गरियाबंद

ओमिक्रॉन के खतरे की सतर्कता के लिए परिचर्चा आयोजित
06-Dec-2021 5:30 PM (49)
ओमिक्रॉन के खतरे की सतर्कता के लिए परिचर्चा आयोजित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नवापारा-राजिम, 6 दिसंबर।
राष्ट्रीय सेवा योजना, रेडक्रास व रेड-रिबन क्लब सेठ फूलचंद अग्रवाल स्मृति महाविद्यालय नियमित गतिविधि के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने देशी खेलकूद का आयोजन किया, जिसमें बाज झपट्टा, राम रावन, शेर बकरी, कितने भाई कितने आप बोलो जितने, रस्सा खींच जैसे खेलों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दूसरे चरण में कार्यक्रम संयोजक डॉ. आरके रजक द्वारा कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉंन के खतरे की सतर्कता के लिए परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें प्रमुख रूप से काजल साहू, देव्रत, चक्रधारी, प्रियंका साहू, दिनेश साहू ने अपने विचार रखे।

डॉ.आरके रजक ने बताया कि ओमिक्रांन अभी तक कुल 40 देशों में फैल चुका है। यह वाइरस पहले से पांच गुना ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है। इनके प्रमुख लक्षण हाथ, पैर, पीठ में दर्द खासी आदि हो सकते है। यह बूढ़े और बच्चों को ज्यादा संक्रमित करेगा।

काजल साहू ने बताया कि जिनको कोरोना टीका लग चुका है, उन्हें बूस्टर डोज की जरुरत होगी। अभी तक वैज्ञानिक इस वेरिएंट को नहीं समझ पाए है। सिर्फ  पुराने कोरोना की तरह सतर्कता बरते।

दिनेश साहू ने मास्क लगाने, भीड़ वाली जगहों पर न जाने, सामाजिक दूरी का पालन करे, सैनेटाइजर का प्रयोग करने कहा। इस दौरान 76 स्वयं सेवकों ने गांव एवं शहर में जागरूकता हेतु नारा लेखन, जागरूकता रैली, नुक्कड़-नाटक, व्यक्तिगत सम्पर्क में अपनी भूमिका प्रदान करने सामुहिक रूप से शपथ लिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आरके. रजक के दिशा निर्देश में संपन्न हुआ।
 

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