सोशल मीडिया

Posted Date : 15-Nov-2018
  • देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू बीते साढ़े चार वर्षों के दौरान अकसर ही सोशल मीडिया पर चर्चा में आते रहे हैं। ऐसे में जाहिर है कि आज उनके जन्मदिन पर फेसबुक और ट्विटर पर उनको लेकर प्रतिक्रियाओं की भरमार होनी ही थी और इसके चलते आज वे यहां ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुए हैं।
    अपने कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार नेहरू को निशाना बनाया है, हालांकि आज उन्होंने एक ट्वीट करके बतौर प्रधानमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी उनके योगदानÓ को याद किया है। चूंकि मोदी बीते समय में कई बार देश की समस्याओं के लिए नेहरू को जिम्मेदार बता चुके हैं तो इस हवाले से आज उन पर तंज करते हुए एक ट्वीट आया है, उस व्यक्ति को जन्मदिन की शुभकामनाएं जिसने नरेंद्र मोदी को बीते चार साल में कोई काम नहीं करने दिया।
    वहीं कई भाजपा समर्थकों ने आज भी देश के पहले प्रधानमंत्री के खिलाफ बेसिर-पैर की टिप्पणियां की है। इस बीच कहीं-कहीं संतुलित तरीके से भी नेहरू की आलोचना की गई है। मसलन जस्टिस मार्कण्डेय काटजू का ट्वीट है, धर्मनिरपेक्षता और आधुनिकता को आगे बढ़ाने के लिए नेहरू तारीफ के हकदार हैं लेकिन उन्हें बंटवारे पर सहमत होने के लिए माफ नहीं किया जा सकता। यह भारत के ज्ञात पांच हजार साल के इतिहास में उसके खिलाफ अंजाम दिया गया सबसे बड़ा अपराध था... नेहरू सिर्फ अपनी प्रधानमंत्री की कुर्सी बचाने के मकसद से बंटवारे के लिए तैयार हुए थे।
    सोशल मीडिया में देश के पहले प्रधानमंत्री को उनके जन्मदिन पर याद करते हुए आई कुछ और प्रतिक्रियाएं-
    सलिल त्रिपाठी-नेहरू के युग में आजादी : (आपको लग सकता है कि यह कार्टून भाजपा के किसी आईटी सेल वाले कलाकार ने बनाया है), लेकिन यह कार्टूनिस्ट शंकर ने 1953 में बनाया था। यही नहीं, नेहरू ने उनसे कहा भी था, मुझे भी मत छोडऩा....और तब शंकर के ऊपर किसी ने मुकदमा नहीं किया था।
    प्रीतीश नंदी- जो पीढ़ी नेहरू को नहीं जानती वह उनपर फैसला देने की कोशिश कर रही है। मैं उन्हें सलाह देना चाहता हूं कि वे पहले 'डिस्कवरी ऑफ इंडियाÓ पढ़ें... यही वो पहली किताब थी जो मेरे पिता ने मुझे पढऩे के लिए दी थी।
    सायंतन घोष- जवाहरलाल नेहरू, आपको जन्मदिन की बधाई! यह बड़ी खुशी की बात है कि आपके बाद आने वाले लोग जो मंदिरों को तवज्जो देते हैं, उनके मुकाबले आप में अकादमिक संस्थानों को तवज्जो देने की दूरदृष्टि थी।
    अजय ब्रह्मात्मज-नेहरू के साथ मेरी कोई तस्वीर नहीं है।
    आज भारत की जो तस्वीर है, उसमें मैं हूं।
    और यह तस्वीर नेहरू की ही बनाई और खैंची हुई है। (सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 14-Nov-2018
  • ट्विटर के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जैक डोरसे ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी और कल सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा रही। वहीं आज वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल से यह जानकारी देते हुए लिखा है, जैक आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई और यह जानकर भी कि आप कितने उत्साह के साथ ट्विटर की कमान संभाले हुए हैं। इस मंच (ट्विटर) पर होना मेरे लिए मजेदार है, यहां मैंने कई दोस्त बनाए हैं और हर रोज कई रचनात्मक लोगों से मिलता हूं। ट्विटर पर मोदी के इस ट्वीट को करीब आठ हजार लोगों ने रिट्वीट किया है वहीं जैक के साथ उनकी तस्वीरों को शेयर करते हुए ढेरों प्रतिक्रियाएं आई हैं।
