गरियाबंद

मांगों को ले आंबा कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने की आवाज बुलंद, दिया धरना
23-Oct-2021 3:22 PM (43)
मांगों को ले आंबा कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने की आवाज बुलंद, दिया धरना

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

गरियाबंद, 23 अक्टूबर। आज आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकायें संघ की ब्लॉक अध्यक्ष मंजरी गुप्ता के नेतृत्व में लंबित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

शनिवार को स्थानीय गाँधी मैदान में गरियाबंद ब्लॉक स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं द्वारा अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ अपनी लंबित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर गांधी मैदान में आवाज बुलंद करते हुए कहा गया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में लगभग एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकायें कार्यरत हंै। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा सौंपे गये सभी कार्यों का सम्पादन भलीभांति करते आ रहे हैं, बुढ़ापे के शेष जीवनयापन के लिए पेंशन योजना भी लागू नहीं है।

उन्होंने कहा कि दीपावली पर्व नजदीक है, हमें भी अपने बाल-बच्चों और परिवार के लिए मिठाई लेने हेतु मानदेय में वृद्धि करने का कष्ट करेगें ताकि हम भी अच्छी तरह से दिपावली का त्यौहार मना सकें।

आगे कहा कि छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ के माध्यम से अपनी मूलभूत सुविधाओं केमिले समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित शासन का ध्यानाकर्षण करते आ रहे हैं। मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर एक नवम्बर को जिला स्तरीय धरना  रैली का आयोजन किया जाएगा।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका संघ के आह्वान पर लम्बित मांगों को लेकर सौंपे गये ज्ञापन में प्रमुख मांगें-  शिक्षाकर्मियों की तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं को भी शासकीय कर्मचारी घोषित किया जावे।  जीने लायक वेतन दो. मध्यप्रदेश के तरह कम से कम रू. 10,000, चुनावी घोषणा पत्र में किये गये वायदे पूरा किया जाये।  मासिक पेंशन ग्रेच्युटी और समूह बीमा योजना लागू किया जाये।  सुपरवाइजर के रिक्त पदों का शत-प्रतिशत वरिष्टता कम में कार्यकर्ताओं से भरा जावे। कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर सहायिकाओं को लिया जावे 25 प्रतिशत बंधन समाप्त किया जावे।

सुपरवाइजर को परियोजना अधिकारी और परियोजना अधिकारी को शीघ्र जिला अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया जाये। मोबाइल, मोबाइल भत्ता और नेट चार्ज दिया जावे अन्यथा मोबाइल से कोई काम न लिया जावे।  चिकित्सा भत्ता दिया जावे, 10 मिनी आंगनबाड़ी को पूर्ण आंगनबाडी में संविलियन किया जावे।  शासकीय महिला कर्मचारियों को मिलने वाली शिशु पालन अवकाश (चाईल्ड केयर लिव्ह) आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिकाओं को भी स्वीकृत किया जावे।  प्राप्त मानदेय को महंगाई से जोड़ा जाये और महंगाई भत्ता दिया जावे।  कोविड-19 के समय या नियमित सेवा के दौरान असामयिक मृत्यु होने पर कार्यकर्ता सहायिकाओं के परिवार के एक सदस्य को अनुकपा नियुक्ति दिया जावे।  केन्द्रों में रिक्त कार्यकर्ता सहायिकाओं के पदों को शीघ्र भरा जावे।

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