रायपुर

पदोन्नति के लिए प्रदेशभर के स्कूल व्याख्याता धरने पर बैठेंगे
02-Dec-2021 7:30 PM (28)
पदोन्नति के लिए प्रदेशभर के स्कूल व्याख्याता धरने पर बैठेंगे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 2 दिसंबर। प्रदेश के शिक्षा और ट्राइबल विभाग में अधिकारियों की उदासीनता के कारण प्राचार्य पद पर पदोन्नति नहीं हो रही है। जिससे बिना पदोन्नति पाए सैकड़ों व्याख्याता सेवानिवृत्त हो रहे हैं। शिक्षा विभाग के हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूलों में स्कूल प्रभारी प्राचार्य के भरोसे संचालित हो रही है जिससे शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।

इन्हीं कारणों से आक्रोशित व्याख्याता संघ 3 दिसंबर को आंदोलन करने जा रहे हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शर्मा प्रवक्ता जितेंद्र शुक्ला महामंत्री राजीव वर्मा ने बताया कि प्रदेश के सभी विभागों में पदोन्नति हो रही है। यहां तक कि शिक्षा विभाग में भी प्रधान पाठक उच्च वर्ग शिक्षक की पदोन्नति हो रही है।

प्राचार्य पद पर पदोन्नति के मामले में अधिकारी व शासन मौन है। इसके कारण सैकड़ों व्याख्याता बिना पदोन्नति पाए 30 से 35 वर्ष सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हो जा रहे हैं। वही प्रदेश के शिक्षा विभाग और ट्राईबल के हाई स्कूलों में 90 प्रतिशत प्रभारी प्राचार्य दायित्व संभाल रहे हैं। जिसके कारण स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इतना ही नहीं प्रदेश के लगभग 17 जिलों में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बैठे हुए हैं।

शासन यदि प्राचार्य और ब्याख्याताओ कि पदोन्नति कर दे तो प्रभार वाद से मुक्ति मिल जाएगी, और गुणवत्ता भी प्रभावित नहीं होगी। संघ ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि तत्काल पदोन्नति की कार्यवाही की जाए। निर्देश के बाद शिक्षा विभाग के अन्य केडर में हजारों की पदोन्नति हो गई है। परंतु शिक्षा विभाग के मात्र दो हजार पांच सौ पदों पर व्याख्याता से प्राचार्य की पदोन्नति नही की जा रही है चूंकि इनकी सेवा 35 वर्षो से अधिक हो चुकी है।

 सेवानिवृति के कगार पर है और समयमान वेतनमान पाकर प्राचार्य की बेसिक सैलरी को पार कर चुके है इसलिए शासन को कोई भी वित्तीय भार नहीं आएगा। संघ ने मुख्यमंत्री जी से केडर की पदोन्नति को संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। पदोन्नति नही होने से आक्रोशित ब्याख्याता अब आंदोलन पर उतारू हो गए हैं। तीन दिसंबर को पहले चरण में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन रायपुर में करेंगे।

 इस आंदोलन के लिए प्रदेश भर के व्याख्याता, प्राचार्य अपनी सहमति दे चुके हैं और वह अपनी आवाज को बुलंद करेंगे। यदि इसके बाद भी विभाग ने पदोन्नति नहीं की तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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