    प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस मुलाकात के दौरान जैक डोरसी अनौपचारिक कपड़ों में ही थे और साथ ही वे कुर्सी पर एक टांग के ऊपर दूसरी रखकर बैठे हुए थे। इसको लेकर ट्विटर पर कई लोगों ने उनकी आलोचना की है। एक यूजर ने जैक को सलाह दी है, जब आप किसी देश में जाएं तो वहां की संस्कृति सीखने की कोशिश करें और ध्यान रखें कि बड़ों के सामने कैसे बैठना है। यह शिष्टाचार कहलाता है... अब मेरा अकाउंट सस्पेंड मत कर देना। इसके अलावा यहां मोदी और जैक की तस्वीरों पर बड़ी ही मजेदार प्रतिक्रियाएं आई हैं-
    बैट्टी- 'ट्विटर पर सेल्फी फिल्टर लाओ यारÓ
    आदित्य मगल- कल जैक ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी और आज मोदी से। इन दोनों लोगों से इतने शॉर्ट नोटिस पर अगर कोई मिल सकता है तो वो ट्विटर के बॉस हैं या फिर शरद पवार।
    प्रोफेसर ज्ञान चो-अबे ये तो सस्ता रितिक रोशन है!
    सागर-जैक- सर मेरे पास आपके लिए गिफ्ट है?
    मोदी- क्या?
    जैक-ट्विटर अब आरएसएस फीड को भी सपोर्ट करेगा।
    मोदी-?
    ब्रूस वायने-मोदी जी - ट्विटर से लाइक बटन कब हटेगा
    जैक - मंदिर कब बनेगा? (सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 13-Nov-2018
  • भारत यात्रा पर आए ट्विटर के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जैक डोरसे ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की है और सोशल मीडिया, खासकर ट्विटर पर इसकी अच्छी खासी चर्चा है। यहां विरोधियों ने इस मुलाकात के हवाले से आरोप लगाया है कि कांग्रेस और इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बीच 'कुछÓ पक रहा है।
    जैक डोरसे ने राहुल गांधी के साथ इस मुलाकात के दौरान ट्विटर की 'फेक न्यूजÓ से निपटने की कोशिशों के बारे में चर्चा की है। कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने ट्विटर हैंडल पर यह जानकारी देते हुए इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों को ट्विटर पर कई लोगों ने शेयर किया है और खासकर विरोधियों ने इन पर बड़ी ही मजेदार टिप्पणियां की हैं। एक यूजर ने इसे 'महागठबंधनÓ बताया है। वहीं हर्ष रमानी का ट्वीट है, 'जैक, आप राहुल गांधी के अकाउंट से ही शुरुआत (फेक न्यूज बंद करने की) कर सकते हैं क्योंकि उस पर ऐसे खूब फेक न्यूज और वीडियो हैं जो खुद उनके अतीत के दावों को झुठलाते हैं।Ó
    राहुल गांधी और ट्विटर के सीईओ की इस मुलाकात पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं-
    स्नेहा सिंघवी-भाजपा के स्टार कैंपेनर, कांग्रेस के स्टार कैंपेनर के साथ...।
    अंकुर सिंह- अपने-अपने इलेक्टशन कैंपेनर के साथ नेता।
    डीके- मेरे हाथ पे भी 'मेड इन अमेठी लिखवा दोÓ
    राज- जैक और जोक, जैक और जोकर
    नया कुत्ता पकडऩे वाला बाबा
    जैक- मैं एक-एक अकाउंट उड़वाते जा रहा हूं।
    राहुल- और मैं एक-एक स्टेट।  (सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 06-Nov-2018
  • योग गुरु बाबा रामदेव अपने बयानों के चलते जब-तब सोशल मीडिया पर चर्चा में आते ही रहते हैं, वहीं आज वे अपनी कंपनी – ‘पतंजलि परिधान’ के रेडीमेड कपड़ों के शोरूम के उद्घाटन को लेकर यहां सुर्खियों में हैं. रामदेव ने धनतेरस के मौके पर दिल्ली में इस कंपनी के पहले शोरूम का उद्घाटन किया है. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह खबर शेयर की है. पतंजलि परिधान लंगोट से लेकर जींस, टीशर्ट और महिलाओं के वस्त्र तक बेचेगी और ये कपड़े तीन ब्रांड ‘आस्था’ ‘संस्कार’ और ‘लिव फिट’ ब्रांड के तहत लॉन्च किए गए हैं. फेसबुक पर इन नामों को लेकर एक बड़ी ही मजेदार चुटकी आई है, ‘मी : आप इस ‘आस्था’ में खूब फब रही हैं. अच्छी लग रही हैं. शी: आप भी इस ‘संस्कार’ में अच्छे लग रहे हैं. मी : तो आइए, पूजा करें. भजन गाएं. कीर्तन करें.’
