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गारंटी अवधि की सड़कें बदहाल

Posted Date : 12-Jan-2018

एमजीएसवाय के तहत बेमेतरा जिले में निर्मित सड़कें

तीन साल में बनी 40 सड़कों में से एक भी सड़क की नहींं हुई मरम्मत 

(योजना की शुरूआत वर्ष 2011-12 से लेकर अब तक 154 करोड़ 89 लाख की लागत की 83 सड़कंे स्वीकृत)

आशीष मिश्रा
बेमेतरा, 12 जनवरी (छत्तीसगढ़)।  राज्य सरकार मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाने करोड़ रुपये व्यय कर रही है, लेकिन विभाग के अधिकारियों की कर्तव्यहीनता व गुणवत्ताहीन निर्माण, योजना के सड़कों की दशा बयां कर रहा है। 
आलम यह है कि निर्माण के चंद दिनों में सड़क जवाब देने के साथ, गड्ढों तब्दील हो चुकी है। इन सड़कों पर चलना लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। 
गौरतलब हो कि योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कें ठेकेदार द्वारा विभाग को हैंडओवर करने की अवधि से तीन साल की गारंटी होती है, इस अवधि में सड़क के क्षतिग्रस्त होने पर संबंधित ठेकेदार को उस सड़क की मरम्मत करनी होती है। इसके लिए संबंधित ठेकेदार की कुल भुगतान की करीब 5  फीसदी  राशि अमानत के रूप में विभाग के पास जमा रहती है, जहां सड़क की गारंटी अवधि समाप्त होने के पश्चात ठेकेदार को अमानत राशि वापस की जाती है।
मरम्मत नहीं होने से 
सड़कें गड्ढों में तब्दील
योजना की शुरूआत वर्ष 2011-12 से लेकर अब तक 154 करोड़ 89 लाख की लागत की 83 सड़कंे स्वीकृत हुई हैं, इन सड़कों की कुल लंबाई 297.70 किलोमीटर है। इनमें से 57 सड़कों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, 17 सड़कों का निर्माण प्रगतिरत, 6 सड़कों की निविदा प्रक्रियाधीन व 3 सड़कों का निर्माण अप्रारंभ है। बताना होगा कि बीते तीन सालों से निर्माण पूर्ण हो चुके, किसी भी सड़क का संधारण नहीं किया गया है, परिणाम स्वरूप सड़कें बदहाल होती जा रही है, जिन पर चलना मुश्किल हो गया है।
जवाब देने से बच रहे अधिकारी
योजना के अंतर्गत निर्मित सड़को का विभाग के सब इंजीनियर द्वारा जायजा लेकर समय समय पर रिपोर्ट तैयार की जाती है, लेकिन स्थानीय मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना कार्यालय में ऐसी किसी भी रिपोर्ट का होने से इंकार कर दिया गया है। 
गड्ढों में तब्दील सड़कें 
योजना के अंतर्गत ग्राम बीजाभाट से मटका तक 3.80 किलोमीटर सड़क लागत 169 लाख, बहेरा से जिया तक 6.95 किमी सड़क लागत 302 लाख का निरीक्षण करने पर सड़कें काफी बदहाल मिली। गुणवत्ताहीन निर्माण का आलम यह है कि 10 किमी की सड़क में गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं। ग्रामीण योगेश्वर चौबे के अनुसार दोनों सड़कें निर्माण के चंद दिनों में ही जवाब देने लगी थी, जहां विभाग के अधिकारी से कई शिकायतों के बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। 
निर्माण के ढाई साल में सैगोना-कुर्रा सड़क बदहाल
ग्रामीण महेन्द्र यादव ने बताया कि ग्राम सैगोना कुर्रा से खैरा तक 4.80 किमी सड़क लागत 227 लाख का निर्माण पूर्ण हुए ढाई साल हो गए हंै। इस सड़क पर हल्के वाहनों की आवाजाही के बावजूद, दर्जन भर जगहों पर सड़क फट चुकी है। 
गारंटी अवधि में सड़कंे सुधारी नहीं, अब जोनल टेंडर का भेजा प्रस्ताव
विभाग की ओर से गारंटी अवधि में बदहाल सड़कों की मरम्मत को लेकर संबंधित ठेकेदार की अमानत राशि नहीं काटी गई। अब पांच सड़कों की मरम्मत के लिए विभाग की ओर से 27 लाख रुपये का जोनल टेन्डर का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है। जिसमें सेमरिया से कंदई 2 किमी, कातलबोड़ से कंदई 2 किमी, नारधी से साल्हेपुर आधा किमी, केशडबरी से बोदका 2 किमी एवं मटका से बीजाभाट 3 किमी सड़क की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया है। 
जानकारी के अनुसार बीते तीन साल के भीतर जिले में करीब 40 सड़कों का निर्माण हुआ है, जहां क्षतिग्रस्त होने के बाद इन सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

विभाग के सब इंजीनियरों से रिपोर्ट मंगाई जा रही है। पांच सड़कों की मरम्मत का जोनल टेंडर का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
वीसी गुप्ता, एसडीओ एमजीएसवाय




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