दुर्ग

गांवों में स्वच्छता सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए स्वच्छता टैक्स
10-Jun-2024 6:19 PM
गांवों में स्वच्छता सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए स्वच्छता टैक्स

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 10 जून।
जिले के कुल 381 ग्रामों को ओ.डी.एफ. प्लस किया जा चुका है, इनमें से 30 एस्पायरिंग, 120 रायजिंग एवं 231 मॉडल केटेगरी में आ गये है। स्वच्छता सेवाओं के बेहतर संचालन के लिये ग्राम पंचायत द्वारा ग्रामसभा में स्वयं निर्णय लेकर घरों, दुकानों, व्यवसायिक परिसरों, खदानों, बाजार आदि से स्वच्छता कर (टैक्स) लिये जाने की शुरूआत की गई है। जिला दुर्ग के 70 ग्राम पंचायत द्वारा स्वच्छता कर लिया जाना प्रारंभ किया जा चुका है। 

जानकारी के अनुसार घरों द्वारा कर देने की व्यवहार को स्थापित करने के लिये प्रारंम्भ में प्रतिघर न्यूनतम 10 रू., दुकानों से 50-100 एवं खदानों से 500 रूपये प्रति माह लिये जाने की शुरूआत की गई । साप्ताहिक बाजार ठेकेदार द्वारा बाजार की साफाई कराये जाने हेतु ग्राम पंचायत से अनुबंध किया गया है। ग्रामीणों द्वारा ग्राम सभा में सर्व सहमति से लिये गये निर्णय अनुसार ग्राम में टैक्स लेना प्रारंभ किया गया। वर्तमान में गांव में वार्षिक एवं मासिक स्वच्छता कर लिया जा रहा है। कुछ ग्राम पंचायतों में अन्य वार्षिक कर के साथ ही स्वच्छता कर को जोडक़र टैक्स लिया जा रहा है। सबसे अधिक टैक्स लेने के क्रम में प्रथम स्थान दुर्ग को प्राप्त हुआ है, जहां 73 में से 46 ग्राम पंचायत में टैक्स लिया जा रहा है, धमधा में 119 में से 15 एवं पाटन में 108 में से 9 ग्राम पंचायत में टैक्स लिया जा रहा है।

 ज.पं. दुर्ग के ग्रा.पं. कुथरेल, कोलिहापुरी, रिसामा, अंजोरा (ख), पिसेगांव, आंजोरा (ढ), नगपुरा, थनौद, बोरई, खुरसुल, पीपरछेड़ी, बेलौदी, करांजा-भिलाई, कुटेलाभाठा, खपरी-कु, रवेलीडीह, कोनारी, झोला, तिरगा, निकुम, विनायकपुर, चिखली, अछोटी, जंजगिरी, चंगोरी, खम्हारिया, हनोदा, कोडिय़ा, उमरपोटी, पुरई, पाउवारा, डुमरडीह, बोरीगारका, करगाडीह, महवारी, मचान्दुर, जनपद पंचायत धमधा के पथरिया-सह, बसनी, पोटिया-से, मुर्रा, लिटिया, मोहंदी, मलपुरीकला, पाहरा, तितुरघाट, जनपद पंचायत पाटन में पतोरा, जामगांव एम, गाड़ाडीह, झीट आदि ग्राम में टैैक्स वसूली पर बेहतर कार्य किया जा रहा है। 

यहां किया जाता डेढ़ लाख से अधिक टैक्स वसूल
जनपद पंचायत दुर्ग के ग्रा.पं. नगपुरा, निकुम, कोलिहापुरी, अंजोरा (ख .) एवं ज.पं. पाटन में पतोरा व गाड़ाडीह द्वारा प्रतिवर्ष 1.50 लाख से भी अधिक टैक्स वसूल किया जा रहा है। जिसका उपयोग स्वच्छाग्राही के मानदेय, सुरक्षा एवं कार्य सामग्री, रिक्षा, सेग्रीगेषन वर्कषेड के रख-रखाव में किया जा रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग द्वारा जानकारी दी गई कि जनपद पंचायत दुर्ग में अब तक लगभग 65600.00 जनपद पंचायत धमधा 433000.00 एवं ज.पं. पाटन में 404000.00 रुपए टैक्स लिया जा चुका है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर कुड़े कचरे की समस्या आम तौर पर बढ़ती जा रही है। वर्तमान परिस्थितियों में प्लास्टिक का उपयोग भी ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ता जा रहा है। शहरों की भांति गांव में भी पालिथिन, प्लास्टिक की बोतल, प्लास्टिक डिस्पोजल गिलास प्लेट आदि का उपयोग आम तौर पर ग्राम में होने वाले सामाजिक व पारिवारिक कार्यक्रमों के धड़ल्ले से किया जा रहा है। 

इन समस्याओं के निदान व नियंत्रण करने के लिये स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेस-2 अंतर्गत ग्राम को ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल ग्राम बनाने का लक्ष्य लिया गया है। समस्त 381 ग्राम में सेग्रीगेशन वर्क शेड स्वीकृत किये गये है, जिनमें से 362 वर्कशेड का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। एवं घर-घर कचरा एकत्रीकरण का कार्य प्रारंभ किया गया है। स्वच्छ भारत मिषन (ग्रामीण), मनरेगा, 15वें वित्त से शेड का निर्माण किया गया है।

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