    यह बात किसी से छिपी नहीं है कि रामदेव भाजपा के काफी करीबी हैं. उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीवार नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हुए कहा था कि वे प्रधानमंत्री बने तो विदेशों में जमा सारा काला धन वापस लाएंगे. इस हवाले से सोशल मीडिया पर अकसर ही रामदेव को घेरा जाता है और आज भी ऐसा ही हुआ है. पंकज गुप्ता का ट्वीट है, ‘हम सभी भारतवासी भारत मां की कसम खाते हैं कि जब तक विदेशों से काला धन नहीं आएगा तब तक हम पतंजलि का कोई भी सामान नहीं खरीदेंगे.’
    सोशल मीडिया में पतंजलि परिधान के शोरूम के उद्धाटन पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :
    सागर-पतंजलि के कपड़े चार फिटिंग स्टाइल में आएंगे :
    1. क्लासिक फिट
    2. स्लिम फिट
    3. एक्स्ट्रा स्लिम फिट
    4. बाबा रामदेव फिट
    दिनेश आडवाणी-पतंजलि के जींस में एक सीक्रेट पॉकेट दिया गया है जिसमें आप अपना काला धन छिपा सकते हैं.
    नवीन कुमार-पतंजलि को कपड़ों के स्टोर के लिए एक मशविरा – इसे नाइके स्टोर के सामने खोला जाए और उसके ‘जस्ट डू इट’ का मुकाबला करते हुए स्टोर के सामने लिखा जाए – ‘करने से ही होगा.’
    सिद्धार्थ-‘कीमत 7000 रुपये, लेकिन मिलेगा सिर्फ 1100 में’ इनके कपड़ों (पतंजलि परिधान का एक जींस और दो टीशर्ट) की कीमत 7000 क्यों है? कौन किसे लूट रहा है? इस समय अर्थशास्त्र कन्फ्यूजनाशन कर रहा है!
    क्रिस कार्डोज-पतंजलि की जींस और टीशर्ट खरीदने के बाद :अगले जनम तक चलेगा.
    रेगुलुस- पतंजलि के कपड़े इतने ईको फ्रेंडली हैं कि इन्हें पहनकर जब आप सड़क पर निकलेंगे तो गाय इन्हें खाने के लिए आपके पीछे पड़ जाएंगी. (सत्याग्रह)

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Posted Date : 03-Nov-2018
  • शाहरुख खान के जन्मदिन के मौके पर उन्होंने अपनी नई फिल्म जीरो का ट्रेलर रिलीज किया है। फेसबुक और ट्विटर पर शाहरुख खान को कल रात से जन्मदिन की बधाइयां मिल रही हैं तो वहीं आज ट्विटर पर जीरो का ट्रेलर ट्रेंडिंग टॉपिक में शुमार हुआ है। सोशल मीडिया में लोगों ने ट्रेलर के कई स्क्रीनशॉट डायलॉग के साथ शेयर किए हैं और इनके जरिए फिल्म पर राय देने के साथ-साथ राजनीति से लेकर दूसरे क्षेत्रों पर भी बड़ी ही दिलचस्प प्रतिक्रियाएं दी हैं-
    नाइट वॉचमैन-मोदीजी, आप कैबिनेट किस बेसिस पर सिलेक्ट करते हैं?
