सरगुजा

प्रभारी प्राचार्य सोनवानी के निलंबन आदेश से छात्र-छात्राओं में आक्रोश
27-Nov-2021 8:08 PM (49)
प्रभारी प्राचार्य सोनवानी के निलंबन आदेश से छात्र-छात्राओं में आक्रोश

 

विरोध में धरना-प्रदर्शन, स्टाफ का कलमबंद आंदोलन, आश्वासन पर माने

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज, 27 नवम्बर।
शासकीय लरंगसाय स्नाकोत्तर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. आर बी सोनवानी के निलंबन के आदेश के बाद छात्र-छात्राओं में आज आक्रोश देखा गया। सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं डॉ. सोनवानी के निलंबन आदेश के विरोध में जहां महाविद्यालय गेट के बाहर धरने पर बैठ गए, वहीं महाविद्यालय के सभी स्टाफ के द्वारा कलमबंद आंदोलन किया गया। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के आक्रोश को देखते हुए एसडीएम, जनभागीदारी समिति अध्यक्ष, एल्डरमैन छात्र-छात्राओं से बात करने पहुंचे एवं आश्वासन के बाद ही छात्र-छात्राओं का आंदोलन स्थगित हो सका। बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया था।

गौरतलब है कि विगत कुछ दिन पहले महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. आर बी सोनवानी पर महाविद्यालय की छात्रा के द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने का आरोप लगाया था, जिसके बाद से ही महाविद्यालय में राजनीति गरमा गई थी। लगातार छात्र छात्राओं के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था, वहीं उच्च अधिकारियों से भी लगातार शिकायत की जा रही थी। इस बीच शुक्रवार को प्रभारी प्राचार्य के निलंबन के आदेश आने के बाद से एक बार फिर से राजनीति गरमा गई।

आज सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं महाविद्यालय गेट के बाहर धरने पर बैठ गए, जिसकी सूचना प्रशासन को लगते ही तत्काल मौके पर एसडीएम गौतम सिंह, जनभागीदारी समिति अध्यक्ष अशोक जायसवाल, एल्डरमैन अभिषेक सिंह पहुंचे जिनके द्वारा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को समझाइश दी गई, जिसके बाद आंदोलन स्थगित हो सका।

महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में कहा कि डॉ. आर बी सोनवानी के महाविद्यालय में आने के बाद महाविद्यालय का शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार हुआ, वहीं महाविद्यालय व्यवस्थित रूप से संचालित हो रहा है। ऐसे में हमारे प्राचार्य के विरुद्ध कार्रवाई किया जाना समझ से परे है। हम सब छात्र-छात्राएं इसका पुरजोर विरोध करेंगे, जब तक इनका निलंबन वापस नहीं होगा।

छात्र-छात्राओं ने कहा कि जब महाविद्यालय में 2016 में डॉ. आरबी सोनवानी आए थे, उस समय महाविद्यालय में छात्र छात्राओं की संख्या 450 थी, आज जो बढक़र 1350 हो गई है। इससे समझा जा सकता है कि महाविद्यालय किस प्रकार से विकास कर रहा है, ऐसे कर्मठ प्राचार्य को हटाया जाना महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ कुठाराघात है।

इस संबंध में एसडीएम गौतम सिंह ने कहा कि महाविद्यालय के छात्र छात्राओं के आंदोलन की सूचना पर मैं मौके पर गया था। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया, वहीं छात्र-छात्राओं ने कहा कि सभी का बयान नहीं लिया गया है, इसके लिए कमेटी गठित कर बयान लिया जाएगा।

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