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राष्ट्रीय शिल्पगुरु सम्मान समारोह

Posted Date : 14-Sep-2018

पहली बार यहांं, पर राज्य का कोई नहीं
पूरे देश से पहुंचे दिग्गज शिल्पकार
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 14 सितंबर। छत्तीसगढ़ ग्रामोद्योग विभाग और केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय के हस्तशिल्प विभाग द्वारा शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय ऑडीटोरियम में राष्ट्रीय शिल्प गुरू एवं राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर कार्यक्रम की अध्यक्ष वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी एवं मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह द्वारा वर्ष 2016 के लिए 8 शिल्प गुरू और 25 शिल्पियों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित इस समारोह में छत्तीसगढ़ के शिल्पी पुरस्कार से वंचित रहें। 
इस अवसर पर वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा शिल्पकार कला रूपी यज्ञ में कला की आहुति देता है। जीवन की आपाधापी में जहां लोग अपने समय की खपाने की बात कहते हैं कलाकार योगदान की बात कहता है। हाल में देश के शिल्पकारों की 1.26 करोड़ कृतियों का निर्यात किया गया। यह कलाकारों की आर्थिक ताकत की पहचान है। 
शिल्पियों को 17 लाख पहचान पत्र आबंटित किए गए हैं। बीमा योजना का उन्हें लाभ मिल रहा है। मुद्रा योजना के माध्यम से शिल्पकार आर्थिक रूप से सबल हो सकता है। शिल्पकारों के बच्चों की शिक्षा के लिए व्यवस्था की जा रही है। 
राष्ट्रीय शिल्प गुरू एवं राष्ट्रीय पुरस्कार के अवसर पर मुख्यमंत्री रमन सिंह छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आयोजन के लिए आभार जताया। पीढिय़ों से संस्कृति की धरोहर को संजोने वाले शिल्पियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा- छत्तीसगढ़ में शिल्पियों के विकास के लिए मार्केटिंग पर विशेष तौर पर काम किया जा रहा है। प्रदेश में शबरी इंपोरियम की संख्या 7 से बढ़कर 17 हो गई है। छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। छत्तीसगढ़ हाट में स्थित 48 दुकानों की सहायता से शिल्पियों को विक्रय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। शिल्पकारों के बच्चों को जयपुर में प्रशिक्षण की सुविधा मुहैया कराई गई है। छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा अब तक 91 शिल्पकारों को विभिन्न विधाओं में राज्य स्तरीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ में हस्तशिल्पियों की संख्या 2600 से बढ़कर 17 हजार के आस-पास पहुंच गई है। 
शिल्पगुरू सम्मान पाने वालों में दिल्ली के मोहम्मद मतलूब, जम्मू कश्मीर के गुलाम हैदर मिर्जा, ओडीशा के कलपतरू महाराणा, पंजाब के रूपन मठारू, राजस्थान के गोपाल सैनी, अर्जुन प्रजापति, बाबूलाल मरोटिया और पश्चिम बंगाल की तृप्ति मुखर्जी शामिल रहीं। शिल्प गुरू को 2 लाख रुपये नकद तथा राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिल्पियों को 1 लाख नकद राशि दी गई।
इस अवसर पर कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, ग्रामोद्योग मंत्री पुन्नुलाल मोहले, सांसद रमेश बैस, सचिव वस्त्र राघवेंद्र सिंह, शांतमनु, विकास आयुक्त हस्तशिल्प विशेष रूप से मौजूद रहे। 




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