    मोदी-गनवार पसंद है मुझे।
    जेट ली (वसूली भाई)-यह देखकर अच्छा लगता है कि बॉलीवुड असल जिंदगी से प्रेरित होकर फिल्में बना रहा है। 'केदारनाथÓ केदारनाथ में आई बाढ़ के बारे में है तो 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तानÓ और 'जीरोÓ नोटबंदी और उसके फायदों के बारे में।
    सागर-धोनी जब स्टंप के पीछे खड़े होकर थर्ड अंपायर से डीआरएस लेते हैं...
    अमित ठाकुर-जीरो का ट्रेलर और कैटरीना कैफ की एक्टिंग और डायलॉग डिलीवरी देखने के बाद मेरी प्रतिक्रिया...50 रुपया काट ओवरचैटिंग का।
    कह के पहनो-जब शाहरुख खान से उनकी पिछले दस साल की फ्लॉप फिल्मों के प्लॉट के बारे में पूछा गया.. प्लाट देखने के पैसे थोड़े ही लगते हैं।
    उत्कर्ष- पापा- इस दीवाली पटाखे लेने की कोई जरूरत नहीं।
    मैं-लेना है हमें। (सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 02-Nov-2018
  • भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को आईसीसी के हॉल हॉफ फेम क्लब में शामिल किया गया है और इस खबर के चलते वे सोशल मीडिया के ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुए हैं। फेसबुक और ट्विटर पर उन्हें आम लोगों के साथ-साथ जाने-माने लोगों ने भी अपने-अपने अंदाज में यह सम्मान पाने के लिए बधाई दी है। अभिनेता बोमन ईरानी का ट्वीट है, पैड और ग्लव्स के साथ या उनके बिना भी राहुल द्रविड़ एक जेंटलमैन हैं और वे इस सम्मान के पूरी तरह से हकदार थे।
    राहुल द्रविड़ को पिच पर जमकर खेलने की वजह से 'द वॉलÓ (दीवार) का तमगा भी दिया जाता है। सोशल मीडिया पर आज इसका इस्तेमाल करते हुए उन्हें बड़े ही दिलचस्प अंदाज में बधाइयां मिली हैं। ट्विटर हैंडल सर जडेजा पर टिप्पणी है, राहुल द्रविड़ आईसीसी का हॉल ऑफ फेम सम्मान पाने वाले पांचवें भारतीय खिलाड़ी हैं... हो सकता है इन लोगों को बहुत बाद में यह अंदाजा हुआ हो कि बिना वॉल के हॉल कैसे बन सकता है!
    राहुल द्रविड़ को यह सम्मान मिलने पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं-
    मंजिंदर सिरसा- जब जिंदगी आपको राहुल बनाए तो आप द्रविड़ बनें, न कि गांधी। 
    राहुल द्रविड़- हॉल ऑफ फेम। 
    राहुल गांधी- हॉल ऑफ शेम।
    गजेंद्र सिंह- राहुल द्रविड़ का स्टैच्यू...
    डेविल-राहुल द्रविड़ के लिए मेरे मन में कोई असम्मान का भाव नहीं है, लेकिन आईसीसी हॉल ऑफ फेम के लिए सचिन तेंदुलकर ज्यादा लायक थे...
    इंडियन हिस्टरी पिक्स- 1980 : राहुल द्रविड़ सुनील गावस्कर के साथ...(सत्याग्रह)

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Posted Date : 01-Nov-2018
  • सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्मदिन और ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे सरदार वल्लभभाई पटेल टॉपिक के साथ लोगों ने राष्ट्र निर्माण में देश के पहले गृहमंत्री की अहम भूमिका याद करते हुए उनके प्रति आभार जताया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर उनकी कई पुरानी तस्वीरें और बयान भी शेयर किए गए हैं।
    वहीं आज सरदार पटेल के जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में उनकी प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटीÓ का अनावरण किया है। इसके चलते ट्विटर पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुआ है। इस पर भाजपा समर्थकों ने जबर्दस्त उत्साह दिखाते हुए जहां इसके लिए मोदी सरकार का आभार जताया है तो दूसरी तरफ विरोधियों और अन्य लोगों ने सवाल भी उठाए हैं। पत्रकार सागरिका घोष का ट्वीट है, अगर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का मतलब सरदार पटेल के विचारों का उत्सव मनाना था तो मंच पर सिर्फ गुजरात के राजनेता क्यों दिखे? क्या हर राज्य के मुख्यमंत्री और राजनीतिक पार्टी के लोग वहां नहीं होने चाहिए थे...
