सरगुजा

भव्य आतिशबाजी के साथ रावण पुतले का दहन
17-Oct-2021 10:41 PM (62)
    भव्य आतिशबाजी के साथ रावण पुतले का दहन

ऐतिहासिक केदमा दशहरा महोत्सव का नाटक मंचन के साथ समापन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

उदयपुर,17 अक्टूबर। ग्राम केदमा में भव्य नाटक मंचन के साथ दशहरा महोत्सव का समापन हुआ है, जो कि सरगुजा जिले ही नहीं रायगढ़ एवं कोरबा के लोगों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विभिन्न विषयों पर आधारित नाटक का मंचन रायगढ़, कोरबा और सरगुजा जिले की नाटक मण्डलियों द्वारा किया गया।

दुर्गा पूजा समिति केदमा द्वारा स्थानीय दुर्गा बाड़ी मैदान में विजयादशमी पर्व पर रावण दहन व विशाल नाटक प्रतियोगिता का आयोजन भाजपा जिला उपाध्यक्ष विनोद हर्ष के मुख्य आतिथ्य, समिति के अध्यक्ष रामलाल सिंह की अध्यक्षता, तथा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाब सिंह, सर्व सनातन रक्षा मंच के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल तिर्की, जनपद सदस्य सज्जू सिंह,ग्राम पटेल रामशरन सिंह, गायत्री परिवार मुखिया के.पी चौहान, व्यापारी संघ अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल व सोनसाय पटेल के विशिष्ट आतिथ्य में किया गया।

रात 10 बजे अतिथियों द्वारा भव्य आतिशबाजी व जय श्रीराम के गगनभेदी नारों के बीच 40 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया। इस अवसर पर सरगुजा, रायगढ़, कोरबा से आमंत्रित नाटक मंडलियों के कलाकारों ने अलग-अलग मंच बनाकर रातभर रामायण के विभिन्न कथानकों का स्थानीय भाषा व पारंपरिक वेशभूषा में शानदार मंचन कर हजारों दर्शकों को भक्ति भाव से विभोर कर दिया। मंत्रमुग्ध होकर पूरी रात लोग इस आयोजन का आनंद उठाते नजर आए।

रावण दहन व विशाल नाटक प्रतियोगिता को देखने सैकड़ों गांवों से 15 हजार से अधिक संख्या में पहुंचे दर्शकों को दशहरे की बधाई देते हुए मुख्य अतिथि विनोद हर्ष ने कहा कि ग्राम केदमा में 34-35 वर्षों से रावण दहन व नाटक प्रतियोगिता की चली आ रही यह परम्परा इस क्षेत्र की जनता के लिए आस्था के साथ-साथ आकर्षण का केंद्र भी है। कलाकारों की शानदार अभिनय कला ने केदमा के दशहरे को सरगुजा के साथ-साथ रायगढ़ व कोरबा जिले में भी लोकप्रिय बना दिया। आप सभी लोगों के आशीर्वाद, सहयोग व इतनी विशाल उपस्थिति से यह कार्यक्रम वर्ष दर वर्ष और भी भव्य और लोकप्रिय होते जा रहा है।

समिति के अध्यक्ष रामलाल सिंह ने कहा कि हमारे जनजातीय व पिछड़ा वर्ग समाज के स्थानीय व गरीब कलाकारों को कला प्रदर्शन का उचित मंच नहीं मिल पाने के कारण उनकी प्रतिभा घर व मोहल्ले में ही दम तोड़ देती है, लेकिन केदमा का यह दशहरा ऐसे गुमनाम कलाकारों को को अभिनय के क्षेत्र में बड़ा मंच देता है देता रहेगा।

कार्यक्रम को बिहारी लाल तिर्की,गुलाब सिंह, श्रीनाथ सिंह ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन समिति सचिव महेश्वर सिंह पैंकरा व आभार प्रदर्शन समिति उपाध्यक्ष सुनिल अग्रवाल ने किया।

 भोर तक चली नाटक प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार रायगढ़ जिले की ढेंगुरडीह नाटक मंडली को 31 हजार नगद, कोरबा जिले की सियांग मण्डली को द्वितीय पुरस्कार व सरगुजा की बूले मण्डली को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया ! साथ ही बच्चों, महिलाओं, युवाओं व बुजुर्गों के लिए नवरात्रि में नौ दिनों तक चले विभिन्न सांस्कृतिक व खेलकूद कार्यक्रमों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।

 कार्यक्रम को सफल बनाने में सर्वश्री कलम सिंह, मुलचंद कुमार, अशोक अग्रवाल, श्रीनाथ सिंह, महेश्वर सिंह पैंकरा, सुनिल अग्रवाल,अशोक बाबा, रामदयाल यादव,बृजेश चतुर्वेदी, दीनानाथ यादव,रोशन सिंह, उमाशंकर मिश्रा,करमसाय, गीता बाई,गाड़ा राय,सोमारु राम,दिलसाय टोप्पो, सुखदेव यादव, लक्की खन्ना,प्रदीप साहू,प्रभात पैंकरा, रोहित यादव,मोनू दास,एशनाथ यादव, उजागर सिंह, रामकुमार यादव,त्रिवेणी राम, शिवकुमार यादव, बलदेव सिंह,अमीत सोनी सहित अन्य पदाधिकारी कार्यकर्ताओं ने अमूल्य योगदान दिया।

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