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महिलाएं बनीं स्वच्छता मित्र, 6 परिवार जात-बाहर

Posted Date : 16-Apr-2018

थानखम्हरिया नपं  

आशीष मिश्रा
बेमेतरा, 16 अप्रैल (छत्तीसगढ़)। महिलाओं का स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ कर सफाई मित्र बनना समाज प्रमुखों को इतना नागवारा गुजरा, की परिवार सहित उन्हें समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुना दिया गया।  मामला जिले की थानखम्हरिया नगर पंचायत का है, जहां स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कर रही 5 महिला व 1 पुरूष को उसके परिवार सहित समाज से बाहर निकाल दिया गया है।  अब इन परिवारों की शादी, मृत्यु  सहित अन्य सुख-दुख के कार्यक्रमों में समाज के लोग व रिश्तेदार में शामिल नही होंगे। ऐसे में इन परिवारों की परेशानी बढ़ गई है।   थाना प्रभारी धनंजय सिन्हा स्वयं संज्ञान लेते हुए, समाज के लोगों को बुलाकर समझाने का प्रयास किया है। 
एसडीएम साजा यूएस साहू ने कहा कि इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। संबंधितों से जानकारी ली जाएगी। समाज से बहिष्कार करना गलत है। ऐसी कोई बात है तो दोनों पक्ष को बुलाकर समझाईश दी जाएगी।
थानखम्मरिया समाज प्रमुख बबला निषाद का कहना है कि समाज प्रमुखों को इस कार्य से आपत्ति है, इसलिए समाज से बाहर निकाला गया है।  कचरा ईकट्ठा करना धीवर समाज का काम नहीं है। कचरा उठाने का काम  समाज की महिलाओं का नहीं है। इसे बर्दाश्त नही किया जाएगा। महिलाएं ये काम छोड़ दें, फिर उन्हें समाज में शामिल किया जाएगा।
ज्ञात हो कि नगर पंचायत थानखम्हरिया में जय माता महिला स्व सहायता समूह की महिला सदस्य स्वच्छता मित्र के रूप में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कर रही है। इसमें धीवर समाज की प्रभा निषाद, सावित्री निषाद, विमला निषाद, उषा निषाद, संगीता निषाद, कौशिल्या निषाद, एवं रामजी निषाद शामिल है, जिन्हें समाज से बाहर किया गया है। 
महिलाओं ने  कहा- समाज दे रोजगार
संबंधित महिलाओं ने हिम्मत दिखाते हुए समाज प्रमुखों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सभी ने एक स्वर में कहा की सरकार के इस अभियान से उन्हें रोजगार मिल रहा है। उनका परिवार चल रहा है। इसलिए वे इस काम को नहीं छोड़ेगी।  समाज प्रमुख उनके रोजगार की व्यवस्था करे तो काम छोड़ देंगी।
कई समाजों की महिलाएं कर रही काम 
धीवर समाज की महिलाओं को रूढि़वादी परंपराओं का दंश झेलना पड़ रहा है। वर्तमान में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कई समाज की महिलाएं काम कर रही है।  सतनामी समाज, साहू समाज, गोड़ समाज सहित अन्य समाज की महिलाएं शामिल हंै, जो स्वच्छता मित्र के काम से मिल रहे वेतन से अपने परिवार का खर्च उठा रही हंै। 
नपं. अध्यक्ष मनहरण सिन्हा ने कहा कि  महिलाओं को समाज से बहिष्कृत किया जाना सही नही है। ऐसा कोई काम नहीं लिया जा रहा जिससे समाज शर्मसार हो, समाज प्रमुखों को गौरवान्ति होना चाहिए की उनके समाज की महिलाएं नगर के सफाई अभियान जैसे महत्वपूर्ण अभियान की अपनी महती भूमिका निभा रही है। फोन पर समाज प्रमुख को समझाईश दी गई है।
सीएमओ लालजी चंन्द्राकर ने कहा कि महिलाओं को सफाई कर्मी नहीं स्वच्छता मित्र के नाम से पुकारा जाए। इनसे नाली सफाई व मैला ढोने जैसा कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है। इस संबंध में समाज प्रमुख को बुलाकर समझाया जाएगा।




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