रायपुर

डांगी को पीएचडी, नक्सल अभियान में सहायक आरक्षकों की भूमिका पर शोध
20-Jun-2024 7:51 PM
डांगी को पीएचडी, नक्सल अभियान में सहायक आरक्षकों की भूमिका पर शोध

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 20 जून। आईपीएस रतन लाल डांगी को दुर्ग के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने डॉक्टर की उपाधि प्रदान की है। इसके लिए शोधार्थी रतन लाल डांगी ने विश्वविद्यालय के टैगोर हॉल में अपने शोध-प्रबंध का प्रस्तुतिकरण दिया। डांगी ने अपना शोध कार्य निर्देशक डॉ. सुनीता मिश्रा, विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान शासकीय नवीन महाविद्यालय, खुर्सीपार, भिलाई एवं सहायक निर्देशक डॉ. प्रमोद यादव विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान, सेठ आरसीएस कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, दुर्ग के निर्देशन में पूर्ण किया है। आईपीएस डांगी के शोध का टॉपिक था छत्तीसगढ़ में माओवादी समस्या के उन्मूलन में सहायक पुलिस आरक्षकों की भूमिका (जिला बीजापुर के संदर्भ में) रही।  डांगी ने अपने कैरियर की शुरुआत  नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर संभाग से ही की थी।

वे एसडीओपी उत्तर बस्तर कांकेर, एसपी पश्चिम बस्तर बीजापुर, एसपी उत्तर बस्तर कांकेर, एसपी बस्तर, डीआईजी उत्तर बस्तर कांकेर एवं दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में पदस्थ रहे हैं। इन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़े खतरे के रूप में उभरी समस्या माओवाद को नजदीक से देखा है एवं इसका मुकाबला भी किया है। जिला बीजापुर में पुलिस अधीक्षक रहते हुए नक्सलियों के विरुद्ध अभियानों का नेतृत्व करने से उनको महामहिम राष्ट्रपति के द्वारा दो बार पुलिस वीरता पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है। 92 प्रतिशत युवाओं ने माना है कि उनके सहायक पुलिस आरक्षक बनने से नक्सली वारदातों में कमी आई है।

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