सभी नेता पर इस पर चुप ही हों. कांग्रेस के सांसद शशि थरूर, जो पहले से समलैंगिक अधिकारों के समर्थक रहे हैं, ने आज इस फैसले पर खुशी जताते हुए एक के बाद कई ट्वीट किए हैं. अगर सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों की बात करें तो भाजपा के ट्विटर हैंडल पर भी इस फैसले से जुड़ी कोई प्रतिक्रिया नहीं है, वहीं कांग्रेस की तरफ से एक ट्वीट में इस फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई गई है कि यह और अधिक बराबरी वाले और समावेशी समाज की शुरुआत साबित होगी.
    सोशल मीडिया में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :
    सैयामी खेर- आज का दिन फिर याद दिलाता है कि प्यार की हमेशा जीत होती है.
    रणवीर सिंह-869 लोग इस बारे में बात कर रहे हैं
    नाइके – जस्ट डू इट!
    सुप्रीम कोर्ट – जस्ट डिड इट!
    सुजेश- भारत और रंगभरा हो रहा है...
    सर जेनकिन्सन-आखिर तक देखिए...
    नोरा बी- भारत को बधाई. (सत्याग्रह)

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Posted Date : 06-Sep-2018
  • शिक्षक दिवस और सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने-अपने शिक्षकों के प्रति आभार जताते हुए कई पोस्ट लिखी हैं। साथ ही यहां दिग्गज नेताओं पर इस हवाले से कई मजेदार टिप्पणियां भी आई हैं। एक ट्विटर यूजर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए टिप्पणी है, 'भाला फेंक प्रतिस्पर्धा के खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने इस शिक्षक दिवस पर एशियन गेम्स में मिला गोल्ड मेडल नरेंद्र मोदी को समर्पित किया है और कहा है- इतना लंबा फेंकना मैंने सर से ही सीखा है।Ó
    ऐसा माना जाता है कि 2014 के लोक सभा चुनाव से पहले भाजपा की तरफ से पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी प्रधानमंत्री पद के दावेदार थे, लेकिन नरेंद्र मोदी ने उनको किनारे कर दिया था। चूंकि आडवाणी को मोदी का राजनीतिक गुरु माना जाता है सो बीते आम चुनाव के बाद से हर बार शिक्षक दिवस पर उनका और नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया पर खूब चुटकुलेबाजी होती है। आज भी ऐसा हुआ है। ट्विटर हैंडल ग्रिगलानी पर प्रतिक्रिया है, 'सभी गुरुओं से निवेदन है कि शिष्यों से सावधान रहें-एलके आडवाणीÓ
    सोशल मीडिया में शिक्षक दिवस पर आई कुछ और दिलचस्प टिप्पणियां:
    देसी मोजिटो- कमल हासन - मैं यह अवॉर्ड अपने शिक्षक अरविंद केजरीवाल जी को समर्पित करता हूं, जिन्होंने मुझे एक्टिंग करनी सिखाई। हैप्पी टीचर्स डे।
    रवि बजाज- शिक्षक दिवस पर मैं भी यह कहते हुए अपने शिक्षकों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि मैं आज जो भी हूं उनकी वजह से हूं। फिर यह सोचकर रुक जाता हूं कि यूं ही किसी को सरेआम बदनाम करने का क्या फायदा! - अरविंद केजरीवाल
    संजीव भट्ट (आईपीएस)- आज पांच सितंबर है। शिक्षक दिवस। उम्मीद की जाए कि कम से कम कोई एक दिल्ली विश्वविद्यालय या गुजरात विश्वविद्यालय का शिक्षक नरेंद्र मोदी को अपने छात्र के रूप में पहचान पाए। सिर्फ एक!
    पाल इंदर- आडवाणी जी को हैप्पी टीचर्स डे!
    ओमाहे- टीचर्स डे पर जोक, कोई भी राहुल (गांधी) को नहीं पढ़ा सकता।
    सुहेल सेठ- उन सभी शिक्षकों का आभार जिन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया। खासकर उनको जिन्होंने नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और ममता बनर्जी को पढ़ाया है। हैप्पी टीचर्स डे...(सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 04-Sep-2018
  • नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने मंगलवार को देश की अर्थव्यवस्था में आई गिरावट के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को जिम्मेदार बताया है। इस खबर के चलते सोशल मीडिया में रघुराम राजन, राजीव कुमार और नीति आयोग ट्रेंडिंग टॉपिक में बने हुए हैं। इसके हवाले से यहां कई लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार ने अपनी असफलता छिपाने के लिए नीति आयोग के उपाध्यक्ष से यह बयान दिलवाया है। कामरान शाहिद का ट्वीट है, रघुराम राजन को बलि का बकरा बनाने के बजाय नीति आयोग को यह बताना चाहिए कि उसकी कौन-सी नीतियां देश के लिए मददगार साबित हुई हैं।
    चूंकि अतीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के बहुत से नेता कई मौके पर भारत की समस्याओं के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं, सो आज सोशल मीडिया पर एक बड़े तबके ने तंज करते हुए रघुराम राजन की नेहरू से भी तुलना की है। इलावारसी ने चुटकी ली है, नया नेहरू बनने पर रघुराम राजन को बधाई।
    सोशल मीडिया में इस खबर पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं-
    संजीवनी- आर्थिक सुस्ती... नीति आयोग के उपाध्यक्ष आखिरकार मान रहे हैं कि मोदी जी के कार्यकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था मंद हुई है। राजीव कुमार ने अप्रत्यक्ष रूप से जिस तरह ट्रोलिंग की है, उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी...
    अभय पांडे- इस वक्त रघुराम राजन...
    तुषार सेठ- रघुराम राजन को भी विवेक अग्निहोत्री की अर्बन नक्सल वाली लिस्ट में शामिल किया जाए।
    मुकेश विज- नीति आयोग का नया रिएलिटी शो...उसने कृष्ण के दिन (जन्माष्टमी) पर राम (रघुराम) को निशाना बनाया है...
    निक्की मीना-विकास दर में कमी के लिए रघुराम राजन को जिम्मेदार ठहरा दिया गया... अब वो दिन दूर नहीं जब देश में हो रहे बलात्कारों के लिए इमरान हाशमी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा...जय हो मोदी सरकार। (सत्याग्रह)

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