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संबोधन के अध्यक्ष और सचिव को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करने एवं नए चुनाव हेतु प्रस्ताव पारित
26-Nov-2021 5:32 PM (43)
संबोधन के अध्यक्ष और सचिव को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करने एवं नए चुनाव हेतु प्रस्ताव पारित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 26 नवम्बर।
साहित्य, कला, समाज एवं पर्यावरण विकास हेतु संकल्पित संस्था संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान मनेंद्रगढ़ द्वारा अध्यक्ष विनोद तिवारी एवं सचिव नरेंद्र अरोड़ा की सदस्यता शुल्क निर्धारित समय पर नहीं जमा होने के कारण सदस्यता समाप्त करने तथा पद मुक्त करने हेतु पारित अविश्वास प्रस्ताव पर अनुमति प्रदान करने पंजीयक फर्म एवं सोसायटी रायपुर को पत्राचार किया गया है।

संबोधन के कार्यकारिणी सदस्य एवं विचार मंच के विभागाध्यक्ष बीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि 18 सदस्यों द्वारा अध्यक्ष एवं सचिव को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करने एवं नए चुनाव कराने का प्रस्ताव बहुमत से पारित किया गया है। पारित अविश्वास एवं पुन: निर्वाचन के प्रस्ताव की सूचना पंजीयक फम्र्स एंड सोसायटी रायपुर को प्रेषित कर दी गई है एवं नई कार्यकारिणी के गठन हेतु निर्देश मांगे गए हैं। विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि 27 मार्च 2021 की वार्षिक बैठक में इसकी जानकारी दे दी गई थी जिसमें उन्होंने क्षमा याचना करके संविधान के अनुरूप संस्था को संचालित करने की बात कही थी, लेकिन संविधान का पालन नहीं किया। 44 साल के लंबे कार्यकाल में अध्यक्ष एवं सचिव द्वारा सदस्यता शुल्क जमा न करने के कारण सदस्यता समाप्ति की यह पहली घटना होगी।

संस्था उपाध्यक्ष हारून मेमन ने बताया कि संस्था संविधान के नियम (5स) के अनुसार पुन: आवेदन देकर सदस्यता ली जा सकती है, लेकिन संस्था की समझाईश के बाद भी उन्होंने पुन: आवेदन नहीं किया जिससे संस्था को कठोर निर्णय लेने के लिए बाध्य होना पड़ा। सदस्यता समाप्त हो जाने के बावजूद भी अनाधिकार पद पर बने रहने, चयनित कार्यकारिणी सदस्यों को हटाने एवं भ्रम की स्थिति पैदा करने की गतिविधियों पर सदस्यों ने चिंता प्रकट करते हुए इसे तत्काल रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लिया, ताकि संस्था के प्रति साहित्यकारों, कलाकारों एवं शुभचिंतक सदस्यों का विश्वास बना रहे।

अध्यक्ष ने आरोप को गलत बताया
पद से पृथक किए जाने के संदर्भ में जब संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान के अध्यक्ष विनोद तिवारी से उनका पक्ष लिया गया तो उन्होंने सदस्यता शुल्क जमा नहीं करने के आरोप को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विधिवत शुल्क काटा गया है। रसीद सभी के पास है। पैसा बैंक में जमा है, जिसे स्टेटमेंट में देखा जा सकता है। वहीं संविधान का पालन नहीं करने के विषय में उन्होंने कहा कि संस्था विधिवत रजिस्ट्रेशन के नियमों के तहत संचालित है। इसकी विधिवत जानकारी पंजीयक कार्यालय को 2 माह पूर्व भेज दी गई है। अध्यक्ष तिवारी ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा विगत कुछ माह से समानांतर संगठन चलाकर संगठन को तोडऩे का प्रयास किया जा रहा है जो किसी भी दृष्टिकोण से सही नहीं है।

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