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साइंस कॉलेज में इंडियन नेशनल मैथेमेटिकल ओलंपियाड कार्यशाला

Posted Date : 11-Jan-2019

दुर्ग, 11 जनवरी। विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता के आंकलन हेतु मैथेमेटिक्स ओलंपियाड श्रेष्ठ उपाय है। हायर सेकेण्डरी स्तर के गणित संकाय के मेधावी विद्यार्थियों को इसमें अवश्य भाग लेना चाहिए। ये उद्गार गुरुवार को शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद ऑडियो विजुअल हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय इंडियन नेशनल मैथेमेटिकल ओलंपियाड की चार दिवसीय कार्यशाला के दौरान आमंत्रित रिसोर्स पर्सन ने व्यक्त किये। 10 से 13 जनवरी तक आयोजित होने वाली इस कार्यशाला के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि सेंट जेवियर्स कालेज, अहमदाबाद के डॉ. उद्यन प्रजापति ने अपने संबोधन में प्रतिभागी विद्यार्थियों से आव्हान किया कि अपनी जिज्ञासाओं का समाधान करने में वे कभी संकोच न करें।

 शंकारहित विद्यार्थी ही जीवन में सफल होता है। विशेष अतिथि डॉ. राजेन्द्र पावले, मुबंई विश्वविद्यालय, मुबंई एवं डॉ. संजीवनी धरे, रामनारायण रूईया, स्वशासी महाविद्यालय मुबंई ने भी अपने सारगर्भित उद्बोधन से विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम.ए. सिद्दीकी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से सम्पूर्ण प्रदेश के विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के गणितज्ञों के अनुभव का लाभ प्राप्त होता है। आयोजन सचिव डॉ. राकेश तिवारी ने जानकारी दी कि यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर द्वारा प्रायोजित है। इसमें प्रदेश के आरएमओ परीक्षा में चयनित कुल 39 विद्यार्थी एवं अंचल के विभिन्न स्कूलों के व्याख्याता भाग ले रहे हैं। बस्तर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. वी.के. पाठक ने स्वागत भाषण एवं अतिथियों का परिचय दिया।




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