दन्तेवाड़ा

एनएमडीसी नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा
17-Oct-2021 10:52 PM (33)
 एनएमडीसी नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बचेली, 17 अक्टूबर। एनएमडीसी बचेली के सीएसआर के बालिका शिक्षा योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के आदिवासी छात्राओं के लिए नर्सिंग पाठ्यक्रम में नि:शुल्क शिक्षा देने 17 अक्टूबर को लिखित परीक्षा का आयोजन बचेली के प्रकाश विद्यालय में हुआ।

 40 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में स्थानीय सहित बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, बस्तर, कोंडागांव जिले की 1300 छात्राएं परीक्षा देने बचेली पहुंची। शीघ्र ही अपोलो एवं एनएमडीसी द्वारा चयनित छात्राओं को विभिन्न माध्यमों से आागमी प्रक्रिया के लिए सूचित किया जाएगा। चयन के उपरांत चयनित छात्राओं की स्वास्थ्य परीक्षा होगी, जो छात्राएं स्वास्थ्य परीक्षण में स्वस्थ पाई जाएगी, उनको नर्सिंग की पढ़ाई हेतु अपोलो इंस्टीट्यूट आफ नर्सिंग भेजा जायेगा। यहां पर यह उल्लेखनीय है कि इन छात्राओं का संपूर्ण खर्च जैसे पढ़ाई, किताबें, प्रेक्टिकल, यूनिफार्म, हॉस्टल एवं भोजन इत्यादि सभी सुविधाए एनएमडीसी द्वारा प्रदाय की जाएगी।

इस योजना अंतर्गत चयनित लगभग सारी छात्राएं अपनी पढ़ाई के उपरांत बस्तर आकर विभिन्न सरकारी तथा गैर सरकारी अस्पतालों में चयनित होकर काम करती हैं। इससे यह फायदा होता है कि उन्हें स्थानीय भाषा का ज्ञान होता है, जिसकी वजह से स्थानीय आबादी, समुदाय का ये छात्राएं बेहतर उपचार कर पाती है।

 50 प्रश्नों को एक घंटा में करना था हल,  सामान्य ज्ञान सहित विज्ञान से संबंधित पूछे गये प्रश्न

छात्राओं ने बताया कि 50 प्रश्न पूछे गये थे, जिसके लिए एक घंटा का समय दिया गया था। जिसमें शिक्षा दिवस कब मनाया जाता है? प्रदेश का सबसे विकसित जिला कौन सा है? छग का हाईकोर्ट कहां है? सहित अन्य समान्य ज्ञान के प्रश्न एवं इसके अलावा रसायन, वनस्पति, जीव विज्ञान से भी प्रश्न पूछे गये थे। प्रश्न पत्र का माध्यम अंग्रेजी भाषा में था।

सीएसआर के तहत दंतेवाड़ा जिला में कई गतिविधियां हैं संचालित

 एनएमडीसी के नैगमिक सामाजिक दायित्व यानि सीएसआर के अंतर्गत दंतेवाड़ा जिला में कई गतिविधियां संचालित है। जिनमें लगभग अनेक गतिविधियां राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। एनएमडीसी बालिका शिक्षा योजना एक ऐसी पहल है जिसके अंतर्गत बस्तर क्षेत्र की गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली 40 आदिवासी छात्राओ को भारत वर्ष में प्रसिद्व अपोलो स्कूल ऑफ नर्सिंग हैदराबाद में नर्सिंग कोर्स हेतु भेजा जाता है। इस योजना के तहत 40 छात्राओं के 10 बैच अपोलो स्कूल ऑफ नर्सिंग में पढ़ाई हेतु हैदराबाद भेजा जा चुका है। अब तक जितनी भी छात्राएं पढ़ाई पूरी करके इस संस्थान से निकली हैं, उनमें से लगभग सभी को नौकरी प्राप्त हो चुकी है।

  आदिवासी संघ के अध्यक्ष अशोक नाग ने बताया कि कोविड गाइडलाइनों का पालन करते हुए पिछली बार 200 छात्राओं को बुलाया गया था, लेकिन बाद में समाज के आपत्ति जताने के बाद प्रबंधन ने हमारी मांगों को माना, 2600 से अधिक फॉर्म आये थे जिसमें 1300 वैध परीक्षा में शामिल हो रहे हंै। प्रथम पाली में दंतेवाड़ा, बीजापुर, बस्तर एवं द्वितीय पाली में नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा जिले की छात्राओं की परीक्षा हुई। छात्राओं के लिए भोजन की व्यवस्था मंगल भवन में की गई थी। साथ ही सभी के आने का किराया भी एनएमडीसी द्वारा वहन किया जाएगा।

 गौरतलब है कि इस वर्ष की यह परीक्षा दो बार स्थगित हो चुकी है। पहली बार यह परीक्षा 26 सिंतबर को आयोजित होना था लेकिन उसी दिन व्यापमं की पीएटी की परीक्षा होने के कारण स्थगित हुआ एवं 29 सितंबर को प्रशासन द्वारा परीक्षा पर रोक लगाई गई। जिसके बाद अब 17 अक्टूबर को आयोजित हुआ। कई छात्राओ के साथ उनके अभिभावक भी आये हुए थे। परीक्षा देने के बाद कई छात्राएं खुश दिखी तो कईयों में मायूसी भी थी।

परीक्षा के संचालन के दौरान सीएसआर उपमहाप्रबंधक सुनील उपाध्याय, प्रबंधक विवेक रक्षा, देबाशीष पाल, भांसी आईटीआई प्राचार्य कमलेश साहु, जावंगा स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य मुकेश ठाकुर, शिक्षको, आदिवासी संघ के अध्यक्ष अशोक नाग, सहित पॉलीटेक्निक कॉलेज व् आईटीआई के स्टाफ एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के दौरान स्थानीय पुलिस एवं सुरक्षा गार्ड की तैनाती रही।

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