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दूसरे की जमीन अपनी बता सौदे के नाम पर ठगी

Posted Date : 06-Dec-2018

35 लाख लौटाने में मध्यस्थता करने वाली भी आरोपी

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 6 दिसम्बर। राजधानी के सिविल थाने के अंतर्गत एक व्यक्ति से जमीन बेचने के नाम पर 35 लाख रूपए की ठगी का मामला सामने आया है। किसी और की जमीन को अपना बता सौदा करके धोखाधड़ी की गई। कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया। पैसे लौटाने की सहमति में मध्यस्थता करने वाली महिला को भी मामले में आरोपी बनाया गया।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक न्यू शांति नगर में रहने वाले बाबी लूकस से सुनंद विश्वास उर्फ टीटू और करूणा भट्टाचार्य उर्फ बापी ने मिलकर जमीन सौदे के नाम से 35 लाख रूपए ठग लिए। घटना 16 जुलाई 2012 की बताई गई। टेऊवल्स का व्यवसाय करने वाले बाबी लूकस से सुनंद ने 2012 के मई-जून महीने में संपर्क कर दुर्ग जिले के तर्रा गांव की जमीन के बारे में बताया। सुनंद ने बाबी को तर्रा गांव ले जाकर 2.94 एकड़ जमीन दिखाया। उसने एक व्यक्ति से मिलाया और उससे जमीन अपने नाम पर खरीदना भी बताया।इसके बाद उक्त जमीन के लिए 45 रूपए वर्गफीट में सौदा कर लिया गया।
सौदा होने के बाद बाबी से सुनंद ने 8 लाख रूपए नकद और एक्सिस बैंक के चेक के माध्यम से 27 लाख रूपए ले लिया। इस प्रकार कुल 35 लाख रूपए उक्त जमीन के सौदे के एवज में ले लिया गया।इकरारनामा के मुताबिक तीन महीने में जमीन की रजिस्ट्री कराया जाना था। लेकिन समय होने पर सुनंद ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। उसकी बातों से बाबी को शक हुआ। जिसके बाद उसने तर्रा जाकर पटवारी से उक्त जमीन के कागजात निकलवाए। जमीन के दस्तावेजों से सुनंद की धोखाधड़ी सामने आई।
जानकारी मिली कि जमीन सुनंद के नाम पर थी ही नहीं। जयराम और शीतल कुमार के नाम की जमीन को अपनी बताकर बाबी से धोखा किया था। इसके बाद सुनंद से संपर्क किया गया तो उसने अपनी गलती मानकर पैसे लौटाने की सहमति दी। करूणा भट्टाचार्य की मध्यस्थता में तय हुआ कि सुनंद द्वारा बाबी से लिया गया रकम लौटाया जाएगा। 
 31 जनवरी 2013 को सुनंद ने बाबी को आईसीआईसीआई का 45 लाख रूपए का चेक दिया। चेक खाते में पर्याप्त रकम नहीं होने की वजह से बैंक द्वारा लौटा दी गई। इसके बाद बड़े लोगों के नाम पहचान बताकर बाबी को मामला आपस में बैठकर निपटा लेने के बारे में कहा जाता रहा। 19 नवंबर को पुलिस में इसकी धोखाधड़ी की शिकायत की गई। कार्रवाई नहीं होने पर बाबी ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश के बाद सिविल लाइन थाने में बुधवार को एफआईआर दर्ज की गई। सिविल लाइन थाना प्रभारी यदुमणी सिदार ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। किसी कि गिरफ्तारी अभी नहीं की गई है।




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