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लोकतंत्र में कास्ट, कम्युनिटी, कैश हावी

Posted Date : 16-May-2018

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 मई। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विद्यालय द्वारा बुधवार को दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में विश्वविद्यालय का तीसरा दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू और मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। समारोह में एम फिल के 23 विद्यार्थियों को, स्नातकोत्तर के 122 और स्नातक के 104 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। 
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एम वैंकेया नायडू ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और राजनीति पर जहां कटाक्ष किया वहीं मां, मातृभाषा और गुरू के सम्मान को मूलमंत्र बताया। दीक्षांत समारोह के अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री रमन सिंह ने विद्यार्थियों को ब्रेकिंग न्यूज की जगह यर्थाथ परक और गुणवत्ता वाली खबरों पर काम करने का सुझाव दिया। 
दीक्षांत समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने कहा देश में जब जागरूकता होगी तभी लोकतांत्रिक व्यवस्था सफल हो सकती है। प्रजातांत्रिक व्यवस्था में नेता में चार सी के गुण कैरेक्टर, कैपेबलिटी, कमिटमेंट और कैलीबर होना चाहिए। लेकिन आज इसकी जगह कास्ट, कम्युनिटी, कैश और क्राइम ने ले लिया है। 
पत्रकारिता पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इन दिनों सनसनीखेज खबरों और ब्रेकिंग न्यूज का दौर चल रहा है। मुझे लगता है कि खबरे जोडऩे वाली होनी चाहिए न कि तोडऩे वाली। न्यूज को व्यूज के साथ आजकल जोड़ा जा रहा है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। खबरें कनस्ट्रक्टिव हो न कि डिस्टे्रक्टिव। समाचार पत्रों का प्रकाशन मिशन से बदलकर उद्योग का रूप ले चुका है। खबरों की विश्वसनीयता खत्म हो रही है। इसलिए जरूरी है कि समाचार का प्रकाशन मिशन बतौर हो।  
संसद में इन दिनों वॉकआउट का ट्रेंड चल रहा है लेकिन सच तो ये है कि ऐसा करने से व्यवस्था ही आउट हो जाएगी। लोकतंत्र में व्यस्था के  बीच सहमति असहमति दोनों ही होनी चाहिए। लेकिन वॉकआउट का तरीका सही नहीं है। 
उपराष्ट्रपति ने कहा हर एक इंसान को मां, जन्मभूमि और मातृभाषा को कभी नहीं भूलना चाहिए। अंगे्रजों के कारण दुर्भाग्यवश मातृभाषा की जगह लोगों ने अंग्रेजी को लेकर माइंड सेट कर लिया है, लेकिन मां शब्द अंतस से उपजता है। भाषा और भावना एक साथ चलती है इसलिए मातृभाषा को अपनाना चाहिए। 
उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने कहा यह आईटी युग है, लेकिन सच्चाई ये है कि गूगल गुरू की जगह नहीं ले सकता है। इसलिए गुरू का सम्मान करें। महिला अत्याचार पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के इतने सालों बार महिला से जुड़े अपराध की घटनाएं मन विचलित कर देती है। हमारे देश में महिला के सम्मान की संस्कृति है। नदियों के नाम भी स्त्री के नाम हैं। सरस्वती शिक्षा मंत्री, लक्ष्मी वित्त मंत्री स्वरूप है। लोगों का कहना है कि पंचायत में स्त्रियों को अवसर दिया गया, लेकिन सरपंच पति ने उनकी जगह ले ली। मेरा कहना है कि महिलाओं को अवसर दें फिर देखिए पति की क्या गति होती है। 
समारोह की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री रमन सिंह ने वर्ष 1900 में राज्य के पेन्ड्रा जैसे छोटे से कस्बे से माधवराव सपे्र द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ मित्र का संदर्भ देते हुए बदलते परिवेश में आई तकनीकी क्रांति के बीच विश्वसनीय पत्रकारिता पर जोर दिया। 
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, विधानसभा अध्यक्ष गौरी शंकर अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय, सांसद रमेश बैस मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह के मौके पर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एंव जन संचार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एम एस परमार ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। तथा कुलसचिव अतुल कुमार तिवारी ने आभार व्यक्त किया। 




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