रायपुर

गोधन न्याय योजना, हितग्राहियों को सौ करोड़ से अधिक भुगतान
06-Dec-2021 5:36 PM (42)
गोधन न्याय योजना, हितग्राहियों को सौ करोड़ से अधिक भुगतान

हितग्राहियों को वेबसाइट-मोबाइल एप से सीधे बैंक खाते से मिल रही राशि

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 6 दिसंबर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर पशुधन के माध्यम से पशुपालकों के आय-श्रोत में वृद्धि करने के लिए कृषि विभाग द्वारा संचालित राज्य शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना संचालित की जा रही है । योजना के क्रियान्वयन के लिए चिप्स द्वारा विकसित ‘‘वेबसाईट एवं मोबाइल एप’’ से गोबर विक्रेताओं को विक्रय संबंधी जानकारी और गोबर विक्रय की राशि ऑनलाइन प्राप्त हो रही है।

उक्त जानकारी देते हुए चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी समीर विश्नोई ने बताया कि चिप्स द्वारा विकसित एप के माध्यम से आज दिनांक तक लगभग कुल 2 लाख 74 हजार 958 गोबर विक्रेताओं का पंजीकरण किया जा चुका है और लगभग 57.40 लाख च्ंिटल गोबर का क्रय किया जा चुका है. श्री समीर विश्नोई ने बताया कि चिप्स द्वारा विकसित एप के माध्यम से सितम्बर 2020 से नवम्बर 2021 तक लगभग 102 करोड़ रूपये मूल्य की 51.05 लाख च्ंिटल गोबर क्रय किया जा चुका है और 101 करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान बाधारहित और सरलतापूर्वक सीधे हितग्राही के बैंक एकाउंट में किया जाने हेतु जारी किया जा चुका है ।

उल्लेखनीय है कि चिप्स द्वारा संचालित बिल्डनेक्स्ट परियोजना अंर्तगत राज्य शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना के लिए ‘‘वेबसाईट एवं मोबाइल एप’’ अत्यंत कम लागत में इनहाउस तैयार किया गया है, जिसमे हितग्राही पंजीयन, गोबर खरीदी, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन एवं विक्रय, योजना निगरानी और हितग्राही भुगतान की सम्पूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाईन किया गया है ।

फलस्वरूप प्रदेश के गोबर विक्रेताओं को घर पर ही ऑनलाइन भुगतान प्राप्त हो रहा है और योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी मिल रही है।

एप के माध्यम से गोबर विक्रेताओं के साथ स्व-सहायता समूह को भी जोड़ा जा चुका है । साथ ही इस एप द्वारा गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने की जानकारी एवं विक्रय की व्यवस्था भी की गई है । चिप्स द्वारा विकसित इस ‘‘वेबसाईट एवं मोबाइल एप’’ को देश की ख्याति प्राप्त आई.टी. संस्था एलेट्स टेक्नोमिडिया ने डिजिटल गवर्नेंस श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार च्च्अवार्ड आफ एक्सीलेंसज्ज् भी प्रदान किया है ।

अन्य पोस्ट

Comments