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फर्जी खनिज रायल्टी बुक को लेकर कांग्रेस का शासन-प्रशासन पर हमला

Posted Date : 14-Sep-2018

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 14 सितंबर। कांग्रेस ने प्रदेश में बड़े माइनिंग घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी के संचार विभाग के प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा कि तेलगी स्टाम्प घोटाले की तरह प्रदेश में भी फर्जी रायल्टी बुक के जरिए रायल्टी क्लियरेंस हासिल कर करोड़ों के राजस्व की क्षति पहुंचाई गई है। राजनांदगांव के एक ठेकेदार के रायल्टी पर्ची के सत्यापन के बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। श्री त्रिवेदी ने इस पूरे मामले में रायपुर और राजनांदगांव के जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ-साथ बड़े बिल्डरों की संलिप्तता का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है। 
श्री त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोटाले से जुड़े दस्तावेज जारी किए। उन्होंने बताया कि सबसे पहले ठेकेदार मेसर्स संतोष अग्रवाल द्वारा डोंगरगढ़ में निर्माण के ठेके में रायल्टी चुकता प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया गया। रायपुर जिले की कुल 206 नग चूना पत्थर की रायल्टी पर्ची फर्जी पाई गई। श्री त्रिवेदी ने बताया कि यहां खनिज शाखा ने रायल्टी पर्ची फर्जी पाए जाने और खनिज राजस्व की क्षति के नुकसान की आशंका जताई और इसकी सूचना राज्य शासन को दी। उन्होंने बताया कि जनपद पंचायत आरंग, अभनपुर ने भी इस तरह की गड़बडिय़ा पाई गई। 
उन्होंने बताया कि खनिज विभाग द्वारा खनिज संपदा की उत्खनन परिवहन हेतु पट्टे धारक (खदान मालिक) को रायल्टी बुक जारी करती है। जिसमें खनिज पट्टे धारक उक्त रायल्टी पर्ची से खनन कर परिवहन का कार्य करता है। चूंकि खनिज विभाग से जारी रायल्टी पर्ची की दूसरी फर्जी रायल्टी पर्ची हुबहू उपयोग किया गया।  
रायल्टी बुक की सीरियल नंबर की जानकारी जारी करने विभाग खनिज पट्टे धारक को होती है। लेकिन विधिवत जारी रायल्टी पर्ची कि तर्ज में दूसरी हूबहू फर्जी रायल्टी की जाली रायल्टी पर्ची क्लीयरेंस के कार्य उपयोग किया जा रहा था। जिससे स्वाभाविक रूप से करोड़ो की राजकोषीय क्षति हुये हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि माइनिंग क्लियरेंस के 70 फीसदी मामलों में फर्जीवाड़ा हुआ है। 
सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के द्वारा जो विभाग द्वारा दस्तावेज उपलब्ध कराये गये है, जो प्रथम दृष्टया तथ्य सामने आये है, उससे प्रतीत होता है कि नियम व कानून को ताक में रखकर यह गोरख खेल खेला गया है। इस मामले में कलेक्टर से लेकर अन्य उच्चाधिकारी जुड़े हुए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि विगत 15 वर्ष से चल रहा है। कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की अदालत की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग की है। 




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