    इसके अलावा सोशल मीडिया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बहाने भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस पर तंज भरी प्रतिक्रियाएं आई हैं। ट्विटर पर आज आई ऐसी ही कुछ टिप्पणियां और मीम्स-
    दिल्ली से हूं-लिबरल्स स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को देखते हुए...
    सुनील कुमार-स्टैच्यू ऑफ यूनिटी इतनी ऊंची इसलिए बनाई गई है ताकि सरदार पटेल साफ हवा में सांस ले सकें....
    स्मोकिंग स्किल्स-प्रधानमंत्री मोदी सरदार की मूर्ति के साथ। तब और अब।
    मिताली शरण-182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जोर-शोर से यह बात याद दिलाती है कि किसी में आरएसएस पर पाबंदी लगाने की समझदारी थी।
    द लाइंग लामा-ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी को पुतलों के साथ पोज देना सच में अच्छा लगता है।
    अतुल खत्री- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी इतनी ऊंची है कि जब आप इसके शीर्ष पर पहुंचेंगे तब आप 'अच्छे दिनÓ देख पाएंगे।
    पीएचडी इन...- पहली तस्वीर-मोदी द्वारा बनवाई गई मूर्ति 
    दूसरी तस्वीर-सोनिया गांधी द्वारा बनवाई गई मूर्ति
    बरखा दत्त- किसी भी राष्ट्र के लिए प्रतीकों का काफी महत्व होता है। मायावती द्वारा अंबेडकर पार्क में बनवाए गए दलित नेताओं के स्मारक उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितनी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी। ऐसा नहीं हो सकता कि आप एक को तो अपना लें लेकिन दूसरे की आलोचना करें। (सत्याग्रह)

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Posted Date : 31-Oct-2018
  • दिल्ली में वायु प्रदूषण दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है और वायु गुणवत्ता सूचकांक आज पहली बार 'गंभीरÓ स्तर पर पहुंच गया है। सोशल मीडिया में इस खबर को शेयर करते हुए कई लोगों ने दिल्ली की इस हालत पर चिंता जताई है। इसके साथ ही यहां धुंध में ढंकी राजधानी की इमारतों की कई तस्वीरें भी शेयर हुई हैं। ऐसी ही एक तस्वीर के साथ ट्विटर हैंड सी विवेक पर टिप्पणी है, दिल्ली की धुंध में इमारतें गायब हो रही हैं...और इसके साथ हमारी उम्मीदें भी। संबंधित विभागों को इस मामले में जल्द से जल्द कदम उठाने चाहिए।
    इसके साथ ही यहां विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की एक रिपोर्ट का जिक्र करने वाली खबर भी कई लोगों ने शेयर की है। इसके मुताबिक भारत में 2016 के दौरान वायु प्रदूषण के कारण करीब एक लाख बच्चों को जान गंवानी पड़ी है। इसको शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा है, ...हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम में भी करीब इतने ही लोग मारे गए थे।
    दिल्ली और उत्तर भारत में बढ़ते वायु प्रदूषण पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं-
    स्टीरियो टाइपराइटर- दिल्ली में हवा इतनी जहरीली हो गई है कि अगर किसी को गहरी सांस लेने की सलाह दी जाए तो आपके ऊपर अटेंप्ट टू मर्डर का केस दर्ज हो सकता है।
    अंशू शर्मा-जब मैं दिल्ली में घूमते हुए एक मिनट के लिए चश्मा उतारता हूं। 
    सुहेल अहमद- अमेजॉन प्राइम वीडियो को दिल्ली के वायु प्रदूषण पर 'ब्रीदÓ सीजन टू बनाना चाहिए।
    भूपेंद्र चौबे- दिल्ली के साथ-साथ उत्तर भारत का एक बड़ा हिस्सा जहरीली धुंध से जूझ रहा है। आप चाहे 'आस्थावान हिंदूÓ हों या 'जनेऊधारी ब्राह्मणÓ या फिर 'रुढि़वादी मुसलिमÓ या और कोई भी धर्म के हों, धुंध और वायु प्रदूषण आप पर बराबर ही हमला करेगा। (सत्याग्रह)

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Posted Date : 30-Oct-2018
  • भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनका गोत्र पूछे जाने से जुड़ी खबर पर आज सोशल मीडिया में बड़ी ही दिलचस्प प्रतिक्रियाएं आई हैं। सोमवार को राहुल गांधी मध्य प्रदेश के उज्जैन पहुंचे थे और उन्होंने वहां महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। इसी पर संबित पात्रा ने पूछा है, हम राहुल गांधी से पूछना चाहते हैं कि आप कैसे जनेऊधारी हैं? आपका गोत्र क्या है? फेसबुक और ट्विटर पर एक बड़े तबके ने इस हवाले से भाजपा को घेरा है। पत्रकार राजदीप सरदेसाई का ट्वीट है, दुनिया वहां विकास दर को लेकर चिंतित तो हमारे यहां कुछ लोग गोत्र को लेकर चिंता जता रहे हैं! ये है आज की राजनीति।
    संबित पात्रा के इस सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए बड़ा ही तीखा ट्वीट किया है, भाजपाइयों का गोत्र है मोदीयता और राहुल जी और हर कांग्रेस कार्यकर्ता का गोत्र है भारतीयता... सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया में इस टिप्पणी का जिक्र किया है। वहीं एक यूजर ने चुटकी ली है, संबित पात्रा राहुल गांधी का गोत्र जानने के लिए इतने उतावले क्यों हैं? राहुल के लिए कोई रिश्ता भिजवाएंगे क्या?
    सोशल मीडिया में इसी खबर पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं-
    सरकार-ए-आजम-राहुल गांधी का वही गोत्र है जो वरुण गांधी का गोत्र है। पूछ लो वरुण से उसका गोत्र। अब ये बताओ कि 15 लाख कब आएंगे, पेट्रोल कब सस्ता होगा, रुपया कब मजबूत होगा, दो करोड़ रोजगार कब मिलेंगे, किसान की आय कब दुगनी होगी?
    संबित खाखरा-हम लोगों को धर्म, पंथ और जाति के आधार पर विभाजित करना चाहते हैं। लेकिन अब इसमें गोत्र को भी शामिल कर रहे हैं।
    आरपी ट्वीट- 2014 से 2019 = गुड गवर्नेंस से गोत्र
    अली हरनैन आबिदी- बीजेपी ने राहुल गांधी जी से गोत्र पूछा है। राष्ट्रकवि और कांग्रेस नेता रामधारी सिंह 'दिनकरÓ की 'रश्मिरथीÓ के प्रथम सर्ग के तीसरे दोहे की पहली पंक्ति है - तेजस्वी सम्मान खोजते नहीं गोत्र बतलाके, पाते हैं जग से प्रशस्ति अपना करतब दिखलाके।Ó (सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 27-Oct-2018
  • सीबीआई विवाद सोशल मीडिया पर आज भी छाया हुआ है। सीबीआई निदेशक को पद से हटाए जाने के विरोध में आज कांग्रेस ने देशभर में सीबीआई कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किया है। इस कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी के दिग्गज नेताओं के साथ दिल्ली स्थिति सीबीआई मुख्यालय के सामने विरोध के लिए पहुंचे थे, जहां बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद राहुल गांधी को लोदी रोड स्थित थाने ले जाया गया था। थाने में बैठे राहुल गांधी की एक तस्वीर ट्विटर और फेसबुक पर कई लोगों ने शेयर की है और इस पर कांग्रेस समर्थकों और भाजपा समर्थकों के बीच खूब नोकझोंक चल रही है।
    कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा रफाल सौदे की जांच शुरू करने वाले थे इसलिए उन्हें जबरन छुट्टी पर भेजा गया है। सोशल मीडिया में भाजपा समर्थकों और अन्य लोगों ने इस पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर राहुल गांधी के पास यह सूचना कैसे आई। ट्विटर हैंडल आरसीआरगुप्ता पर टिप्पणी है, राहुल गांधी कह रहे हैं कि आलोक वर्मा राफेल की जांच करने वाले थे, इसलिए उन्हें हटाया गया? क्या राहुल और आलोक वर्मा आपस में मिले हुए हैं, यदि ऐसा है तो राहुल गांधी और वर्मा के रिश्तों की जांच भी होनी चाहिए।
    राहुल गांधी की अगुवाई में सीबीआई मुख्यालय के बाहर हुए कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं-
    मास्क इशान-मुन्ना भाई एमबीबीएस 3
    शकुनि मामा-कांग्रेस को सीबीआई के इस्तेमाल की ऐसी आदत पड़ चुकी है कि वो विपक्ष में रहकर भी यही कर रही है! 
