राजनांदगांव

सोमनी में संविदा में पदस्थ रिटायर्ड कंपाउंडर को स्टोर में अटैच करने से नियमित कर्मी नाराज
04-Dec-2021 12:43 PM (81)
सोमनी में संविदा में पदस्थ रिटायर्ड कंपाउंडर को स्टोर में अटैच करने से नियमित कर्मी नाराज

संविदा प्रथा के खिलाफ नियमित कर्मचारी हो रहे लामबंद

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 4 दिसंबर।
प्रभारी स्टोर कीपर के पद से रिटायर्ड हुए एक कंपाउंडर को संविदा के तहत पदस्थापना किए जाने से नियमित कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। सीएमएचओ कार्यालय में करीब डेढ़ दशक तक स्टोर कीपर का प्रभार सम्हालने वाले रिटायर्ड कंपाउंडर जेएल साहू को राजनीतिक दबाव के चलते स्वास्थ्य महकमे ने संविदा नियुक्ति दी है। दिलचस्प बात यह है कि सेवानिवृत्त कंपाउंडर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोमनी में पदस्थ किया गया है, लेकिन उन्हें स्टोर में अटैच कर दिया गया है।

खबर है कि रिटायर्ड कंपाउंडर आला अफसरों पर स्टोर का पूर्ण प्रभार लेने के लिए राजनेताओं और कतिपय लोगों की मदद लेकर दबाव डाल रहा है। संविदा प्रथा बढऩे से स्वास्थ्य महकमे की प्रशासनिक व्यवस्था पहले से ही लचर है। स्टोर कीपर के जरिये  महकमा करोड़ों की दवाईयां और स्वास्थ्य संबंधी संसाधन की खरीदी करता है। नियमत: पूर्णकालिक कर्मचारी को ही स्टोर कीपर बनाए जाने का प्रावधान है। इससे परे जाकर पिछले अफसरों ने कंपाउंडर के हाथ स्टोर कीपर का जिम्मा सौंप दिया। कंपाउंडर रहते जेएल साहू ने स्टोर प्रभारी के तौर पर करीब डेढ़ दशक तक काम किया। सेवानिवृत्त होने के पश्चात वह संविदा नियुक्ति हासिल करने में कामयाब हो गए।  राजनीतिक दबाव के चलते साहू को सोमनी में पदस्थ किया गया। वहां कार्य करने के बजाय उन्हें स्टोर में अटैच कर दिया गया।

सूत्रों का कहना है कि पूर्ण प्रभारी के तौर पर साहू कार्यभार सम्हालने के लिए शीर्ष नेताओं और कुछ लोगों के जरिये जोर आजमाईश कर रहे हैं। ऐसे में नियमित कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। यहां यह बता दें कि कंपाउंडर को सेवानिवृत्त पश्चात जहां पेंशन की पात्रता होगी। वहीं संविदाकर्मी के तौर पर 20 से 25 हजार रुपए का वेतन मिलेगा। यानी रिटायर्ड होने के बाद कंपाउंडर को दो तरह से आर्थिक फायदे होंगे। मिली जानकारी के मुताबिक उक्त कंपाउंडर  को नियुक्त करने के लिए अफसरों पर खासा दबाव बढ़ाया जा रहा है। इस बीच नियमित कर्मचारियों को स्वास्थ्य महकमे की यह नीति रास नहीं आ रही है। स्टोर को संविदा कर्मी के हाथ सौंपे जाने से क्रय भंडार की नियम-शर्तें पूरी तरह से दरकिनार होंगी। ऐसे में नियमित कर्मचारियों ने पूरे मामले को लेकर मौखिक रूप से शीर्ष अधिकारियों को अवगत कराया है। रिटायर्ड कर्मी के सिर्फ स्टोर में ही काम करने की दिलचस्पी को लेकर भी कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।

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