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जगदलपुर सीट से रेखचंद का नाम तय होने के आसार, तेज कुंवर की टिकट खतरे में

Posted Date : 11-Oct-2018

कांग्रेस की बैठक में दावेदारों पर मंथन
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 11 अक्टूबर। कांग्रेस की छानबीन समिति की बैठक में दावेदारों के नाम पर मंथन हो रहा है। बताया गया कि बस्तर संभाग की 12 में से 11 सीटों पर सिंगल नाम तय हो गए हैं। सिर्फ कांकेर सीट को लेकर अलग-अलग राय आई है। 
पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक पार्टी पिछले चुनावों में हारे हुए तीन नेताओं को फिर टिकट दे सकती है। इस पर बुधवार को पार्टी की छानबीन समिति की बैठक में चर्चा हुई है। छानबीन समिति के मुखिया भूनेश्वर कलिता ने प्रदेश के नेताओं से लंबी चर्चा की है। गुरूवार को भी बैठक जारी रही। इसमें पिछले चुनावों में हारे जगदलपुर सीट से रेखचंद जैन, नारायणपुर से चंदन कश्यप और बीजापुर से विक्रम मंडावी को फिर टिकट देने पर सहमति बनी है।  
जगदलपुर सीट से पिछले चुनाव में सामू कश्यप को टिकट दी गई थी। रेखचंद वर्ष-08 में चुनाव लड़ेे थे। वे पार्टी के कई अहम पदों पर रहे हैं। उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है। छानबीन समिति के सदस्यों ने एक राय होकर उन्हें प्रत्याशी बनाने की वकालत की है। नारायणपुर सीट से पूर्व प्रत्याशी चंदन कश्यप का नाम उभरा है। पिछला चुनाव सरकार के मंत्री केदार कश्यप के मुकाबले हारने के बाद भी चंदन काफी सक्रिय रहे और यहां उन्हें सबसे मजबूत नेता माना गया। इसी तरह बीजापुर सीट से पराजित विक्रम मंडावी को फिर टिकट देने की वकालत की गई। 
विक्रम चुनाव हारने के बाद चुप नहीं रहे और वे लगातार सक्रिय रहे। इसका फायदा उन्हें मिलता दिख रहा है। विक्रम के अलावा यहां से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नीना रावतिया और जिला पंचायत उपाध्यक्ष शंकर के नाम पर भी चर्चा हुई। विक्रम के नाम पर तकरीबन सहमति बन गई है। 
सूत्र बताते हैं कि कोंटा से कवासी लखमा, दंतेवाड़ा से देवती कर्मा, बस्तर से लखेश्वर बघेल, केशकाल से संतराम नेताम, कोण्डागांव से मोहन मरकाम का नाम सिंगल पैनल में है। यह भी बताया जा रहा है कि भानुप्रतापपुर सीट से मनोज मंडावी की जगह वीरेश ठाकुर को टिकट देने पर विचार किया गया, लेकिन मनोज सीट बदलने के लिए तैयार नहीं हैं। कहा जा रहा है कि वीरेश को ही कांकेर सीट से चुनाव लड़ाने पर भी चर्चा हुई है। हालांकि समिति के सदस्य इसके लिए तैयार नहीं दिखे और शंकर ध्रुवा को ही रिपीट करने पर जोर दिया गया। यही एक सीट है जो कि पचड़े में पड़ी है। जबकि राजनांदगांव जिले की सीटों में से खैरागढ़ से गिरवर जंघेल और डोंगरगांव से दलेश्वर साहू के नाम पर ही एक राय बन पाई है। दो विधायक भोलाराम साहू और तेजकुंवर नेताम की टिकट खतरे में बताई जा रही है। यहां अन्य विकल्पों पर ज्यादा जोर दिया गया है। 




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