    आरजे रौनक -ई नेता लोग का हमको समझ नहीं आता, जिस केस में गिरफ्तारी होनी है, उसपे जमानत पे हैं और जिसमें कोई जरूरत नहीं उसमें गिरफ्तारी दे रहे हैं।
    रजनीश-सीबीआई को तोता सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की सरकार में ही कहा था।
    अंकुर सिंह-कांग्रेस जो रफाल विमान लाई थी, राहुल गांधी वही दिखा रहे हैं...(सत्याग्रह)

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Posted Date : 25-Oct-2018
  • सीबीआई में मचे घमासान पर सोशल मीडिया में लगातार चर्चा जारी है। सरकार ने कल सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को पद से हटा दिया है और आज फेसबुक और ट्विटर पर इस घटनाक्रम को लेकर कई प्रतिक्रियाएं आई हैं। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने एक ट्वीट के जरिए सवाल उठाया है, सीबीआई में शीर्ष स्तर पर जिस तरह 'खुला युद्धÓ शुरू हो गया था उसे देखते हुए वर्मा और अस्थाना का हटना तय था... लेकिन असली कहानी अब यह हो सकती है- अस्थाना पर लगे रिश्वत लेने के आरोपों की जांच कर रही टीम को क्यों बदला गया? और अब इन गंभीर आरोपों का क्या होगा?Ó
    विरोधियों के साथ-साथ अन्य लोगों ने भी सीबीआई विवाद को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज जमकर निशाने पर लिया है। इसके अलावा यहां एक बड़े तबके ने आरोप लगाया है कि आलोक वर्मा रफाल विमान सौदे की जांच करना चाहते थे, इसलिए सरकार ने उन्हें पद से हटाया है। ट्विटर पर इस हवाले से सीबीआईराफेलगेट टॉपिक ट्रेंड कर रहा है। सरकार ने नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त किया है। मीडिया में आई कुछ खबरों के मुताबिक उनके ऊपर भी भ्रष्टाचार के आरोप हैं और सोशल मीडिया में कई लोगों ने यह जिक्र करते हुए सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
    सीबीआई विवाद पर आज आई कुछ और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं-
    लालू प्रसाद यादव- कस्तूरी कुन्डल बसे, मृग ढूंढ़त बन माहि।
    भ्रष्टवा सीबीआई बसे, भ्रष्ट ढूंढ़त विपक्ष माहि।।
    कन्हैया कुमार-नए सीबीआई निदेशक ने कार्यभार संभाला ...
    जेट ली (वसूली भाई)-सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा को हटाने पर अरुण जेटली का बयान- सीबीआई में ईमानदारी और पारदर्शिता बहुत जरूरी है।
    अरुण जेटली का मतलब-सीबीआई पर सरकार नियंत्रण बहुत जरूरी है।
    डॉ.137-हमने केंद्रीय सतर्कता आयोग की सिफारिश पर सीबीआई प्रमुख को हटाया है।
    हमने रिजर्व बैंक की सिफारिश पर नोटबंदी की थी।
    हमने भक्तों की सिफारिश पर बाबरी मस्जिद ढहाई थी।
    ....क्या कोई और सिफारिश करना चाहता है?
    अंबरीश कुमार- सरकार के करीबी सीबीआई अफसर राकेश अस्थाना की जांच करने वाले का तबादला पोर्ट ब्लेयर कर एक संदेश दिया गया है। देश का पहला तबादला जो जनहित में किया गया। (सत्याग्रह)

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