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बाल श्रमिक शिक्षकों का मुंडन प्रदर्शन संविलियन या समायोजन की मांग

Posted Date : 11-Jul-2018

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 11 जुलाई। नौकरी से हटाए गए सैकड़ों बाल श्रमिक शिक्षकों-कर्मचारियों ने बुधवार को सिर मुंडन करा धरना प्रदर्शन किया। वे सभी 16 जून से यहां बेमियादी हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि उन्हें नौकरी से हटाए करीब चार साल बीत गए, लेकिन उनका कहीं संविलियन या समायोजन नहीं किया जा रहा है। यही वजह है कि वे सभी आंदोलन के लिए विवश हैं। 
छत्तीसगढ़ राज्य बाल श्रमिक कर्मचारी संघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे शिक्षक-कर्मचारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की एक योजना के तहत वर्ष 1996 में रायपुर समेत 15 जिलों में बाल श्रमिक स्कूल खोले गए। वहां करीब डेढ़ हजार शिक्षक-कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। वर्ष 2014 में ये सभी स्कूल बंद कर दिए गए। वहां के सैकड़ों श्रमिक बच्चे सरकारी स्कूलों में भेज दिए गए और वे सभी बाहर कर दिए गए। 
उनका कहना है कि नौकरी से हटाने के बाद उनकी सरकार से चर्चा हुई थी। सरकार ने उन्हें महिला बाल विकास, शिक्षा, पंचायत आदि विभागों में समायोजन करने का आश्वासन दिया था, पर नहीं हो पाया। सभी शिक्षक-कर्मचारी 18-19 साल की नौकरी के बाद सड़क पर आ गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी विभाग में संविलियन नहीं करने पर वे सभी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। 




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